PM Modi Boxer Narendra Berwal: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 39 पदक अपने नाम किए, जिनमें 13 गोल्ड मेडल भी शामिल रहे।
खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने आवास पर मुलाकात की और उन्हें उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी।
इस मुलाकात के दौरान भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने करियर से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसे सुनकर वहां मौजूद माहौल काफी खुशनुमा हो गया।
नरेंद्र ने 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स से जुड़ी एक घटना के बारे में बताया, जब उनका मुकाबला एक पाकिस्तानी मुक्केबाज से हुआ था।
पहली ही फाइट में पाकिस्तानी बॉक्सर से हुआ मुकाबला
नरेंद्र ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि साल 2015 में वह वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में हिस्सा लेने पहुंचे थे। प्रतियोगिता में उनका पहला मुकाबला ही पाकिस्तान के एक मुक्केबाज से हुआ था।
मुकाबले से पहले उन्हें भारतीय सेना की ओर से फोन आया था। उन्हें साफ तौर पर कहा गया था कि मुकाबला चाहे कितना भी मुश्किल क्यों न हो, पाकिस्तान के खिलाफ हार नहीं माननी है।
नरेंद्र ने बताया कि इस मुकाबले में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और पहला बाउट 4-1 के अंतर से अपने नाम कर लिया।
हालांकि, दूसरे बाउट में पाकिस्तानी खिलाड़ी ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। मुकाबला काफी करीबी रहा, लेकिन नरेंद्र ने इस बाउट को भी 3-2 से जीत लिया।
मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों को लगी चोट
नरेंद्र ने बताया कि मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए थे। इस वजह से दोनों के सिर पर चोट आई और कट भी लग गया। स्थिति को देखते हुए दोनों मुक्केबाजों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
यहीं से इस मुकाबले से जुड़ी एक मजेदार कहानी शुरू हुई, जिसे नरेंद्र ने कई साल बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा किया।
अस्पताल में पाकिस्तानी बॉक्सर ने कही मजेदार बात
नरेंद्र ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि उस समय भारतीय टीम के साथ सेना के जो कोच गए थे, उनका नाम भी नरेंद्र राणा था।
उन्होंने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान इस बात का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय देश के प्रधानमंत्री भी नरेंद्र ही थे, क्योंकि नरेंद्र मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री पद संभाला था।
नरेंद्र के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के दौरान पाकिस्तानी मुक्केबाज ने उनसे मजाकिया अंदाज में कहा कि उनका नाम नरेंद्र है,
उनके कोच का नाम भी नरेंद्र है और भारत के प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। इसके बाद उसने कहा कि अब तो उसे ‘नरेंद्र’ नाम से ही परेशानी होने लगी है।
नरेंद्र की यह बात सुनते ही प्रधानमंत्री मोदी हंस पड़े। मुलाकात के दौरान यह किस्सा चर्चा का एक खास पल बन गया।
खेल के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला भले ही बेहद प्रतिस्पर्धी रहा हो, लेकिन इस घटना ने दोनों खिलाड़ियों के बीच के मानवीय और हल्के-फुल्के पक्ष को भी सामने रखा।
कॉमनवेल्थ गेम्स में नरेंद्र ने जीता सिल्वर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नरेंद्र ने 90 प्लस किलोग्राम कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने दमदार खेल के दम पर फाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का किया।
हालांकि, गोल्ड मेडल जीतने का उनका सपना फाइनल में पूरा नहीं हो सका। स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड के डामार थॉमस के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद नरेंद्र का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा और उन्होंने देश के खाते में एक अहम पदक जोड़ा।
भारतीय बॉक्सरों ने भी दिखाया दम
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन कुल मिलाकर शानदार रहा। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने मिलकर भारत के लिए कुल 10 पदक जीते।
इस प्रदर्शन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय बॉक्सिंग की मजबूत स्थिति को दिखाया।
प्रधानमंत्री मोदी से खिलाड़ियों की मुलाकात के दौरान उनकी मेहनत और संघर्ष की कहानियां भी सामने आईं।
नरेंद्र का पाकिस्तान के मुक्केबाज से जुड़ा किस्सा इस मुलाकात के उन पलों में शामिल रहा, जिसने खेल की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच दोस्ताना और मजेदार याद को भी उजागर किया।

