Saturday, July 11, 2026

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: भारत-न्यूजीलैंड के रिश्तों को मिली नई उड़ान!

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (11 जुलाई) को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऐसा भावनात्मक भाषण दिया, जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों का दिल जीत लिया।

पूरा सभागार ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों की मजबूती, प्रवासी भारतीयों के योगदान और दोनों देशों के साझा भविष्य पर विस्तार से बात की।

इस दौरान उन्होंने करीब 25-30 साल पुरानी अपनी न्यूजीलैंड यात्रा से जुड़ा एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसने पूरे कार्यक्रम को भावुक बना दिया।

30 साल पुराने मफलर की कहानी सुनाकर भावुक हुए प्रधानमंत्री

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि लगभग 25-30 वर्ष पहले, जब वे किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे और सार्वजनिक जीवन में बहुत कम लोग उन्हें जानते थे, तब उन्हें पहली बार न्यूजीलैंड आने का अवसर मिला था।

उसी यात्रा के दौरान एक स्थानीय नागरिक ने उन्हें तीन उपहार दिए थे—एक मफलर, एक टोपी और एक जोड़ी दस्ताने।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने इन उपहारों को आज तक बेहद संभालकर रखा है। इतना ही नहीं, ऑकलैंड के इस कार्यक्रम में भी वे वही पुराना मफलर पहनकर पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक मफलर नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड के लोगों के स्नेह और अपनत्व की याद है, जिसे उन्होंने वर्षों से अपने दिल के बेहद करीब रखा है।

भारत के लिए जनसंख्या नहीं, जनकल्याण की भावना सबसे बड़ी

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत किसी देश का महत्व उसकी आबादी से नहीं, बल्कि उसकी जनकल्याण की सोच से आंकता है।

उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने दुनिया को कई प्रेरणादायक उदाहरण दिए हैं और भारत ने भी उससे बहुत कुछ सीखा है।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि न्यूजीलैंड दुनिया का पहला देश था जिसने महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया।

इसी सोच से प्रेरणा लेते हुए भारत आज ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ (Women-led Development) के विजन पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां आज हर क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रही हैं और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

भारत-न्यूजीलैंड के रिश्तों को मिली नई दिशा

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: प्रधानमंत्री की इस यात्रा का मुख्य केंद्र भारत और न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक, आर्थिक और द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देना रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में 18 महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति बनी, जबकि दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 10 अहम समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना बढ़ाकर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।

इसके अलावा व्यापार, निवेश, शिक्षा, कृषि, विज्ञान, तकनीक, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

‘कोलेब’ का दौर है, भारत और न्यूजीलैंड साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से जुड़ने वाले अंदाज में कहा कि अगर कंटेंट क्रिएटर्स की भाषा में बात करें तो आज का समय “कोलेब” यानी सहयोग का है। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड भी हर क्षेत्र में मिलकर नई संभावनाएं तलाश सकते हैं।

उन्होंने खासतौर पर खेलों का जिक्र करते हुए कहा कि रग्बी न्यूजीलैंड की पहचान है और भारत इस खेल में न्यूजीलैंड के अनुभव से सीखना चाहता है।

उन्होंने कहा कि भारत को कोच, विशेषज्ञ और तकनीकी सहयोग की जरूरत है, जिसमें न्यूजीलैंड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

चंद्रयान की सफलता पर न्यूजीलैंड भी खुशी से झूम उठा था

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान और अंतरिक्ष जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी दोनों देश मजबूत साझेदार बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब भारत का चंद्रयान मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरा था, तब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरा न्यूजीलैंड भी उस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मना रहा था।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत के कई अंतरिक्ष अभियानों में न्यूजीलैंड की स्पेस कंपनियों का महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग रहा है।

हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी दिल में बसता है हिंदुस्तान

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भले ही भारतीय समुदाय हजारों किलोमीटर दूर न्यूजीलैंड में रहता हो, लेकिन उनके दिल में भारत हमेशा धड़कता है। शरीर भले ही विदेश में हो, लेकिन मन हमेशा मातृभूमि से जुड़ा रहता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में रहने वाले भारतीय वहां की प्रगति में पूरी ईमानदारी से योगदान देते हैं।

वे अपनी जन्मभूमि से जितना प्रेम करते हैं, उतना ही समर्पण अपनी कर्मभूमि के प्रति भी रखते हैं। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है।

न्यूजीलैंड की सड़कों पर दिखती है भारतीय संस्कृति की झलक

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड में भारतीय संस्कृति और भारतीय समुदाय के सम्मान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यहां की कई सड़कों और इलाकों के नाम भारतीय शहरों और स्थानों पर रखे गए हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यहां खंडाला हिल्स, बॉम्बे हिल्स, कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट और अमृतसर स्ट्रीट जैसे कई नाम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत और न्यूजीलैंड के गहरे सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जब भी वे न्यूजीलैंड के नेताओं से मिलते हैं, वे भारतीय समुदाय की मेहनत, ईमानदारी और योगदान की खुलकर सराहना करते हैं। उनकी तारीफ सुनकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से गर्व महसूस होता है।

‘वाका’ परंपरा का जिक्र कर बताया दोनों देशों का साझा सफर

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड की प्रसिद्ध माओरी परंपरा ‘वाका’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि माओरी भाषा में ‘वाका’ का अर्थ पारंपरिक नाव होता है, जो लोगों को जोड़ने और नई यात्राओं का प्रतीक मानी जाती है।

उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का रिश्ता भी इसी ‘वाका’ की तरह है, जिसमें दोस्ती, विश्वास, साझा मूल्य और भविष्य की नई संभावनाएं शामिल हैं।

उन्होंने ऑकलैंड से लेकर वेलिंगटन, क्राइस्टचर्च और क्वीन्सटाउन तक फैले भारतीय समुदाय को इस साझा यात्रा का सबसे मजबूत आधार बताया।

अब 40 साल का इंतजार नहीं

30 साल पुराने मफलर से PM मोदी ने जीता दिल: अपने संबोधन के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की वैश्विक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता है और मोबाइल डेटा उपयोग के मामले में भी अग्रणी देशों में शामिल है। साथ ही भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इस बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को न्यूजीलैंड आने में करीब 40 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत के प्रधानमंत्री लगातार न्यूजीलैंड आते रहेंगे। अपने खास अंदाज में उन्होंने कहा, “यह मोदी की गारंटी है।”

ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन केवल एक सामुदायिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला एक ऐतिहासिक अवसर साबित हुआ।

30 साल पुराने मफलर की भावुक कहानी से लेकर 18 बड़े फैसलों, 10 समझौतों, व्यापार बढ़ाने के लक्ष्य, अंतरिक्ष सहयोग, खेल, महिला सशक्तिकरण और प्रवासी भारतीयों की भूमिका तक, प्रधानमंत्री का पूरा संदेश यही था कि भारत और न्यूजीलैंड का रिश्ता विश्वास, सम्मान और साझा विकास की मजबूत नींव पर आगे बढ़ रहा है।

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