UP: रामपुर के बिलासपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों और पारिवारिक विवाद की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है।
पत्नी को वापस घर बुलाने के लिए एक पति ने अपने ही साढ़े तीन साल के बेटे के अपहरण की साजिश रच डाली।
उसने बच्चे को अपने दोस्त के साथ सितारगंज भेज दिया और इसके बाद थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
हालांकि पुलिस की जांच में जल्द ही इस कहानी की परतें खुलने लगीं और पिता की भूमिका सामने आ गई।
दूसरी पत्नी के घर छोड़ने के बाद बनाया प्लान
मामला बिलासपुर थाना क्षेत्र की कश्यप हंस बिहार कॉलोनी का है। यहां 40 वर्षीय विकास कुमार कश्यप अपने परिवार के साथ रहता है।
पुलिस के मुताबिक, विकास की दो पत्नियां हैं और दोनों से उसके पांच बच्चे हैं।
पहली पत्नी बीना कश्यप से उसके दो बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी तरन्नुम से तीन बच्चे हैं। विकास अमरूद के बाग का ठेका लेने का काम करता है।
बताया जा रहा है कि दूसरी पत्नी तरन्नुम और विकास के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। तरन्नुम ने विकास पर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया था।
विवाद से परेशान होकर वह 19 अगस्त को घर छोड़कर चली गई। इसके बाद विकास ने 21 अगस्त को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
पत्नी ने दूसरी जगह कर लिया निकाह
पुलिस की जांच में पता चला कि घर छोड़ने के बाद तरन्नुम ने अपने भाई के दोस्त से निकाह कर लिया और उसके साथ रहने लगी।
यह बात विकास को नागवार गुजरी। पुलिस के अनुसार, वह किसी भी तरह अपनी दूसरी पत्नी को वापस अपने पास बुलाना चाहता था।
जब पत्नी वापस नहीं आई तो विकास ने उस पर दबाव बनाने का दूसरा रास्ता चुना। इसी दौरान उसने अपने दोस्त शंभू के साथ मिलकर बेटे के अपहरण की कहानी गढ़ने की योजना बनाई।
बच्चे को सितारगंज भेजकर दर्ज कराई शिकायत
पुलिस के मुताबिक, योजना के तहत विकास ने अपने साढ़े तीन साल के बेटे को अपने दोस्त शंभू के साथ सितारगंज भेज दिया।
इसके बाद 6 सितंबर को विकास थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि अज्ञात व्यक्ति उसके बेटे का अपहरण कर ले गए हैं।
बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बच्चे के गायब होने से पहले और बाद की गतिविधियों की जांच की।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को विकास की कहानी पर शक होने लगा। कुछ सुराग ऐसे मिले, जिनसे बच्चे के अपहरण में पिता की भूमिका संदिग्ध नजर आई।
इसके बाद पुलिस ने विकास से पूछताछ की और जांच को आगे बढ़ाया।
पिता की निशानदेही पर सुरक्षित मिला बच्चा
पुलिस ने गुरुवार को विकास को बिलासपुर नवीन मंडी के जीरो पॉइंट से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस सितारगंज पहुंची, जहां से साढ़े तीन साल के बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
बच्चे की बरामदगी के बाद पुलिस ने विकास के दोस्त शंभू को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया,
जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पत्नी पर दबाव बनाने के लिए रची थी पूरी साजिश
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि विकास का मकसद बच्चे को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उसके अपहरण की कहानी के जरिए पत्नी और उसके परिवार पर दबाव बनाना था।
वह चाहता था कि बेटे के गायब होने की बात सामने आने के बाद पुलिस तरन्नुम और उसके परिवार से पूछताछ करे और इसी दबाव में तरन्नुम वापस उसके पास लौट आए।
बच्चे को किसी परेशानी से बचाने के लिए उसे उसके परिचित के पास सितारगंज में रखा गया था, लेकिन पत्नी को वापस लाने की कोशिश में रची गई यह झूठी कहानी आखिरकार खुद विकास के लिए मुसीबत बन गई।
जिस अपहरण की शिकायत लेकर वह पुलिस के पास पहुंचा था, उसी मामले में वह खुद आरोपी बनकर जेल पहुंच गया।

