बंगाल में अवैध घुसपैठ पर एक्शन: पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है।
राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई और नए आदेशों के बाद अब बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक वापस अपने देश लौटते दिखाई दे रहे हैं।
उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां 100 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठिए अपने परिवारों के साथ सीमा पार कर बांग्लादेश लौटने के लिए जमा हुए।
बताया जा रहा है कि हाल ही में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा जारी किए गए निर्देशों के बाद अवैध रूप से रह रहे लोगों में डर का माहौल बन गया है।
राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि अब बंगाल में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया जाएगा और किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
सीएम शुभेंदु अधिकारी का सख्त आदेश
21 मई 2026 को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कहीं भी कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया पकड़ा जाता है तो उसे सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया जाए।
उन्होंने कहा कि अब ऐसे मामलों में लंबी कानूनी प्रक्रिया या अदालत में पेशी की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को तुरंत उनके देश वापस भेजा जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों की स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
नए कानून के तहत कार्रवाई
राज्य सरकार यह कार्रवाई पिछले वर्ष संसद में पारित हुए आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के तहत कर रही है।
इस कानून के जरिए सरकार को विदेशियों के भारत में प्रवेश, निवास और निकास को नियंत्रित करने का अधिकार मिला है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कानून के लागू होने के बाद अवैध घुसपैठियों की पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
प्रशासन अब सीमावर्ती जिलों में विशेष जांच अभियान चला रहा है ताकि बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे लोगों की पहचान की जा सके।
‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ अभियान
बंगाल सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” अभियान शुरू किया है।
इसके तहत पहले संदिग्ध लोगों की पहचान की जाएगी, फिर सरकारी रिकॉर्ड से उनके दस्तावेज हटाए जाएंगे और अंत में उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा।
इसके लिए राज्य में विशेष “होल्डिंग सेंटर” भी बनाए जा रहे हैं, जहां पकड़े गए घुसपैठियों को अस्थायी रूप से रखा जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन केंद्रों के जरिए पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जाएगा।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी सतर्कता
राज्य सरकार के आदेश के बाद BSF, पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
खासकर उत्तर 24 परगना, नदिया और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।
हाकिमपुर चेक पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है ताकि किसी तरह की अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
राजनीतिक माहौल भी गरमाया
इस मुद्दे को लेकर बंगाल की राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रही है, जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहे हैं।
हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई केवल कानून के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ पर रोक लगाना है।
फिलहाल बंगाल में जारी इस अभियान ने सीमावर्ती इलाकों में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर और ज्यादा चर्चा में रह सकता है।

