Rajasthan SET 2026: राजस्थान के मीडिया छात्रों के लिए एक बड़ी शैक्षणिक और करियर से जुड़ी खबर सामने आई है।
राज्य शिक्षा व्यवस्था ने आगामी स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET)-2026 में पत्रकारिता और जनसंचार (Journalism and Mass Communication) विषय को आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है।
जयपुर के स्थानीय समाचार नेटवर्क की हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,
इस लंबे समय से इंतजार किए जा रहे फैसले से मीडिया विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर कर रहे छात्रों को राज्य स्तर पर प्रतिष्ठित शैक्षणिक पदों तक पहुंचने का एक नया मौका मिलेगा।
राजस्थान SET का प्रारूप राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) की तरह रखा गया है।
राजस्थान SET 2026 में क्या हुआ बड़ा बदलाव?
अब तक राजस्थान में पत्रकारिता और जनसंचार विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ाने के लिए मुख्य रूप से UGC-NET परीक्षा पास करनी पड़ती थी।
लेकिन अब SET-2026 के नए प्रावधान के तहत राज्य ने मीडिया और संचार अध्ययन को एक अलग विषय के रूप में शामिल कर लिया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस विषय में राजस्थान SET पास करने वाले उम्मीदवार राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।
राज्य स्तर की इस पात्रता परीक्षा को पास करने के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों में नौकरी के लिए UGC-NET अनिवार्य नहीं रहेगा।
मीडिया छात्रों के लिए यह फैसला क्यों है खास?
राजस्थान SET में पत्रकारिता और जनसंचार विषय को शामिल किए जाने से छात्रों को कई बड़े फायदे मिलेंगे।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे:
मीडिया विषयों में पढ़ाई कर रहे और उच्च शिक्षा पूरी कर चुके छात्रों के लिए नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।
स्थानीय छात्रों को मिलेगा फायदा:
राज्य स्तर की परीक्षा होने के कारण स्थानीय संस्थानों की जरूरत के अनुसार छात्रों को अपने ही राज्य में रोजगार पाने में आसानी होगी।
शैक्षणिक महत्व बढ़ेगा:
यह फैसला पत्रकारिता और जनसंचार को विज्ञान और मानविकी जैसे पारंपरिक विषयों की तरह एक महत्वपूर्ण और तेजी से आगे बढ़ते शैक्षणिक विषय के रूप में मजबूत पहचान देता है।
हरिदेव जोशी विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने जताई खुशी
इस महत्वपूर्ण फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय (HJU) के कुलगुरु प्रो. नंद किशोर पांडे ने खुशी जताई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आधुनिक सूचना व्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई विशेषज्ञता वाले स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम चलाता है।
उन्होंने बताया कि इस फैसले से जनसंचार के अंतर्गत आने वाले कई विषयों को लाभ मिलेगा। इनमें शामिल हैं—
मीडिया स्टडीज एंड रिसर्च
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एंड ब्रॉडकास्टिंग
न्यू मीडिया एंड डिजिटल जर्नलिज्म
विज्ञापन और जनसंपर्क (PR)
विकास संचार (Development Communication)
प्रो. पांडे के अनुसार, SET में अलग विषय के रूप में शामिल होने से छात्रों को UGC-NET के साथ एक और मजबूत अवसर मिलेगा। इससे इस विषय की शैक्षणिक और सामाजिक पहचान भी बढ़ेगी।
भारत में तेजी से बढ़ रहा है मीडिया शिक्षा का दायरा
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पूरे देश में मीडिया शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रो. नंद किशोर पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है।
समाचार, डिजिटल मनोरंजन और कॉर्पोरेट संचार के बढ़ते विस्तार के साथ इन विषयों को पढ़ाने वाले प्रशिक्षित शिक्षकों की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
इसी जरूरत को देखते हुए स्कूल स्तर पर भी बदलाव किए जा रहे हैं।
उदाहरण के लिए, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए मीडिया स्टडीज को स्किल आधारित मुख्य वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया है।
स्कूल स्तर पर मीडिया शिक्षा के विस्तार के साथ विश्वविद्यालयों में योग्य शिक्षकों की जरूरत भी बढ़ेगी, जिसे पूरा करने की दिशा में राजस्थान SET-2026 का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अभ्यर्थियों के लिए पात्रता और आगे की तैयारी
पत्रकारिता, जनसंचार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, जनसंपर्क (PR) और संबंधित विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त कर चुके या अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे
छात्रों को राजस्थान की आधिकारिक परीक्षा संबंधी वेबसाइटों पर जारी होने वाली अधिसूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
उम्मीदवारों को अपनी तैयारी नए पाठ्यक्रम के अनुसार करनी चाहिए, जिसे आमतौर पर राष्ट्रीय UGC-NET के पाठ्यक्रम के अनुसार अपडेट किया जाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी आधिकारिक शैक्षणिक बयानों और सत्यापित स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
उम्मीदवार परीक्षा कार्यक्रम, पात्रता और अन्य सभी जानकारियों की पुष्टि आधिकारिक राज्य पोर्टल पर जारी होने वाली अधिसूचना से जरूर करें।

