Saturday, September 5, 2026

UP: प्रयागराज में महिला के पेट से निकलीं छह सुइयां, आंत में हो गए थे कई छेद, डॉक्टरों ने बचाई जान

UP: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला के पेट से डॉक्टरों ने छह सुइयों के साथ कई दूसरी नुकीली और अखाद्य चीजें निकालकर उसकी जान बचाई।

महिला को पिछले कुछ समय से ऐसी चीजें खाने की आदत हो गई थी, जिन्हें सामान्य तौर पर खाना संभव नहीं है। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के दौरान शरीर के अंदर की गंभीर स्थिति सामने आई।

एक्स-रे और सीटी स्कैन में दिखीं सुइयां

महिला को इलाज के लिए नारायण स्वरूप अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद एक्स-रे कराया। इसमें पेट के अलग-अलग हिस्सों में कई सुइयां दिखाई दीं।

इसके बाद सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें पता चला कि नुकीली वस्तुओं की वजह से महिला की आंत में कई जगह छेद हो चुके हैं।

मेडिकल भाषा में आंत में इस तरह छेद होने की स्थिति को परफोरेशन कहा जाता है। इस वजह से पेट के अंदर संक्रमण फैलने लगा था

आंत से मल का रिसाव भी हो रहा था। स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने बिना देरी किए ऑपरेशन करने का फैसला लिया।

दो सुइयां आंत को पार कर पहुंची थीं गुर्दे तक

सर्जरी के दौरान डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शरीर के अंदर फंसी सुइयों को सुरक्षित तरीके से निकालना था।

जांच में पता चला कि दो सुइयां आंत को पार करते हुए दाहिने गुर्दे तक पहुंच गई थीं। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आसपास के अंगों को नुकसान पहुंचा सकती थी।

डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान सी-आर्म मशीन की मदद ली। इस तकनीक से शरीर के अंदर मौजूद सुइयों की स्थिति को लगातार देखा गया और उनके स्थान के अनुसार सर्जरी की गई।

करीब ढाई घंटे चली जटिल सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने छह सुइयों समेत दूसरी नुकीली वस्तुओं को बाहर निकाल दिया।

साथ ही आंत में हुए छेदों की मरम्मत की गई। मल के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टरों को अस्थायी कोलोस्टॉमी भी करनी पड़ी।

क्या है Pica बीमारी?

डॉक्टरों के मुताबिक, Pica एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति खाने योग्य चीजों के बजाय ऐसी वस्तुएं खाने लगता है जिन्हें सामान्य रूप से भोजन नहीं माना जाता। इसमें मिट्टी, कागज, बाल, कांच या दूसरी अखाद्य चीजें शामिल हो सकती हैं।

इस तरह की आदत के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद या दूसरी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां इसकी वजह बन सकती हैं।

वहीं, कुछ लोगों में आयरन या अन्य पोषक तत्वों की कमी भी ऐसी समस्या से जुड़ी हो सकती है।

कुछ मरीजों में बाल खाने की आदत भी देखी जाती है। इसे ट्राइकोफेजिया (Trichophagia) कहा जाता है।

अगर कोई व्यक्ति लगातार ऐसी चीजें खा रहा है जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं, तो इसे सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

समय पर इलाज से बची महिला की जान

डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय महिला की हालत गंभीर थी। आंत में कई जगह छेद होने और संक्रमण फैलने के कारण स्थिति तेजी से बिगड़ सकती थी। खास तौर पर गुर्दे तक पहुंची सुइयों को निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था।

हालांकि, समय पर जांच और सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने सभी जरूरी उपचार किए।

ऑपरेशन के बाद महिला को कुछ समय ICU में निगरानी में रखा गया। हालत में सुधार होने पर उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अब वह सामान्य भोजन कर रही है।

डॉक्टरों की टीम का कहना है कि केवल सर्जरी से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी।

महिला की मानसिक स्थिति को समझना और दोबारा ऐसी चीजें खाने की आदत न लौटे, इसके लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है।

ऐसी आदत को नजरअंदाज न करें

विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे और वह मिट्टी, कागज, कांच, बाल, सुई या दूसरी अखाद्य वस्तुएं खाने लगे, तो इसे छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

प्रयागराज का यह मामला बताता है कि ऐसी आदत दिखने में भले ही असामान्य लगे, लेकिन इसके पीछे स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है। समय पर मेडिकल जांच और सही उपचार से बड़ी जटिलताओं को रोका जा सकता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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