ED Raid in Delhi: दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है।
सोमवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े दो बड़े नेताओं और कारोबारियों दीपक सिंगला और राम सिंह के घर और दफ्तरों पर एक साथ छापेमारी की।
यह पूरी कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों को लेकर की जा रही है।
इस छापेमारी के बाद दिल्ली और गोवा से लेकर चंडीगढ़ तक के सियासी और व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जांच के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए नेताओं के आवास के बाहर भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) को तैनात किया गया है।
100 करोड़ के बैंक घोटाले में घिरे दीपक सिंगला: दिल्ली से गोवा तक तलाशी
ED Raid in Delhi: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल दीपक सिंगला इस समय ईडी के निशाने पर हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 100 करोड़ रुपये से अधिक के एक बड़े बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) मामले में की गई है।
चंडीगढ़ जोन से जुड़े हैं मामले के तार
सूत्रों के मुताबिक, बैंक से धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला मूल रूप से ईडी के चंडीगढ़ जोन में दर्ज है।
जांच एजेंसी पिछले कई महीनों से दीपक सिंगला से जुड़ी कंपनियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध ट्रांजैक्शंस की निगरानी कर रही थी।
पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद सोमवार सुबह ईडी की टीमों ने दिल्ली के स्वास्थ्य विहार (पूर्वी दिल्ली) स्थित उनके आवास और गोवा समेत कई ठिकानों पर एक साथ दस्तक दी।
घर के अंदर दस्तावेजों की बारीकी से जांच
स्वास्थ्य विहार स्थित दीपक सिंगला के घर पर सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है।
घर के अंदर मौजूद ईडी के अधिकारी उनके तमाम वित्तीय दस्तावेजों, बैंक डायरियों, व्यापारिक कागजातों और कंप्यूटर व मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बैंक से धोखाधड़ी कर जुटाई गई रकम को कहां-कहां निवेश किया गया या उसे किस तरह ट्रांसफर किया गया।
पहले भी हो चुकी है जांच
दीपक सिंगला के लिए जांच एजेंसियों की यह कार्रवाई नई नहीं है। इससे पहले 27 मार्च 2024 को भी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में दिल्ली के मधु विहार स्थित उनके ठिकानों पर ईडी की छापेमारी हो चुकी है।
कौन हैं दीपक सिंगला?
ED Raid in Delhi: दीपक सिंगला आम आदमी पार्टी के एक कद्दावर और पुराने नेता हैं। पार्टी के भीतर संगठन विस्तार और रणनीतिक कार्यों में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।
वे 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में विश्वास नगर सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रह चुके हैं।
इसके अलावा वे संगठन में कई बड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं, जिसमें ‘आप’ के गोवा राज्य के प्रभारी और दिल्ली नगर निगम (MCD) के सह-प्रभारी का पद शामिल है।
180 करोड़ की हेराफेरी में राम सिंह के ठिकानों पर रेड
दीपक सिंगला के अलावा, ईडी की दूसरी टीम ने दिल्ली के सुभाष नगर इलाके में आम आदमी पार्टी के एक और नेता व कारोबारी राम सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की है।
बाबाजी फाइनेंस ग्रुप पर गंभीर आरोप
राम सिंह राजनीति के साथ-साथ बड़े स्तर पर फाइनेंस का बिजनेस भी चलाते हैं। वह ‘बाबाजी फाइनेंस ग्रुप‘ के मालिक हैं।
उन पर जनता को धोखा देने और धोखाधड़ी के जरिए लगभग 180 करोड़ रुपये की हेराफेरी (Misappropriation of Funds) करने का गंभीर आरोप है।
इसी मामले में शिकायत और शुरुआती सबूतों के आधार पर ईडी उनके घर और दफ्तर की तलाशी ले रही है ताकि पैसों के ट्रेल (Money Trail) का पता लगाया जा सके।
कौन हैं राम सिंह?
राम सिंह दिल्ली की राजनीति, खासकर बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के एक बेहद अनुभवी और कद्दावर नेता माने जाते हैं।
वे दिल्ली की दूसरी और चौथी विधानसभा में सदस्य (विधायक) रह चुके हैं और बदरपुर इलाके के एक प्रभावशाली गुर्जर नेता के रूप में जाने जाते हैं।
आम आदमी पार्टी में आने से पहले वे कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे थे।
साल 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा था।
राम सिंह का कारोबार काफी बड़ा है और वे दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अक्सर सबसे अमीर उम्मीदवारों की सूची में शामिल रहे हैं, जिनकी संपत्ति करोड़ों में है।
राजनीतिक बयानबाजी और मौजूदा स्थिति
फिलहाल इस पूरी कार्रवाई और छापेमारी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है।
वहीं दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी ने भी इस ताजा कार्रवाई पर अभी तक अपनी कोई औपचारिक प्रतिक्रिया या सफाई पेश नहीं की है।
हालांकि, पिछले मामलों को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसे लेकर दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।
विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की कार्रवाई बता रहा है, वहीं आप समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा मान रहे हैं। फिलहाल दोनों नेताओं के ठिकानों पर जांच जारी है।

