Sunday, September 6, 2026

ब्रिक्स से पहले अरुणाचल में भारत चीन की बड़ी सैन्य वार्ता, पहली बार कोर कमांडर आमने सामने

ब्रिक्स

अरुणाचल में कोर कमांडर स्तर की अहम बैठक

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में रविवार को सैन्य वार्ता शुरू हुई है। दोनों देशों के कोर कमांडर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिरता बनाए रखने और तनाव को बढ़ने से रोकने के उपायों पर चर्चा कर रहे हैं।

पूर्वी सेक्टर में यह पहली बार है जब भारत और चीन के कोर कमांडर इस तरह बैठक कर रहे हैं। वार्ता अरुणाचल प्रदेश के वाचा दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर हो रही है, जहां भारतीय पक्ष का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल गिरिश कालिया कर रहे हैं।

सीमा विवाद के बीच बातचीत का नया चरण

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा के कई क्षेत्रों को लेकर लंबे समय से मतभेद हैं। इन्हीं कारणों से समय समय पर तनाव पैदा होता रहा है, जबकि हाल में स्थानीय सैन्य कमांडरों ने संबंधित मुद्दों पर बातचीत जारी रखी है।

अब कोर कमांडर स्तर की यह बैठक पहले से जारी सैन्य संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिश है। इसका उद्देश्य सीमा पर सामने आने वाली घटनाओं को बातचीत से सुलझाना और किसी छोटी घटना को बड़े सैन्य या कूटनीतिक विवाद में बदलने से रोकना है।

डोभाल और वांग यी की वार्ता के बाद सैन्य बैठक

यह सैन्य वार्ता 25 अगस्त को बीजिंग में हुई अजीत डोभाल और वांग यी की बैठक के कुछ दिनों बाद हो रही है। उस बातचीत में दोनों देशों ने सीमा से जुड़े मुद्दों पर जल्द ठोस प्रगति के लिए संवाद आगे बढ़ाने पर सहमति बनाई।

दोनों पक्षों ने ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया था, जिनसे सीमा पर होने वाली घटनाएं आगे चलकर तनाव में परिवर्तित न हों। अरुणाचल में चल रही सैन्य बैठक को उसी व्यापक प्रयास की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

दो नई सैन्य हॉटलाइन से होगा सीधा संपर्क

सीमा पर गलतफहमी या अचानक पैदा होने वाली तनातनी को तुरंत नियंत्रित करने के लिए दो नई सैन्य हॉटलाइन शुरू करने पर सहमति बनी है। ये सीधी फोन लाइनें भारतीय सेना की ईस्टर्न कमान और सेंट्रल कमान को संबंधित चीनी सैन्य कमान से सीधे जोड़ेंगी।

नई हॉटलाइन व्यवस्था का लाभ यह होगा कि सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा होते ही दोनों ओर के कमांडर सीधे बातचीत कर सकेंगे। इससे संदेश पहुंचने में देरी कम होगी और किसी स्थानीय विवाद को बड़ा रूप लेने से पहले नियंत्रित किया जा सकेगा।

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले बढ़ी कूटनीतिक अहमियत

भारत में 12 और 13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। नई दिल्ली में प्रस्तावित इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की उम्मीद है, इसलिए अरुणाचल में हो रही सैन्य वार्ता का कूटनीतिक महत्व भी बढ़ गया है।

अब निगाह इस बात पर है कि अरुणाचल की बातचीत से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लंबित मुद्दों के समाधान के लिए कौन सा रास्ता निकलता है। बैठक के परिणाम भारत चीन सीमा प्रबंधन और उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्कों की दिशा पर असर डाल सकते हैं।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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