10 घंटे की पैरोल पर तिहाड़ से निकला मज़हबी: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र में सोमवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे छह लोगों के हत्याकांड के दोषी मोहम्मद वाजिद को अदालत से 10 घंटे की पैरोल मिली।
भारी पुलिस सुरक्षा के बीच उसे मेरठ लाया गया, जहां उसने अपनी रिश्तेदार यासमीन के साथ निकाह किया।
निकाह की रस्म पूरी होते ही दिल्ली पुलिस उसे वापस तिहाड़ जेल लेकर रवाना हो गई। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर दिनभर चर्चा होती रही।
पुलिस सुरक्षा में गांव पहुंचा वाजिद
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस की टीम वाजिद को लेकर मेरठ पहुंची। सबसे पहले उसे दौराला थाने लाया गया, जहां कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
इसके बाद पुलिस टीम उसे समौली अख्तियारपुर गांव लेकर पहुंची। यहां सीमित रिश्तेदारों और चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में यासमीन के साथ उसका निकाह कराया गया।
निकाह के दौरान गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई।
2017 के चर्चित हत्याकांड में दोषी है वाजिद
मोहम्मद वाजिद दिल्ली के चर्चित मुस्लिम त्यागी परिवार हत्याकांड में दोषी करार दिया जा चुका है।
साल 2017 में दिल्ली के एक फर्नीचर कारोबारी और उसके परिवार के पांच अन्य सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
इस वारदात ने दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। जांच में सामने आया था कि वाजिद, जो कारोबारी का नौकर था, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया।
शव छिपाने के लिए रची गई थी खौफनाक साजिश
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी पहले कारोबारी और उसके दो बेटों की हत्या कर चुके थे। इसके बाद शवों को दिल्ली स्थित फ्लैट में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
वहीं कारोबारी की पत्नी और दो बेटियों को मुजफ्फरनगर की ओर ले जाया गया, जहां रास्ते में उनकी हत्या कर दी गई। बाद में उनके शव मेरठ के दौराला क्षेत्र में काली नदी के पास दफना दिए गए थे।
करीब एक सप्ताह बाद दिल्ली पुलिस ने मामले का खुलासा किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दिल्ली से तीन शव बरामद किए, जबकि तीन अन्य शव काली नदी क्षेत्र से निकाले गए थे।
अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने वाजिद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तब से वह तिहाड़ जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से जेल में सजा काट रहा है।
अदालत से मिली विशेष अनुमति और पैरोल के आधार पर उसे निकाह के लिए मेरठ लाया गया था।
निकाह के बाद तुरंत वापस लौटी पुलिस टीम
10 घंटे की पैरोल पर तिहाड़ से निकला मज़हबी: निकाह की रस्म बेहद सादगी और सुरक्षा के बीच पूरी कराई गई।
कार्यक्रम समाप्त होते ही दिल्ली पुलिस ने वाजिद को दोबारा अपनी हिरासत में लिया और तय समय के भीतर उसे वापस तिहाड़ जेल लेकर रवाना हो गई।
स्थानीय पुलिस भी पूरे समय दिल्ली पुलिस के साथ मौजूद रही ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
पैरोल को लेकर उठे सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद लोगों के बीच बहस छिड़ गई है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि छह लोगों की हत्या जैसे जघन्य अपराध में दोषी व्यक्ति को निकाह के लिए पैरोल कैसे दी गई।
वहीं कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत विशेष परिस्थितियों में कैदियों को सीमित समय के लिए पैरोल देने का अधिकार रखती है, बशर्ते सुरक्षा और कानूनी शर्तों का पालन किया जाए।
क्या बोले सीओ दौराला?
10 घंटे की पैरोल पर तिहाड़ से निकला मज़हबी: सीओ दौराला प्रकाशचंद अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली पुलिस अदालत के आदेश और पैरोल की अनुमति के आधार पर कैदी को मेरठ लेकर आई थी।
उन्होंने कहा कि तय समय सीमा के भीतर निकाह की प्रक्रिया पूरी कराई गई और उसके बाद आरोपी को वापस दिल्ली भेज दिया गया।
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