Prateek Yadav Death News: भारतीय जनता पार्टी की नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति और समाजवादी परिवार से जुड़े प्रतीक यादव के निधन के बाद अब शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है।
रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह को लेकर अहम जानकारी दी गई है, जिसने कई सवालों के जवाब साफ कर दिए हैं।
शरीर में जमे खून के थक्के बने मौत की वजह
Prateek Yadav Death News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव के शरीर के निचले हिस्से में खून का थक्का जमा हुआ था।
यही थक्का शरीर के ऊपरी हिस्से तक पहुंचा और बाद में फेफड़ों की नसों में जाकर गंभीर संक्रमण की वजह बना।
डॉक्टरों के अनुसार इसी कारण कार्डिएक अरेस्ट हुआ, जिससे उनकी अचानक मौत हो गई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि फेफड़ों में ब्लॉकेज और सांस लेने की प्रक्रिया रुकने के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी।
मेडिकल टीम ने दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ सैंपल सुरक्षित रखे हैं ताकि आगे की जांच में और स्पष्ट जानकारी सामने आ सके।
विसरा रिपोर्ट के बाद सामने आ सकती हैं और जानकारियां
Prateek Yadav Death News: डॉक्टरों ने मामले की गहराई से जांच के लिए विसरा भी सुरक्षित रखा है, जिसे रासायनिक परीक्षण के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मौत से जुड़ी बाकी परिस्थितियां भी पूरी तरह साफ हो जाएंगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि शरीर पर मिले सभी चोटों के निशान मौत से पहले के थे।
फिलहाल जांच एजेंसियां मेडिकल रिपोर्ट के हर पहलू का अध्ययन कर रही हैं।
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
13 मई 2026 की सुबह करीब 5 बजे प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
उन्हें तुरंत लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और बाद में सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सिविल अस्पताल के निदेशक जीसी गुप्ता ने बताया कि जब प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
अखिलेश यादव ने जताया दुख
छोटे भाई के निधन की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव तुरंत मॉर्चरी हाउस पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी प्रतीक को अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी थी।
प्रतीक यादव, दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव के बेटे थे और समाजवादी परिवार का अहम हिस्सा माने जाते थे।
उनके अचानक निधन से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर है।
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