Monday, May 25, 2026

Unplanned Pregnancy: जान लें शादी से पहले अबॉर्शन कराने के नुकसान, जीवनभर नहीं बन सकती मां!

Unplanned Pregnancy: कॉलेज, ऑफिस या सोशल मीडिया के इस दौर में युवाओं के बीच रिश्ते बहुत जल्दी गहरे हो रहे हैं। पार्टनर्स के बीच इमोशनल बॉन्डिंग के बाद फिजिकल रिलेशन बनना भी अब आम बात होती जा रही है।

लेकिन सही जानकारी, जागरूकता और सावधानी (Safe Sex) की कमी के कारण कई बार कपल्स के सामने अनचाही प्रेग्नेंसी (Unplanned Pregnancy) की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है।

ऐसी स्थिति सामने आने पर बदनामी का डर, सामाजिक दबाव और परिवार से बात छिपाने की व्याकुलता में कई लड़कियां डॉक्टरों की सलाह के बिना, खुद ही छुपकर अबॉर्शन (गर्भपात) का रास्ता चुन लेती हैं।

डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि बिना सही सलाह और अधूरी जानकारी के साथ उठाया गया यह कदम आगे चलकर मां बनने की राह में एक बड़ा रोड़ा बन सकता है।

मेडिकल स्टोर से सीधे पिल्स (Abortion Pills) लेना पड़ सकता है भारी

Unplanned Pregnancy: आजकल इंटरनेट पर मौजूद अधूरी जानकारी और मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से मिलने वाली अबॉर्शन पिल्स के कारण युवाओं में एक खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। कई लड़कियां बिना किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श किए इन दवाओं का सीधे सेवन कर लेती हैं।

एक्सपर्ट्स की राय: हर महिला के शरीर की बनावट और उसकी प्रेग्नेंसी की स्थिति पूरी तरह अलग होती है। बिना अल्ट्रासाउंड या डॉक्टर की जांच के खुद से दवा लेना बेहद जोखिम भरा और जानलेवा हो सकता है। कई मामलों में दवाओं की गलत खुराक के कारण अधूरा अबॉर्शन (Incomplete Abortion) हो जाता है। इसका मतलब है कि गर्भ का कुछ हिस्सा अंदर ही रह जाता है, जिससे गर्भाशय में इन्फेक्शन फैलने लगता है और स्थिति गंभीर होने पर महिला को इमरजेंसी में अस्पताल भर्ती कराना पड़ता है।

बिना डॉक्टरी सलाह अबॉर्शन के गंभीर नुकसान

Unplanned Pregnancy: गलत तरीके से या बिना डॉक्टर की देखरेख में गर्भपात कराने से महिला के शरीर पर इसके कई विपरीत और लंबे समय तक रहने वाले प्रभाव पड़ते हैं:

अत्यधिक ब्लीडिंग (Heavy Bleeding): बिना डॉक्टरी मार्गदर्शन के पिल्स लेने से कई बार ब्लीडिंग कंट्रोल से बाहर हो जाती है, जिससे शरीर में खून की भारी कमी हो जाती है।

असहनीय शारीरिक कष्ट: इस दौरान पेट, कमर और पेल्विक एरिया में तेज व असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है।

आंतरिक संक्रमण (Internal Infection): असुरक्षित गर्भपात के कारण गर्भाशय (Uterus) में खतरनाक बैक्टीरिया का संक्रमण फैल सकता है।

कमजोरी और चक्कर आना: अत्यधिक रक्तस्राव और मानसिक तनाव के कारण शरीर पूरी तरह टूट जाता है और कमजोरी व चक्कर आने की समस्या बढ़ जाती है।

हार्मोनल असंतुलन: दवाइयों के अनियंत्रित प्रभाव से शरीर के हार्मोन्स पूरी तरह बिगड़ जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आगे चलकर पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।

क्या बार-बार अबॉर्शन से बढ़ जाता है बांझपन (Infertility) का खतरा?

युवतियों के मन में अक्सर यह सवाल और डर होता है कि क्या गर्भपात के कारण वे भविष्य में कभी मां नहीं बन पाएंगी? इस विषय पर डॉक्टरों का मत बेहद गंभीर है:

गर्भाशय की दीवारों का कमजोर होना: बार-बार या गलत तरीके से (जैसे अवैध क्लीनिकों में औजारों द्वारा) कराया गया अबॉर्शन गर्भाशय की आंतरिक परतों और दीवारों को स्थाई रूप से कमजोर या क्षतिग्रस्त कर देता है।

मिसकैरेज (गर्भपात) का डर: गर्भाशय के कमजोर होने के कारण भविष्य में शादी के बाद जब महिला दोबारा गर्भधारण (कंसीव) करना चाहती है, तो प्रेग्नेंसी टिकने में भारी परेशानी होती है और बार-बार मिसकैरेज का खतरा बना रहता है।

इनफर्टिलिटी का जोखिम: यदि असुरक्षित अबॉर्शन के कारण फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक हो जाए या गर्भाशय में गहरा इन्फेक्शन हो जाए, तो इनफर्टिलिटी (बांझपन) का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

शरीर ही नहीं, मानसिक सेहत पर भी पड़ता है गहरा असर

अबॉर्शन का दर्द सिर्फ शारीरिक स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह महिलाओं को मानसिक रूप से भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है:

गिल्ट और डिप्रेशन: समाज का डर, बदनामी की चिंता और मन में लगातार चलने वाला गिल्ट (पछतावा) लड़कियों को डिप्रेशन और एंग्जायटी (चिंता) की ओर धकेल देता है।

रिलेशनशिप का तनाव: कई बार इस मुश्किल घड़ी में पार्टनर का साथ न मिलना, उसका पीछे हट जाना या रिश्ता टूटने का डर लड़की के ऊपर मानसिक दबाव को दोगुना कर देता है, जिससे वह खुद को पूरी तरह अकेला महसूस करने लगती है।

एक्सपर्ट एडवाइस: युवाओं के लिए क्या जानना है जरूरी?

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने युवाओं को इस गंभीर और संवेदनशील स्थिति से बचने के लिए कुछ बेहद जरूरी सलाह दी हैं:

रिश्ते में जिम्मेदारी समझें: रिलेशनशिप में केवल भावनाओं या आकर्षण में न बहें। अपनी और अपने पार्टनर की सेहत तथा भविष्य के प्रति जिम्मेदार बनें।

Safe Sex को प्राथमिकता दें: अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने का सबसे सही तरीका है कि हमेशा प्रामाणिक प्रोटेक्शन (गर्भनिरोधक उपायों) का इस्तेमाल करें। लापरवाही बड़ी मुसीबत बन सकती है।

इंटरनेट के ज्ञान पर अंधविश्वास न करें: गूगल, यूट्यूब या सोशल मीडिया पर दी गई अबॉर्शन की दवाओं या घरेलू नुस्खों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। यह आपकी जान जोखिम में डाल सकता है।

सही मेडिकल हेल्प लें: यदि कभी ऐसी अनचाही स्थिति आ भी जाए, तो डरने या छुपकर गलत कदम उठाने के बजाय किसी योग्य डॉक्टर से मिलें। कानूनन और नैतिक रूप से आपकी गोपनीयता (Privacy) बनाए रखना डॉक्टर की जिम्मेदारी होती है। हमेशा याद रखें, सेहत से बढ़कर कुछ भी नहीं है।

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