चीन की कोयला खदान में भयानक हादसा: चीन के उत्तरी शानक्सी प्रांत में स्थित ‘लियुशेनयु’ कोयला खदान में शुक्रवार देर रात हुए भीषण गैस धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया।
इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 90 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
हादसे के समय खदान के भीतर कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे। यह पिछले एक दशक में चीन का सबसे बड़ा और सबसे भयावह खदान हादसा माना जा रहा है।
चीनी सरकारी मीडिया शिन्हुआ के मुताबिक, यह विस्फोट किनयुआन काउंटी स्थित खदान में हुआ।
धमाके के बाद खदान के अंदर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर जहरीली गैस तथा मलबे में फंस गए। राहत दल ने अब तक 200 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
कार्बन मोनोऑक्साइड अलर्ट के बाद हुआ धमाका
रिपोर्ट्स के अनुसार, विस्फोट से कुछ समय पहले खदान में जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था।
इसके लिए चेतावनी अलर्ट भी जारी किया गया था, लेकिन हालात संभल पाते उससे पहले जोरदार धमाका हो गया।
खदान का रास्ता बेहद कठिन और लगभग 30 डिग्री ढलान वाला बताया जा रहा है। इसी वजह से राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं।
बचाव दल को ऑक्सीजन सिलेंडर, मशीनें और अन्य राहत सामग्री अंदर पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई हिस्सों में जहरीली गैस अब भी फैली हुई है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है।
मौत का आंकड़ा अचानक बढ़ने से उठे सवाल
चीन की कोयला खदान में भयानक हादसा: हादसे के शुरुआती घंटों में चीनी मीडिया ने केवल 8 मजदूरों की मौत की जानकारी दी थी।
हालांकि, कुछ ही घंटों बाद मृतकों का आंकड़ा अचानक बढ़कर 90 तक पहुंच गया। इतनी तेजी से मौतों की संख्या बढ़ने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि शुरुआती जानकारी और बाद के आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर क्यों आया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए होंगे, जिनकी बाद में मौत हो गई।
वहीं, कुछ मजदूर अब भी लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने दिए सख्त निर्देश
इस बड़े हादसे के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव अभियान में कोई कमी न छोड़ी जाए और घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।
राष्ट्रपति शी ने हादसे के कारणों की गहन जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
वहीं, प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने और समय पर सही जानकारी जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
घटनास्थल पर चीन के उप-प्रधानमंत्री झांग गुओचिंग खुद पहुंच चुके हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन ने खदान संचालित करने वाली कंपनी के कई बड़े अधिकारियों को हिरासत में भी ले लिया है।
चीन में खदान हादसों का लंबा इतिहास
चीन की कोयला खदान में भयानक हादसा: शानक्सी प्रांत चीन का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक इलाका माना जाता है। पिछले साल अकेले इसी प्रांत ने चीन के कुल कोयला उत्पादन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा निकाला था।
हालांकि, भारी उत्पादन के दबाव और सुरक्षा मानकों में लापरवाही के कारण यहां खदान हादसे लगातार सामने आते रहे हैं।
चीन ने 2000 के दशक के बाद खदान सुरक्षा नियमों को काफी सख्त किया था, जिससे हादसों और मौतों में कमी आई थी।
इसके बावजूद ऐसे बड़े हादसे अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं। पिछले महीने भी शानक्सी के लुलांग इलाके में हुए एक हादसे में चार खनिकों की मौत हो गई थी।
वहीं फरवरी 2023 में इनर मंगोलिया की एक खदान में लैंडस्लाइड होने से 53 मजदूरों की जान चली गई थी।
लियुशेनयु खदान हादसे ने एक बार फिर चीन की खदान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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