अंबाजी मंदिर में दान चोरी: गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर में दान की रकम चोरी होने का मामला सामने आया है। मंदिर के भंडार गृह में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक कर्मचारी पैसे छिपाते हुए दिखाई दिया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
इस मामले में गिनती विभाग के कर्मचारी चिराग ठाकोर के साथ दो वायरमैन टेक्नीशियन विवेक शर्मा और निकुंज पटेल के नाम शामिल हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
CCTV में कैसे पकड़ी गई चोरी?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कर्मचारी पहले नोटों का बंडल अपने पैर के नीचे छिपाता है। फिर मौका मिलने पर उसे उठाकर अपने पायजामे में रख लेता है।
वीडियो देखने के बाद कई लोगों का कहना है कि कर्मचारी का तरीका ऐसा नहीं लगता कि वह पहली बार ऐसा कर रहा हो।
इसलिए यह शक भी जताया जा रहा है कि मंदिर में दान चोरी का खेल काफी समय से चल रहा हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह फुटेज 21 अप्रैल 2026 की है।
ऐसे खुला पूरा मामला
यह मामला 7 मई 2026 को सामने आया। उस दिन दान की गिनती के बाद चिराग ठाकोर कथित तौर पर पैसे अपने कपड़ों में छिपाकर बाहर ले जा रहा था।
तभी उसके कपड़ों से कुछ नोट नीचे गिर गए। इसके बाद अन्य कर्मचारियों को शक हुआ और जांच शुरू की गई।
शुरुआती जांच में करीब 1.04 लाख रुपये की कमी सामने आने की बात कही गई।
CCTV बंद होने से बढ़ा शक
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस दिन मई में चोरी की घटना हुई, उस समय भंडार गृह का सीसीटीवी कैमरा बंद था।
इससे लोगों को शक है कि यह काम पहले से योजना बनाकर किया गया होगा। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
श्रद्धालुओं ने उठाई बड़ी मांग
घटना के बाद कई श्रद्धालु मांग कर रहे हैं कि पिछले एक साल का सीसीटीवी रिकॉर्ड देखा जाए, ताकि पता चल सके कि दान की चोरी कब से हो रही थी।
लेकिन इसमें एक परेशानी है। मंदिर में सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग पहले सिर्फ 30 दिन तक ही सुरक्षित रखी जाती थी। इसलिए पुराने फुटेज मिलना मुश्किल है।
मंदिर ट्रस्ट ने बदले नियम
मामला सामने आने के बाद बनासकांठा जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा के लिए कई नए कदम उठाए हैं।
अब भंडार गृह के पास 20 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी रिकॉर्डिंग 6 महीने तक सुरक्षित रखी जाएगी।
दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया मंदिर परिसर में लगी एलईडी स्क्रीन पर भी दिखाई जाएगी, ताकि सब कुछ पारदर्शी रहे।
कर्मचारियों के लिए सख्त नियम
अब दान की गिनती करने वाले कर्मचारी जेब वाले कपड़े नहीं पहन सकेंगे। गिनती से पहले और बाद में पुलिस की मौजूदगी में उनकी मेटल डिटेक्टर से जांच होगी।
फिलहाल चिराग ठाकोर समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल था और दान की चोरी कितने समय से चल रही थी।

