स्वीडन पहुंचे पीएम मोदी, ग्रिपेन फाइटर जेट्स ने किया भव्य स्वागत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय विदेश दौरे के तहत रविवार को स्वीडन पहुंच गए।
नीदरलैंड की सफल यात्रा पूरी करने के बाद पीएम मोदी का विमान स्वीडन के गोथेनबर्ग एयरपोर्ट पर उतरा, जहां उनका शानदार स्वागत किया गया।
स्वीडन के प्रधानमंत्री Ulf Kristersson ने एयरपोर्ट पर खुद मौजूद रहकर पीएम मोदी का अभिनंदन किया और दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी देखने को मिली।
स्वीडन पहुंचने से पहले पीएम मोदी के विमान को स्वीडिश एयरस्पेस में विशेष सुरक्षा और सम्मान दिया गया।
स्वीडन के अत्याधुनिक ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने प्रधानमंत्री के विमान को एस्कॉर्ट किया, जिसे दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
इससे पहले नीदरलैंड के शिफोल एयरपोर्ट पर भी वहां के प्रधानमंत्री पीएम मोदी को विदाई देने पहुंचे थे।
प्रधानमंत्री मोदी इस समय पांच देशों की अहम विदेश यात्रा पर हैं।
उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से की थी, जिसके बाद वह नीदरलैंड पहुंचे और अब यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन पहुंचे हैं।
स्वीडन के बाद प्रधानमंत्री नॉर्वे और इटली का दौरा भी करेंगे।
आठ साल बाद स्वीडन पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है। करीब आठ साल बाद वह स्वीडन पहुंचे हैं।
इससे पहले उन्होंने साल 2018 में पहले इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेने के लिए स्वीडन का दौरा किया था।
इस बार का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और यूरोपीय देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और स्वीडन के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा हो सकती है।
खासतौर पर ग्रीन ट्रांजिशन, क्लीन एनर्जी, रक्षा सहयोग, निवेश, व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
यूरोपीय बिजनेस लीडर्स से भी करेंगे मुलाकात
स्वीडन दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी यूरोपीय आयोग की प्रमुख Ursula von der Leyen के साथ यूरोपीय बिजनेस लीडर्स के एक विशेष फोरम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत और यूरोप के बीच आर्थिक सहयोग, नई टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप इनोवेशन और एआई सेक्टर में संभावनाओं पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
भारत पिछले कुछ वर्षों में यूरोपीय देशों के साथ तकनीकी और औद्योगिक साझेदारी को तेजी से बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा भारत की वैश्विक रणनीति और यूरोप के साथ बढ़ते संबंधों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
रक्षा और तकनीक पर रहेगा खास फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा में रक्षा क्षेत्र सहयोग पर भी विशेष जोर रहेगा।
स्वीडन रक्षा तकनीक और आधुनिक सैन्य उपकरणों के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख देशों में गिना जाता है।
ऐसे में दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन और टेक्नोलॉजी साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है।
इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
भारत और स्वीडन दोनों ही देश टिकाऊ विकास और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न सिर्फ भारत और स्वीडन के संबंधों को नई मजबूती देगा, बल्कि यूरोप के साथ भारत की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को भी नई गति देने वाला माना जा रहा है।

