Monday, July 13, 2026

Skin Whitening Cream: फेस को गोरा बनाने वाली क्रीमों पर बड़ा खुलासा, मरकरी और लेड मिलने से कितना खतरा

Skin Whitening Cream: कुछ ही दिनों में त्वचा को गोरा और चमकदार बनाने का दावा करने वाली कई ब्यूटी क्रीम अब सवालों के घेरे में हैं।

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में कुछ कॉस्मेटिक उत्पादों में तय सीमा से कई गुना

अधिक मरकरी (Mercury) और लेड (Lead) जैसी जहरीली भारी धातुएं मिलने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

शुरुआती जांच में यह भी पाया गया कि कुछ उत्पादों की पैकेजिंग पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारी तक दर्ज नहीं थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित उत्पादों के निर्माण और बिक्री की जांच शुरू कर दी गई है।

किन उत्पादों पर उठे सवाल?

जांच के दौरान जिन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के नाम सामने आए हैं, उनमें Goree Beauty Cream, Goree Beauty Whitening Body Lotion,

Goree Whitening Soap, Face Fresh Gold Plus और Golden Star Beauty Cream शामिल हैं।

इन उत्पादों में खतरनाक स्तर पर मरकरी और लेड पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से इनका इस्तेमाल न करने की अपील की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि त्वचा को जल्दी गोरा बनाने का दावा करने वाले कई अनियमित उत्पादों में ऐसे रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है

जो शुरुआत में त्वचा को चमकदार दिखा सकते हैं, लेकिन लंबे समय में शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्यों मिलाया जाता है मरकरी?

त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ स्किन व्हाइटनिंग क्रीमों में अवैध रूप से मरकरी मिलाया जाता है क्योंकि यह शरीर में मेलानिन बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।

मेलानिन वही प्राकृतिक पिगमेंट है, जो त्वचा का रंग तय करता है। जब इसकी मात्रा कम होती है तो त्वचा कुछ समय के लिए पहले से अधिक गोरी दिखाई देने लगती है।

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे उत्पादों का असर 10 से 15 दिनों के भीतर दिखाई दे सकता है, लेकिन यही तेजी आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

यदि किसी क्रीम में मरकरी की मात्रा अधिक हो तो कुछ ही दिनों में किडनी प्रभावित होने लगती है, ज

बकि कम मात्रा होने पर भी लगातार उपयोग शरीर में धीरे-धीरे विषाक्त प्रभाव पैदा करता रहता है।

केवल त्वचा नहीं, पूरे शरीर पर पड़ता है असर

मरकरी का खतरा सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं रहता। यह त्वचा के जरिए शरीर में प्रवेश कर खून के माध्यम से किडनी, बोन मैरो और अन्य अंगों तक पहुंच सकता है।

लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और गंभीर मामलों में डायलिसिस की जरूरत तक पड़ सकती है।

इसके अलावा मरकरी का असर हमारी बॉडी पर भी पड़ता है। लगातार संपर्क में रहने वाले लोगों में हाथ कांपना,

याददाश्त कमजोर होना, चिंता, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं।

कुछ मामलों में सुनने और देखने की क्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

लेड भी बन सकता है गंभीर खतरा

जांच में कई उत्पादों में लेड की मात्रा भी तय मानकों से अधिक पाई गई। विशेषज्ञ बताते हैं कि त्वचा को गोरा करने में लेड की कोई वैज्ञानिक भूमिका नहीं है।

इसकी मौजूदगी अक्सर खराब गुणवत्ता वाले कच्चे माल या असुरक्षित निर्माण प्रक्रिया की ओर संकेत करती है।

लेड शरीर में धीरे-धीरे जमा होता रहता है और दिमाग, किडनी, रक्त बनाने वाले अंगों तथा प्रजनन तंत्र को प्रभावित कर सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लेड की कोई भी मात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जाती।

यदि किसी व्यक्ति का संपर्क मरकरी और लेड दोनों से एक साथ होता है तो स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कई गुना बढ़ सकते हैं।

खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग को ध्यान से जांचें।

निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, निर्माता का नाम, बैच नंबर और आवश्यक लाइसेंस संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए।

बिना लेबल वाले या संदिग्ध उत्पादों से बचना ही सुरक्षित विकल्प है।

साथ ही केवल विज्ञापनों या सोशल मीडिया पर किए गए दावों के आधार पर कोई भी स्किन व्हाइटनिंग क्रीम इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए।

त्वचा को सुरक्षित रखने का सही तरीका

त्वचा का प्राकृतिक रंग बदलने के बजाय उसकी सेहत का ध्यान रखना अधिक जरूरी है।

यदि चेहरे पर पिग्मेंटेशन, दाग-धब्बे, झाइयां या त्वचा संबंधी कोई अन्य समस्या है, तो स्वयं इलाज करने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।

डॉक्टर आपकी त्वचा की जांच के बाद सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपचार की सलाह देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ त्वचा पाने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद,

नियमित सनस्क्रीन का उपयोग और सही स्किनकेयर रूटीन अपनाना किसी भी “इंस्टेंट फेयरनेस” क्रीम से कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

चमकदार त्वचा का मतलब केवल गोरा रंग नहीं, बल्कि स्वस्थ और सुरक्षित त्वचा है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article