बिहार में मासूम से दरिंदगी: 11 साल की बच्ची के साथ बीच सड़क पर किया रेप बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है।
मंगलवार (12 मई 2026) की देर रात एक 11 साल की मासूम बच्ची के साथ बीच सड़क पर रेप की वारदात को अंजाम दिया गया।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है।
चॉकलेट का लालच देकर मासूम से दरिंदगी
बिहार में मासूम से दरिंदगी: मिली जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक घटना उस वक्त हुई जब मासूम बच्ची अपनी नानी के घर जा रही थी।
रास्ते में आरोपी युवक, जो नशे में धुत बताया जा रहा है, ने बच्ची को अकेला पाकर उसे चॉकलेट देने के बहाने अपने पास बुलाया।
मासूम उसकी नीयत को भांप नहीं पाई और जैसे ही वह पास पहुंची, आरोपी उसे घसीटकर सुनसान जगह ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
घायल और डरी हुई बच्ची किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई।
पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है और बच्ची को इलाज व मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है।
सड़कों पर उतरा जनसैलाब: टायर जलाकर प्रदर्शन
बिहार में मासूम से दरिंदगी: जैसे ही इस हैवानियत की खबर शहर में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
बुधवार की सुबह सीतामढ़ी की सड़कों पर भारी भीड़ जमा हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह टायर जलाकर मुख्य सड़कों को जाम कर दिया।
गुस्साई भीड़ ने न्याय की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान माहौल इतना उग्र हो गया कि कुछ जगहों पर ठेलों और अस्थायी दुकानों में आग लगा दी गई।
शहर में करीब चार घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा और दुकानों के शटर गिर गए। आम लोगों की बस एक ही मांग है— “दरिंदे को सरेआम सजा दी जाए।”
पुलिस की कार्रवाई: SIT का गठन और छापेमारी
बिहार में मासूम से दरिंदगी: मामले की गंभीरता और बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
सीतामढ़ी एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
आरोपी की पहचान: पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपी की पहचान कर ली गई है।
छापेमारी: आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था: शहर में दोबारा हिंसा न भड़के, इसके लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि कानून अपना काम कर रहा है और आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बिहार में कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाल ही में कैबिनेट बैठक में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए कई बड़े पदों को मंजूरी दी गई है, लेकिन धरातल पर इस तरह की घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती हैं।
विपक्ष ने भी इस मामले को लेकर सरकार को घेरा है और स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है।
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