योगी कैबिनेट के फैसले: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के विकास, सामाजिक न्याय और शहरी बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार (18 मई 2026) को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
मंत्रिमंडल विस्तार और नए मंत्रियों को विभागों के बंटवारे के बाद हुई इस बैठक में लिए गए फैसलों से साफ है कि सरकार विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ आगामी चुनावों की तैयारियों को भी साध रही है।
इस बैठक में उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत और निकाय चुनावों में ओबीसी (OBC) आरक्षण की राह साफ करने के लिए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन, लखनऊ-आगरा मेट्रो के विस्तार और लोकतंत्र सेनानियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने जैसे कई बड़े फैसले शामिल हैं।
आइए जानते हैं कि योगी कैबिनेट की इस बैठक में कौन-कौन से मुख्य प्रस्ताव पास हुए हैं।
यूपी पंचायत चुनाव का रास्ता साफ: समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन
योगी कैबिनेट के फैसले: इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फैसला अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी देना रहा।
आयोग कैसे तय करेगा आरक्षण?
योगी कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, यह नया आयोग उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जाकर स्थानीय स्तर पर बैठकें करेगा।
आयोग वहां जातिवार आबादी और आर्थिक आंकड़ों की बारीकी से समीक्षा करेगा।
इस पूरी समीक्षा और डेटा के आधार पर आयोग अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, जिससे यूपी पंचायत चुनाव 2026 के लिए ओबीसी आरक्षण की सीमा और सीटों का निर्धारण किया जाएगा।
इस फैसले से पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर आने वाली कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें पूरी तरह दूर हो जाएंगी।
लखनऊ और आगरा मेट्रो विस्तार को मिली हरी झंडी
योगी कैबिनेट के फैसले: उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) की सुविधा को बेहतर करने के लिए मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार को मंजूरी दी गई है।
लखनऊ मेट्रो (चारबाग से बसंतकुंज कॉरिडोर): राजधानी लखनऊ में चारबाग से बसंतकुंज के बीच बनने वाले ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए भूमि हस्तांतरण और विभिन्न विभागों के बीच एमओयू (MoU) को हरी झंडी दे दी गई है। इससे लखनऊ के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
आगरा मेट्रो (कॉरिडोर-2): ताजनगरी आगरा में मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के लिए भूमि हस्तांतरण, नए स्टेशनों और वायाडक्ट (Viaduct) के निर्माण के प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ आगरा आने वाले पर्यटकों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
लोकतंत्र सेनानियों को बड़ी राहत: अब मिलेगा कैशलेस इलाज
योगी सरकार ने लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों (आपातकाल के दौरान जेल गए लोग) और उनके आश्रितों के लिए एक बड़ा संवेदनशील फैसला लिया है।
कैबिनेट ने उन्हें पूरी तरह से कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को पास कर दिया है।
इस योजना के लागू होने के बाद लोकतंत्र सेनानी और उनके परिवार के सदस्य सरकार द्वारा चयनित अस्पतालों में बिना कोई एडवांस भुगतान किए सीधे अपना मुफ्त इलाज करा सकेंगे।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों को मंजूरी
चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है:
लोहिया संस्थान में बड़ा इमरजेंसी सेंटर: लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 1010 बेड के नए सुपर स्पेशियलिटी इमरजेंसी सेंटर के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
इससे राजधानी और आसपास के मरीजों को गंभीर स्थिति में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल का विस्तार: प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार का रास्ता भी साफ हो गया है।
वेटरनरी छात्रों का मानदेय बढ़ा: पशु चिकित्सा (Veterinary) की पढ़ाई कर रहे छात्रों को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है।
छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 4,000 रुपये से सीधे बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकास संबंधी फैसले
कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक नियमों में सुधार के लिए भी कुछ अहम बदलाव किए हैं:
मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी: मिर्जापुर में इस नई यूनिवर्सिटी के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
इसके साथ ही वहां पूलिंग उपकेंद्र और नई ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है, जिससे बिजली आपूर्ति बेहतर होगी।
नए नियम लागू: राज्य में उत्तर प्रदेश जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2026 और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग संशोधन विनियम 2026 को लागू करने की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा प्रतिभूति संबंधी 2007 की अधिसूचना में जरूरी संशोधनों को भी पास किया गया है।
विकास और सामाजिक न्याय का संतुलन
उत्तर प्रदेश समाचार के लिहाज से सोमवार को हुई यह कैबिनेट बैठक राज्य के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
एक तरफ जहां सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग यूपी का गठन कर सामाजिक न्याय और निष्पक्ष चुनाव की नींव रखी है।
वहीं दूसरी तरफ मेट्रो विस्तार, अस्पतालों के अपग्रेडेशन और भत्तों में बढ़ोतरी करके यह साफ कर दिया है कि उसका पूरा फोकस राज्य के समग्र विकास (Overall Development) पर है।
आने वाले समय में जब ये योजनाएं पूरी तरह जमीन पर लागू होंगी, तो इसका सीधा फायदा यूपी की जनता को मिलेगा।

