Thursday, August 27, 2026

नेपाल की बाढ़ के बाद यूपी-बिहार में अलर्ट, गंडक बैराज के सभी गेट खोले, उत्तराखंड में भी बढ़ी निगरानी

नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 162 लोगों की मौत की खबर है,

जबकि भारतीय नागरिकों समेत कई अन्य लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी चिंता बढ़ गई है।

खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार ने नेपाल से आने वाले संभावित अतिरिक्त पानी को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

नेपाल में बाढ़ के बाद बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने की आशंका को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश को अलर्ट पर रखा गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने-अपने राज्यों में उच्चस्तरीय बैठकें कर हालात की समीक्षा की।

दोनों राज्यों में प्रशासन संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, निगरानी और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियों में जुट गया है।

नेपाल की बाढ़ का असर भारत की नदियों पर

नेपाल से निकलने वाली कई नदियां उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रवेश करती हैं। ऐसे में नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ का सीधा असर इन राज्यों की नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है।

मानसून के कारण वैसे ही कई नदियों में पानी बढ़ा हुआ है। ऐसे में नेपाल से अतिरिक्त पानी आने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।

बिहार में नेपाल से आने वाली प्रमुख नदियों में गंडक, कोसी, बागमती, कमला बलान, लाल बकेया और महानंदा शामिल हैं।

इनमें से कई नदियों का जलस्तर पहले से ही बढ़ा हुआ है और कुछ जगहों पर पानी खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रहा है। ऐसे में नेपाल में आई बाढ़ ने बिहार प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

इन नदियों में गंडक और कोसी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनके जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।

गंडक नदी को लेकर बिहार में विशेष सतर्कता

नेपाल में बाढ़ के बाद गंडक नदी में भी पानी बढ़ने लगा है। नेपाल से अचानक बड़ी मात्रा में पानी आने की संभावना को देखते हुए बिहार सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं, ताकि पानी के दबाव को नियंत्रित किया जा सके।

इसके साथ ही गंडक नदी के पूरे बेसिन में प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल संसाधन विभाग ने बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और इंजीनियरिंग स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।

तटबंधों की निगरानी करने वाली टीमों को भी लगातार सक्रिय रखा गया है। महत्वपूर्ण तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी और गश्त की जा रही है।

गंडक बैराज से बढ़ा पानी का डिस्चार्ज

26 अगस्त की दोपहर वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद रात करीब 11 से 12 बजे के बीच पानी का डिस्चार्ज बढ़कर लगभग 1,50,200 क्यूसेक तक पहुंच गया।

हालांकि अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद नदी के जलस्तर और पानी के बहाव में धीरे-धीरे कमी आने लगी है।

इसके बावजूद नेपाल में बने हालात और वहां से आगे आने वाले पानी को देखते हुए बिहार सरकार किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती।

बाढ़ की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 27 अगस्त को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

उन्होंने संबंधित जिलों के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए।

सीतामढ़ी और शिवहर जैसे संवेदनशील जिलों में भी निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि जलस्तर में किसी भी अचानक बदलाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

गंडक से जुड़े जिलों में बढ़ाई गई निगरानी

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने गंडक नदी से जुड़े कई जिलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत अन्य संवेदनशील जिले शामिल हैं।

प्रशासन को नेपाल से आने वाले पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है।

इसके साथ ही ऐसे इलाकों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जरूरत पड़ सकती है।

संभावित आपात स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF और राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

नदी किनारे और निचले इलाकों के लोगों को सावधान रहने की अपील

बिहार सरकार ने निचले इलाकों और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

पश्चिम चंपारण के बगहा क्षेत्र और वैशाली समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को भी प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि NDRF और SDRF के साथ जिला प्रशासन लगातार समन्वय बनाए रखे और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाए।

सरकार ने बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर इस्तेमाल होने वाले जरूरी संसाधनों को पहले से तैयार रखने के निर्देश भी दिए हैं,

ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।

उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट

नेपाल में आई बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश में भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसकी वजह नेपाल की भोटे कोशी-त्रिशूली-नारायणी नदी प्रणाली से आने वाला पानी है, जो आगे चलकर गंडक नदी प्रणाली से जुड़ता है।

गंडक नदी उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों के पूर्वी हिस्सों से होकर बिहार में प्रवेश करती है।

यही वजह है कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद यूपी के सीमावर्ती इलाकों में भी प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को महाराजगंज और कुशीनगर के जिला प्रशासन को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर और पानी के बहाव पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

बारिश और नेपाल से आने वाला पानी बढ़ा सकता है मुश्किल

उत्तर प्रदेश के लिए चिंता की एक वजह यह भी है कि एक ओर राज्य के कई हिस्सों में मानसून की बारिश जारी है और दूसरी तरफ नेपाल से आने वाले पानी का दबाव बढ़ सकता है।

अगर स्थानीय स्तर पर हुई भारी बारिश और नेपाल से नदियों में आने वाले पानी का तेज बहाव एक साथ बढ़ता है, तो निचले इलाकों में स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

इसी संभावना को देखते हुए प्रदेश सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

प्रशासन को नदी के आसपास के इलाकों में लगातार स्थिति का आकलन करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

SDRF समेत सभी राहत-बचाव टीमें अलर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार ने गंडक नदी और उसके आसपास के इलाकों की चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों को आशंका है कि यदि नदी का प्रवाह अचानक बढ़ता है तो इसका असर निचले इलाकों में दिखाई दे सकता है।

महाराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

राजस्व विभाग, पुलिस, SDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

जरूरत पड़ने पर संवेदनशील निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुशीनगर में नारायणी नदी पर नजर

कुशीनगर में भी प्रशासन ने नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। जिला प्रशासन के मुताबिक, नेपाल में भारी बारिश के कारण नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ घंटों में नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।

कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर खड्डा तहसील के दियारा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई है।

शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर जैसे गांवों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

गांवों में लाउडस्पीकर से जारी हो रही चेतावनी

संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को लगातार सावधान कर रहा है।

लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाएं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।

इसके साथ ही कुशीनगर में कंट्रोल रूम को भी सक्रिय कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर संबंधित टीमों को तुरंत मौके पर भेजने की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन का फोकस फिलहाल नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और संभावित रूप से प्रभावित होने वाले इलाकों में समय रहते जरूरी कदम उठाने पर है।

उत्तराखंड में भी बढ़ाई गई सतर्कता

नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ और उसके साथ नीचे की ओर आए मलबे ने हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली आपदाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए उत्तराखंड में भी सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है।

उत्तराखंड के चंपावत जिले में प्रशासन और SDRF को विशेष रूप से सतर्क किया गया है। राज्य में पहले से ही मानसून के दौरान भारी बारिश का दौर जारी है।

वहीं मौसम विभाग की ओर से 1 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है।

नेपाल की सीमा से लगे इलाकों में नदी और जलधाराओं के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है, ताकि अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते चेतावनी दी जा सके।

संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त

अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में आई आपदा को देखते हुए SDRF के सेनानायक यानी कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर चंपावत जिले की टनकपुर चौकी को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

SDRF की टनकपुर टीम शारदा नदी के संवेदनशील तटीय क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है। शारदा घाट, शारदा बैराज और इसके आसपास के इलाकों में टीमों की गश्त बढ़ाई गई है।

टीमें नदी के जलस्तर और पानी के बहाव में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रख रही हैं। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।

लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील

SDRF की ओर से स्थानीय निवासियों, यात्रियों और मछुआरों को नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के तटीय इलाकों में न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

अधिकारियों के मुताबिक, SDRF की टीम जरूरी जीवनरक्षक और बचाव उपकरणों के साथ 24 घंटे तैयार है।

किसी भी आकस्मिक स्थिति में टीम को तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने के लिए तैयार रखा गया है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article