चाय के साथ गलत कॉम्बिनेशन: आजकल चाय सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि दिन की शुरुआत और बातचीत का बहाना है।
सुबह की कड़क चाय से लेकर शाम की थकान उतारने वाली चाय तक, हर घर में इसका खास स्थान है।
ज़्यादातर लोग चाय के साथ कुछ न कुछ खाने की आदत रखते हैं और कई बार खाना खाते समय या तुरंत बाद भी चाय पी लेते हैं, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे सेहत पर भारी पड़ सकती है।
खाने के साथ चाय पीना क्यों बन जाता है नुकसानदायक
चाय के साथ गलत कॉम्बिनेशन: डॉक्टर्स के अनुसार, भोजन के साथ चाय पीने से शरीर को मिलने वाला जरूरी पोषण कम हो जाता है।
हम भले ही भरपेट खाना खा लें, लेकिन चाय पीने की वजह से शरीर उस भोजन का पूरा लाभ नहीं उठा पाता।
लंबे समय तक यह आदत बनी रहने पर कमजोरी और पोषण की कमी जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं।
कैसे रुक जाता है पोषण का अवशोषण
वैज्ञानिक पी.बी. डिसलर के शोध द इफेक्ट ऑफ टी ऑन आयरन एब्जॉर्प्शन के मुताबिक, चाय में मौजूद टैनिन नामक तत्व भोजन में मौजूद आयरन से चिपक जाता है।
टैनिन और आयरन मिलकर ऐसा कॉम्प्लेक्स बना लेते हैं जिसे शरीर पचा नहीं पाता। परिणामस्वरूप आयरन शरीर में अवशोषित नहीं हो पाता और धीरे-धीरे उसकी कमी होने लगती है।
इस समस्या का असर सभी पर पड़ सकता है, लेकिन शाकाहारी लोग, किशोरियां और गर्भवती महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित होती हैं।
इन सभी को आयरन की आवश्यकता अधिक होती है। ऐसे में खाने के साथ चाय पीना उनके लिए थकान, चक्कर, कमजोरी और एनीमिया का कारण बन सकता है।
खाना खाते समय या तुरंत बाद चाय पीने से बढ़ता है खतरा
चाय के साथ गलत कॉम्बिनेशन: खाना खाते समय या भोजन खत्म होते ही चाय पीने से नुकसान सबसे ज्यादा होता है।
इस समय शरीर पोषक तत्वों को तेजी से अवशोषित करने की प्रक्रिया में होता है, लेकिन चाय उस प्रक्रिया में बाधा डाल देती है। यही कारण है कि डॉक्टर इस समय चाय पीने से मना करते हैं।
अगर खाना खाते समय कुछ पीने की आदत हो, तो चाय की जगह हल्की हर्बल टी, सादा पानी या विटामिन-सी युक्त पेय लेना बेहतर माना जाता है।
ये विकल्प न केवल सुरक्षित होते हैं, बल्कि कुछ मामलों में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं।
चाय पीने का सही समय
मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, चाय पीने का सही समय भोजन से कम से कम एक या दो घंटे पहले या बाद का होता है।
इस अंतराल में चाय पीने से न तो पाचन पर बुरा असर पड़ता है और न ही शरीर को मिलने वाले पोषक तत्वों में कमी आती है।
आजकल फिटनेस के चलते लोग चाय के साथ नींबू, ड्राई फ्रूट्स या फल जैसी चीजें लेने लगे हैं।
ये विकल्प दिखने में हेल्दी लगते हैं, लेकिन चाय के साथ इनका मेल कई बार शरीर को फायदा देने के बजाय नुकसान पहुंचा देता है।
पेट की समस्याओं की शुरुआत
नींबू और चाय को साथ लेने से ड्रिंक बहुत ज्यादा एसिडिक हो जाती है। इससे पेट फूलना, सीने में जलन, गैस और यहां तक कि अल्सर की समस्या भी हो सकती है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से पेट की दिक्कत रहती है।
बादाम, काजू और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन चाय के साथ लेने पर चाय में मौजूद टैनिन उनके विटामिन और मिनरल्स के अवशोषण को रोक देता है। इससे नट्स खाने के बावजूद शरीर को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
स्वाद बन सकता है खराब स्वास्थ्य की वजह
चाय के साथ गलत कॉम्बिनेशन: चाय के साथ बेसन के पकोड़े और नमकीन खाना स्वाद में भले ही लाजवाब लगे, लेकिन यह पाचन तंत्र के लिए बेहद भारी होता है।
इससे कब्ज, एसिडिटी, पेट में भारीपन और सीने में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं, फल सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन चाय के साथ या तुरंत बाद फल खाने से पेट खराब हो सकता है।
फलों में मौजूद अधिक पानी और चाय में मौजूद कैफीन मिलकर पाचन प्रक्रिया को बिगाड़ देते हैं, जिससे पेट दर्द और मरोड़ की शिकायत हो सकती है।
दवाओं के साथ चाय पीना क्यों हो सकता है खतरनाक
दवाओं के साथ चाय पीना एक खतरनाक आदत मानी जाती है। चाय में मौजूद कैफीन कई दवाओं के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया कर सकता है,
जिससे दवा का असर कम हो जाता है या घबराहट और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। डॉक्टरों का साफ कहना है कि दवाएं हमेशा सादे पानी के साथ ही लेनी चाहिए।
चाय से दूरी नहीं बल्कि समझदारी है ज़रूरी
अगर चाय पीनी है तो उसे सही समय पर और हल्के रूप में पिएं। बहुत ज्यादा चीनी, दूध या गलत फूड कॉम्बिनेशन से बचें और भोजन के साथ चाय लेने की आदत छोड़ने की कोशिश करें।
चाय हमारी दिनचर्या का हिस्सा है और इसे छोड़ना जरूरी नहीं है। जरूरत है तो बस सही समय, सही मात्रा और सही संगत की।
थोड़ी सी समझदारी अपनाकर चाय को नुकसानदायक बनने से बचाया जा सकता है और इसके स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखा जा सकता है।

