कॉफी स्टार्टअप्स की नई रेस: एक समय था जब भारत को चाय पीने वालों का देश माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। युवा पीढ़ी, ऑफिस कल्चर, प्रीमिकम कैफे, स्पेशलिटी कॉफी और बदलती लाइफस्टाइल ने कॉफी को नया मुकाम दिलाया है।
यही कारण है कि देश में कॉफी स्टार्टअप्स तेजी से उभर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि अब बॉलीवुड और क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां भी इस क्षेत्र में करोड़ों रुपये का निवेश कर रही हैं।
दूसरी ओर, दुनिया के बड़े विदेशी कॉफी ब्रांड भी भारतीय बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने में जुट गए हैं। हाल के वर्षों में भारत का प्रीमियम कॉफी बाजार तेज़ी से बढ़ा है और कई घरेलू स्टार्टअप्स ने बड़े निवेश भी जुटाए हैं।
कॉफी बाजार ने 10 साल में लगाई छलांग
कॉफी स्टार्टअप्स की नई रेस: पिछले एक दशक में भारत का कॉफी बाजार तेजी से बढ़ा है। अनुमान है कि देश का कॉफी बाजार अब करीब 11,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
पहले जहां कुछ चुनिंदा कैफे और ब्रांड ही दिखाई देते थे, वहीं अब देशभर में स्पेशलिटी कॉफी, प्रीमियम बीन्स और नए फ्लेवर वाले ब्रांड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
2016 के बाद से भारत में 100 से ज्यादा नए स्पेशलिटी कॉफी ब्रांड सामने आए हैं। इन स्टार्टअप्स ने केवल कॉफी बेचने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि ग्राहकों को एक अलग कैफे अनुभव, नई तकनीक और बेहतर गुणवत्ता के जरिए आकर्षित किया है।
विराट से दीपिका तक… कॉफी स्टार्टअप्स का बढ़ता क्रेज
कॉफी स्टार्टअप्स की नई रेस: भारतीय कॉफी स्टार्टअप्स की सबसे बड़ी ताकत अब सेलेब्रिटी निवेश बनता जा रहा है। कई बड़े नाम इस इंडस्ट्री में निवेश कर चुके हैं।
विराट कोहली ने Rage Coffee में निवेश किया है और इस ब्रांड को तेजी से बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
दीपिका पादुकोण ने ब्लू टोकाई जैसे प्रीमियम कॉफी स्टार्टअप में निवेश कर यह संकेत दिया कि भारत में स्पेशलिटी कॉफी का भविष्य उज्ज्वल है।
प्रियंका चोपड़ा भारतीय कॉफी स्टार्टअप Savorworks Coffee और The Brew Project जैसे उपक्रमों से जुड़ी रही हैं, जिससे भारतीय ब्रांड्स को वैश्विक पहचान मिलने में मदद मिली।
राम चरण ने हैदराबाद आधारित कॉफी स्टार्टअप्स में निवेश कर दक्षिण भारत के कॉफी बिजनेस को नई गति दी है।
क्रिकेटर कृणाल पंड्या और कनाडाई रैपर एपी ढिल्लों जैसे नाम भी कॉफी बिजनेस में निवेश कर चुके हैं, जिससे इस सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
दक्षिण भारत से निकलकर पूरे देश में फैल रहा कॉफी कल्चर
कॉफी स्टार्टअप्स की नई रेस: भारत में कॉफी की सबसे मजबूत पकड़ लंबे समय से दक्षिण भारत में रही है, लेकिन अब इसका विस्तार उत्तर भारत तक तेजी से हो रहा है।
बेंगलुरु में 1,200 से अधिक कैफे मौजूद हैं और यह देश का सबसे बड़ा कॉफी हब माना जाता है। यहां हर 11 लोगों पर लगभग एक कैफे होने का अनुमान है।
चेन्नई में प्रति व्यक्ति कॉफी की खपत लगातार बढ़ रही है और इसे देश की फिल्टर कॉफी कैपिटल भी कहा जाता है।
वहीं दिल्ली-एनसीआर भारत का सबसे तेजी से बढ़ता कॉफी बाजार बनकर उभरा है। यहां कॉफी बाजार की सालाना वृद्धि दर करीब 22% बताई जा रही है, जो देश में सबसे तेज मानी जा रही है।
विदेशी कॉफी ब्रांडों की भी भारत पर पैनी नजर
कॉफी स्टार्टअप्स की नई रेस: भारतीय बाजार की बढ़ती मांग को देखते हुए दुनिया की बड़ी कॉफी कंपनियां भी भारत में तेजी से विस्तार कर रही हैं। साल 2000 के आसपास भारत में कैफे संस्कृति ने कदम रखा था,
लेकिन पिछले एक दशक में देश का कॉफी बाजार इतना तेजी से बढ़ा कि कम से कम छह बड़े वैश्विक कॉफी ब्रांड यहां अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। इनमें से कई ब्रांड 2022 के बाद और कुछ 2025 के दौरान भारतीय बाजार में पहुंचे हैं।
इन विदेशी कंपनियों की एंट्री से भारतीय स्टार्टअप्स को कड़ी प्रतिस्पर्धा जरूर मिली है, लेकिन इससे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प, बेहतर गुणवत्ता और नए फ्लेवर भी मिले हैं।
भारतीय स्टार्टअप्स भी नहीं हैं पीछे
कॉफी स्टार्टअप्स की नई रेस: विदेशी कंपनियों की चुनौती के बावजूद भारतीय कॉफी स्टार्टअप्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ब्लू टोकाई, थर्ड वेव कॉफी, एबकॉफी और अन्य ब्रांड लगातार नए शहरों में विस्तार कर रहे हैं और करोड़ों रुपये की फंडिंग हासिल कर रहे हैं।
कॉफी स्टार्टअप्स बन रहे निवेशकों की पहली पसंद
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बढ़ती आय, युवाओं की बदलती पसंद, वर्क फ्रॉम कैफे कल्चर, ऑनलाइन फूड डिलीवरी और प्रीमियम फूड-ड्रिंक सेगमेंट की मांग ने कॉफी बिजनेस को नई ऊंचाई दी है।
यही कारण है कि निवेशक अब इस सेक्टर को केवल कैफे बिजनेस नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार के रूप में देख रहे हैं।
क्या आगे और बढ़ेगा भारत का कॉफी बाजार?
कॉफी स्टार्टअप्स की नई रेस: मौजूदा रुझान संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत का कॉफी उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
नए स्टार्टअप्स, सेलेब्रिटी निवेश, विदेशी कंपनियों की एंट्री और ग्राहकों की बदलती पसंद इस सेक्टर को लगातार मजबूत बना रही है।
यदि यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में भारत केवल चाय का ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते कॉफी बाजारों में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
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