Saturday, July 11, 2026

अमरनाथ यात्रा के बीच तेजी से पिघला बाबा बर्फानी का हिमलिंग, पर्यावरणीय बदलाव पर फिर उठे सवाल

अमरनाथ यात्रा: हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनने वाली अमरनाथ यात्रा इस बार एक अलग वजह से चर्चा में है।

शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग तेजी से छोटा हो गया, जिससे पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

हालांकि हिमलिंग के पिघलने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और यात्रा पूरी तरह सुचारु रूप से जारी है।

प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सभी सुरक्षा और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

बाबा बर्फानी का हिमलिंग क्यों है खास?

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में हर वर्ष प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनता है।

गुफा की छत से टपकने वाली पानी की बूंदें अत्यधिक ठंड के कारण जमकर बर्फ की एक ऊर्ध्वाकार संरचना का रूप लेती हैं।

इसे वैज्ञानिक भाषा में स्टैलेग्माइट कहा जाता है, जबकि श्रद्धालु इसे भगवान शिव का दिव्य स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना करते हैं।

यह हिमलिंग पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से बनता है और इसका आकार हर साल मौसम, तापमान और नमी के स्तर के अनुसार बदलता रहता है।

पांच दिनों में तेजी से घटा हिमलिंग का आकार

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई को हुई थी। यात्रा शुरू होने के समय हिमलिंग की ऊंचाई करीब पांच फीट बताई गई थी,

जबकि मई के अंत में सामने आई तस्वीरों में इसका आकार लगभग सात फीट तक दिखाई दे रहा था।

लेकिन यात्रा शुरू होने के केवल पांच दिनों के भीतर हिमलिंग का अधिकांश हिस्सा पिघल गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार इसका लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा समाप्त हो चुका है।

इतनी तेज गति से हिमलिंग का छोटा होना सामान्य नहीं माना जा रहा, जिसके चलते पर्यावरण विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने मौसम में हो रहे बदलावों पर चिंता जताई है।

हिमलिंग जल्दी पिघलने की क्या हो सकती हैं वजहें?

विशेषज्ञों का मानना है कि हिमलिंग के आकार पर कई प्राकृतिक और मानवीय कारकों का असर पड़ता है।

बढ़ता तापमान, कम बर्फबारी, मौसम में असामान्य बदलाव और गुफा के आसपास बढ़ी मानवीय गतिविधियां इसके प्रमुख कारण मानी जा रही हैं।

हालांकि वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट करते हैं कि हिमलिंग का हर साल अलग आकार होना कोई नई बात नहीं है।

यदि आने वाले दिनों में तापमान शून्य से नीचे चला जाए या भारी बर्फबारी हो, तो हिमलिंग के दोबारा बनने की सीमित संभावना हो सकती है।

फिलहाल मौसम की स्थिति को देखते हुए इसकी संभावना काफी कम मानी जा रही है।

श्रद्धालुओं की आस्था में नहीं आई कोई कमी

हिमलिंग के तेजी से पिघलने की खबरों के बावजूद अमरनाथ यात्रा पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है।

श्रद्धालु बड़ी संख्या में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।

यात्रा के शुरुआती चार दिनों में ही 86 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पांचवें दिन यह संख्या एक लाख के पार पहुंचने का अनुमान लगाया गया।

दूसरे दिन ही 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का रिकॉर्ड बना, जिसे पिछले कई वर्षों में दूसरे दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है और अभी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का दर्शन करना बाकी है।

कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है यात्रा

हाल ही में पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले के बाद इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत की गई है।

प्रशासन, सुरक्षा बल और आपदा प्रबंधन टीमें पूरे यात्रा मार्ग पर तैनात हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।

यात्री पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं।

दोनों मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा जांच और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि पिछले चार वर्षों की तुलना में इस बार यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी सलाह पर ध्यान देने की अपील की है।

57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी।

हिमलिंग के आकार में आई कमी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पहले की तरह कायम है,

जबकि पर्यावरण विशेषज्ञ इसे हिमालयी क्षेत्र में बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों का गंभीर संकेत मान रहे हैं।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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