अमरनाथ यात्रा शुभारंभ: पवित्र अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के करोड़ों शिवभक्तों के नाम एक विशेष संदेश जारी करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ धाम की यात्रा में शामिल होना हर श्रद्धालु के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।
उन्होंने बाबा बर्फानी से प्रार्थना की कि इस वर्ष यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सफल और मंगलमय रहे, उनके जीवन में नई ऊर्जा, आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक शक्ति का संचार हो।
प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किए गए संदेश की शुरुआत “हर-हर महादेव” और “जय बाबा बर्फानी” के उद्घोष के साथ की।
उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर संपन्न प्रथम पूजा के बाद से ही बाबा अमरनाथ के दर्शन का शुभ क्रम आरंभ हो जाता है और देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय मार्गों को पार कर भगवान शिव के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं।
अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि अमरनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उदाहरण भी है।
देश के अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के एक ही आस्था के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारतीय समाज में मौजूद विविधता में एकता की भावना को मजबूत करती है।
अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग एक ही उद्देश्य के साथ कठिन प्राकृतिक परिस्थितियों का सामना करते हुए यात्रा पूरी करते हैं, जो भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है।
सुरक्षा बलों और सेवा में जुटे लोगों की सराहना
प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन में योगदान देने वाले सभी विभागों और संस्थाओं की खुलकर सराहना की।
उन्होंनेअमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही एजेंसियों के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों,
प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और सेवा में लगे हजारों स्वयंसेवकों के समर्पण और मेहनत की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी के संयुक्त प्रयासों से लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो पाती है।
स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों की आतिथ्य परंपरा की भी विशेष प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोग श्रद्धालुओं का पूरे आत्मीय भाव से स्वागत करते हैं और हर संभव सहायता उपलब्ध कराते हैं।
इसके साथ ही देशभर से आने वाले स्वयंसेवक और सामाजिक संगठन भंडारों तथा लंगरों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा और समर्पण की यही भावना भारतीय संस्कृति के “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के आदर्श को साकार करती है।
श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है और सभी यात्रियों को यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ पालन करने की अपील की।
साथ ही यात्रियों को बारिश, ठंड और ऊंचाई वाले क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह भी दी।
प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रद्धालु अपनी यात्रा के कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें।
इससे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय कारीगरों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा।
पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत का दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत भाई या बहन को एक पौधा उपहार में देने का संकल्प लें और पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाएं।
उन्होंने नागरिकों से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का भी आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक भारतीय के छोटे-छोटे प्रयास विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
यात्रा को बताया आस्था, सेवा और सांस्कृतिक समरसता का महापर्व
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2026 की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा, सांस्कृतिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का एक भव्य उत्सव साबित होगी।
उन्होंने बाबा अमरनाथ से प्रार्थना की कि सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, समृद्धि, आध्यात्मिक शक्ति और नई प्रेरणा का संचार हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा बर्फानी का आशीर्वाद प्रत्येक श्रद्धालु के जीवन को नई दिशा देने वाला होता है।
उन्होंने सभी यात्रियों के सुरक्षित, सफल और मंगलमय दर्शन की कामना करते हुए भरोसा जताया कि यह यात्रा देश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को और अधिक मजबूत करेगी।

