इवांका ट्रंप: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इंवाका ट्रंप को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
अमेरिकी मीडिया में आई खबरों के अनुसार, इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश रचने वाले एक खतरनाक आतंकी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि आरोपी के पास इवांका के फ्लोरिडा स्थित घर का पूरा नक्शा मौजूद था। इस खुलासे के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है। उसकी उम्र 32 वर्ष बताई जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वह छह वर्ष पहले अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी सैन्य अधिकारी कासिम सुलेमानी को अपना आदर्श मानता था।
आरोपी का कहना था कि वह सुलेमानी की मौत का बदला ट्रंप परिवार को निशाना बनाकर लेना चाहता है।
समाजिक माध्यमों पर देता था खुली धमकियां
जांच में सामने आया है कि आरोपी समाजिक माध्यमों पर काफी सक्रिय था। उसने इवांका ट्रंप और उनके पति के आलीशान घर का नक्शा साझा करते हुए धमकी भरे संदेश लिखे थे।
उसने दावा किया था कि किसी भी सुरक्षा व्यवस्था से उन्हें बचाया नहीं जा सकेगा। लोगों में डर फैलाने के लिए वह हथियारों और साइलेंसर लगी पिस्तौल की तस्वीरें भी साझा करता था।
तुर्किये में हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को 15 मई को तुर्किये में गिरफ्तार किया गया। वह वहां से रूस भागने की तैयारी कर रहा था।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे अमेरिका भेज दिया गया। फिलहाल उसे न्यूयॉर्क के एक उच्च सुरक्षा कारागार में कड़ी निगरानी के बीच रखा गया है।
कई देशों में फैला चुका था आतंक
जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी का संबंध ईरान समर्थित आतंकी संगठनों और चरमपंथी नेटवर्क से था।
उस पर नीदरलैंड, ब्रिटेन, कनाडा और बेल्जियम समेत कई देशों में हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं।
बताया जा रहा है कि उसने कई जगहों पर हमला कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी।
रिपोर्टों के अनुसार आरोपी के पास इराक का विशेष सेवा पासपोर्ट था। इस पासपोर्ट के कारण उसे हवाई अड्डों पर विशेष सुविधाएं मिलती थीं और जांच भी कम होती थी।
इसी का फायदा उठाकर वह अलग-अलग देशों की यात्रा करता रहा और अपने नेटवर्क को मजबूत बनाता रहा।
यात्रा एजेंसी की आड़ में चलाता था नेटवर्क
अपने असली इरादों को छिपाने के लिए आरोपी ने धार्मिक यात्राएं कराने वाली एक एजेंसी खोल रखी थी।
इसी के जरिए वह दुनिया के कई देशों में घूमता था और अपने साथियों से संपर्क बनाए रखता था।
वह मशहूर जगहों पर तस्वीरें खिंचवाकर समाजिक माध्यमों पर साझा करता था ताकि किसी को उस पर शक न हो।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद भी ट्रंप परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वहीं अमेरिकी प्रशासन ने भी मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश को बेहद गंभीर मानते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

