कब खाये राइस: भारतीय थाली में चावल का अपना अलग ही स्थान है।
चाहे दाल-चावल हो, सब्जी-चावल, करी-चावल या फिर नॉनवेज के साथ इसका कॉम्बिनेशन, यह हर किसी की पसंद बन जाता है।
बिरयानी, पुलाव और फ्राइड राइस तो खाने वालों की पहली पसंद में शामिल हैं। कई लोग तो ऐसे होते हैं जिनका खाना चावल के बिना अधूरा लगता है।
कब खाये राइस: स्वाद के साथ-साथ चावल पोषण से भी भरपूर होते हैं, क्योंकि इनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर मौजूद होता है।
ये शरीर को एनर्जी देने और पेट लंबे समय तक भरा रखने में मदद करते हैं। लेकिन सवाल ये है कि चावल खाने का सही समय क्या है—लंच या डिनर?
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कब खाये राइस: चावल के पोषक तत्व और फायदे
अक्सर लोगों का मानना है कि चावल खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि इन्हें संतुलित मात्रा में खाया जाए तो ये सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं बल्कि फायदेमंद साबित होते हैं।
चावल आसानी से पच जाते हैं और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखते हैं।
कब खाये राइस: इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है।
मैग्नीशियम और अन्य मिनरल्स हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए जरूरी माने जाते हैं।
ये ग्लूटेन-फ्री होते हैं, इसलिए जिन्हें ग्लूटेन से समस्या होती है, वे भी इन्हें खा सकते हैं।
कब खाये राइस: किस समय खाना है चावल सही?
कब खाये राइस: डायटिशियन का मानना है कि चावल खाने का सबसे उचित समय दोपहर है। उनका कहना है कि चावल का स्वभाव कफ बढ़ाने वाला होता है, जो शरीर में सूजन (इंफ्लामेशन) को बढ़ा सकता है। यही कारण है कि सर्दियों में चावल का सेवन सीमित करना चाहिए।
साथ ही एक्सपर्ट की कुछ खास सलाहें भी हैं—
अनपॉलिश्ड राइस का सेवन करें, क्योंकि पॉलिश्ड चावल में विटामिन बी12 की कमी हो जाती है।
कब खाये राइस: चावल को दही के साथ न खाएं, आयुर्वेद के अनुसार यह कॉम्बिनेशन कफ दोष बढ़ाता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए सफेद चावल की बजाय ब्राउन राइस ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं।

