अभिषेक बनर्जी : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर संपत्तियों और कथित अवैध निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की माँ लता बनर्जी को भेजे गए नोटिस के बाद अब मामला सिर्फ बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रह गया,
बल्कि कथित तौर पर परिवार से जुड़ी कई संपत्तियों को लेकर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
शुरुआत में मामला केवल कालीघाट रोड स्थित एक भवन में अवैध निर्माण और बिल्डिंग प्लान की जांच तक सीमित बताया जा रहा था,
लेकिन बाद में बीजेपी की तरफ से जारी की गई कथित संपत्तियों की सूची ने इस विवाद को और बड़ा बना दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स में 43 संपत्तियों का दावा
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल बीजेपी ने 43 संपत्तियों की एक सूची सार्वजनिक की है,
जिनका संबंध अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार के सदस्यों से बताया जा रहा है।
इस सूची में ममता बनर्जी, लता बनर्जी, अमृता बनर्जी, सबिता बनर्जी, मिनाती बनर्जी, बाणानी बनर्जी और सायोनी घोष जैसे नामों का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि सायोनी घोष के नाम को लेकर स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं आई है कि यह वही TMC सांसद हैं या कोई अन्य व्यक्ति।
इसके अलावा अर्पिता बनर्जी, सुदेष्णा बनर्जी, आकाश बनर्जी, सोमनाथ बनर्जी और प्रियंका दास जैसे कई अन्य नाम भी कथित तौर पर संपत्ति रिकॉर्ड और टैक्स डिटेल में शामिल बताए गए हैं।
कोलकाता के पॉश इलाकों में संपत्तियों का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन संपत्तियों का जिक्र किया गया है उनमें कोलकाता के कई पॉश इलाके शामिल हैं।
इनमें बरैकपुर ट्रंक रोड स्थित ऑर्बिट ल्यूमियर, गरियाहाट रोड की समिरन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी और बेहला इलाके का साईं भवन जैसी संपत्तियों का नाम सामने आया है।
इसके अलावा डी गुप्ता लेन, धर्मतला रोड, देवेंद्र घोष रोड, सर्वे पार्क, कालीपद मुखर्जी रोड और मोतीलाल गुप्ता रोड स्थित संपत्तियों को भी रिकॉर्ड में “एक्टिव” बताया गया है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ संपत्तियों के टैक्स रिकॉर्ड और स्वामित्व संबंधी जानकारी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
संपत्तियों की जांच को लेकर सरकार का बड़ा बयान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले को लेकर कहा कि कथित संपत्तियों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कई संपत्तियाँ अलग-अलग नामों पर दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नगर मामलों के विभाग और कोलकाता नगर निगम से कुछ व्यक्तियों की संपत्ति संबंधी जानकारी मांगी गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर नियमों की अनदेखी की गई और संपत्तियाँ खड़ी की गईं।
हालांकि अभी तक इन आरोपों को लेकर किसी सक्षम एजेंसी द्वारा अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
लता बनर्जी को KMC का नोटिस
इसी बीच कोलकाता नगर निगम ने 121, कालीघाट रोड स्थित भवन को लेकर अभिषेक बनर्जी की माँ लता बनर्जी को नोटिस जारी किया है।
निगम का आरोप है कि भवन में स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण किया गया, जो नगर निगम अधिनियम 1980 के नियमों का उल्लंघन है।
नोटिस में कथित अवैध हिस्से को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने यह भी कहा है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस पूरे विवाद ने बंगाल की राजनीति को गर्मा दिया है। बीजेपी लगातार इस मुद्दे को भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग से जोड़कर उठा रही है,
जबकि तृणमूल कांग्रेस की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

