Green Revolution in Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी को अधिक स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में दो बड़ी पहल शुरू की हैं।
सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल किया गया है, वहीं शहर में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से 70 लाख पौधे लगाने के अभियान का भी शुभारंभ किया गया।
सरकार का मानना है कि इन दोनों पहलों का असर आने वाले वर्षों में दिल्ली के परिवहन तंत्र और पर्यावरण पर साफ दिखाई देगा।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरके पुरम स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई और नई परिवहन परियोजनाओं की भी शुरुआत की गई।
इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा राजधानी का सार्वजनिक परिवहन
Green Revolution in Delhi: नई बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगभग 4,800 तक पहुंच गई है। इसके साथ ही राजधानी देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क वाले शहरों में अपनी स्थिति और मजबूत कर चुकी है।
सरकार का उद्देश्य केवल बसों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि यात्रियों को ऐसी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है जो आधुनिक तकनीक से लैस होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी बेहतर साबित हो।
इससे शहर के लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए भी प्रेरित होंगे।
2027 तक 7 हजार इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य
Green Revolution in Delhi: दिल्ली सरकार आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों के नेटवर्क का और विस्तार करने की तैयारी कर रही है। तय योजना के अनुसार वर्ष 2027 तक राजधानी की सड़कों पर लगभग 7,000 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
यदि यह लक्ष्य निर्धारित समय पर पूरा हो जाता है, तो दिल्ली देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल होगी जहां सार्वजनिक परिवहन का बड़ा हिस्सा पूरी तरह स्वच्छ ऊर्जा आधारित होगा।
आधुनिक बस डिपो से मिलेगी नई सुविधाएं
Green Revolution in Delhi: नई बसों के साथ-साथ दक्षिण दिल्ली के आरके पुरम में अत्याधुनिक मल्टी-लेवल बस डिपो की आधारशिला भी रखी गई। यह डिपो विशेष रूप से इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, चार्जिंग और रखरखाव को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
बढ़ते इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क को देखते हुए सरकार परिवहन ढांचे को भी उसी गति से विकसित करना चाहती है, ताकि भविष्य में संचालन संबंधी किसी प्रकार की समस्या न आए।
छोटे मार्गों के यात्रियों को भी मिलेगा लाभ
Green Revolution in Delhi: दिल्ली परिवहन निगम ने पिछले कुछ समय में 9 मीटर लंबाई वाली छोटी बसों की संख्या में भी बढ़ोतरी की है। इन बसों को ऐसे इलाकों में चलाया जा रहा है जहां चौड़ी या बड़ी बसों का संचालन आसान नहीं होता।
इससे संकरी सड़कों और अंदरूनी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो रही है और शहर के अधिक हिस्सों तक बस सेवा पहुंच रही है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति को मिलेगा नया बल
Green Revolution in Delhi: इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार दिल्ली की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 के तहत किया जा रहा है।
इस नीति का उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य के भीतर शुरू की जाने वाली नई सार्वजनिक बस सेवाओं में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि भविष्य में प्रदूषण रहित परिवहन व्यवस्था विकसित की जा सके।
पीएम ई-ड्राइव पहल से मिल रहा सहयोग
दिल्ली में शामिल की गई नई इलेक्ट्रिक बसों को केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव पहल का भी सहयोग प्राप्त है। इस पहल के माध्यम से देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की पहलें लगातार आगे बढ़ती रहीं, तो आने वाले वर्षों में बड़े शहरों में प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
70 लाख पौधों का अभियान बनेगा पर्यावरण संरक्षण की नई शुरुआत
Green Revolution in Delhi: परिवहन सुधार के साथ-साथ दिल्ली सरकार ने शहर में 70 लाख पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी अभियान भी शुरू किया है।
इस अभियान के जरिए विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा ताकि हरित क्षेत्र बढ़ सके और पर्यावरण को मजबूत आधार मिल सके।
पेड़ों की संख्या बढ़ने से गर्मी के प्रभाव को कम करने, हवा की गुणवत्ता सुधारने और शहरी पारिस्थितिकी को संतुलित रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
300 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत और 70 लाख पौधों का अभियान यह संकेत देता है कि दिल्ली भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परिवहन और पर्यावरण दोनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है।
यदि निर्धारित योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में राजधानी न केवल स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन का मजबूत मॉडल बनेगी, बल्कि हरित विकास के क्षेत्र में भी देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है।
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