Friday, June 26, 2026

चीन के साथ बांग्लादेश की एक और डील, भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

चीन के साथ बांग्लादेश की एक और डील: बांग्लादेश और चीन के रिश्ते लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। तीस्ता नदी परियोजना पर सहयोग की सहमति के बाद,

अब बांग्लादेश ने मोंगला पोर्ट को लेकर भी चीन के साथ बड़ा समझौता कर लिया है।

माना जा रहा है कि यह फैसला भारत के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि जिस जमीन पर अब चीन निवेश करेगा,

वह पहले भारत के इंडियन इकोनॉमिक जोन के लिए तय की गई थी।

बीजिंग में हुआ समझौता

25 जून को बीजिंग में बांग्लादेश इकोनॉमिक जोन्स अथॉरिटी (BEZA) और चीन की सरकारी कंपनी चाइना सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (CCECC) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए।

इस दौरान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान भी मौजूद रहे।

इस समझौते के तहत बांग्लादेश के बागेरहाट जिले में मोंगला पोर्ट के पास 110 एकड़ जमीन पर चीन-बांग्लादेश आर्थिक क्षेत्र बनाया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए मौके मिलेंगे।

पहले भारत को मिली थी यह जमीन

यह वही जमीन है, जिसे पहले भारत के इंडियन इकोनॉमिक जोन के लिए दिया गया था, लेकिन तय समय पर काम शुरू नहीं होने के कारण अक्टूबर 2025 में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस परियोजना को रद्द कर दिया।

अब उसी जमीन पर चीन के साथ नया प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।

चीन से निवेश बढ़ाना चाहता है बांग्लादेश

तारिक रहमान की चीन यात्रा का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा निवेश लाना माना जा रहा है।

मोंगला पोर्ट परियोजना के अलावा चटोग्राम के अनवारा इलाके में चीनी आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भी चीन की कंपनी

चाइना रोड एंड ब्रिज कॉर्पोरेशन (CRBC) के साथ समझौता किया गया है।

सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से उद्योग, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

तीस्ता नदी परियोजना पर भी बनी सहमति

इससे पहले बांग्लादेश और चीन ने तीस्ता नदी परियोजना पर भी साथ काम करने की सहमति जताई थी।

बीजिंग में चीन के जल संसाधन मंत्री ली गुओयिंग और प्रधानमंत्री तारिक रहमान की मुलाकात के दौरान इस पर चर्चा हुई।

चीन ने कहा कि वह जल प्रबंधन और नदी विकास के अपने अनुभव का फायदा बांग्लादेश को देगा,

जिससे बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।

भारत के लिए क्यों अहम है यह मामला?

मोंगला पोर्ट और तीस्ता नदी दोनों ही भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

ऐसे में इन परियोजनाओं में चीन की बढ़ती भागीदारी को भारत के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।

हालांकि, बांग्लादेश का कहना है कि उसका उद्देश्य सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रखते हुए ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेश लाना और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

आने वाले समय में यह देखना होगा कि इस नए समझौते का भारत-बांग्लादेश और भारत-चीन संबंधों पर क्या असर पड़ता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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