Monday, May 25, 2026

UCC से आदिवासी समाज को कोई खतरा नहीं, अमित शाह ने किया वादा

UCC: नई दिल्ली में आयोजित ‘जनजाति संस्कृति समागम’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया।

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

अपने संबोधन में उन्होंने साफ कहा कि UCC लागू होने से जनजातीय समाज की परंपराओं, संस्कृति और अधिकारों पर किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।

UCC को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर बोले शाह

अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग समाज में यह भ्रम फैला रहे हैं कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने के बाद आदिवासी समाज की पहचान और उनकी परंपराएं खत्म हो जाएंगी।

उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह गलत और भ्रामक प्रचार है।

गृह मंत्री ने कहा, “मैं चाहता हूं कि आप पूरे देश में जाकर लोगों को बताएं कि UCC से डरने की कोई जरूरत नहीं है।

जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।”

गुजरात और उत्तराखंड का दिया उदाहरण

अपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने गुजरात और उत्तराखंड में UCC लागू करते समय जनजातीय समुदायों को विशेष छूट दी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी आदिवासी समाज के अधिकारों और धार्मिक परंपराओं की रक्षा की जाएगी।

शाह ने कहा कि सरकार की मंशा किसी की परंपराओं में हस्तक्षेप करने की नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

‘जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की पहचान’

अमित शाह ने जनजातीय समाज की संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन उनकी असली पहचान हैं।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति की पूजा करता आया है और यही भारत की सनातन परंपरा का भी अहम हिस्सा है।

उन्होंने कहा, “जनजातीय समाज हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीने की सीख देता है।

आज दुनिया पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, लेकिन आदिवासी समाज सदियों से इस विचार को अपने जीवन में अपनाए हुए है।”

धर्म और आस्था की रक्षा का लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान अमित Shah ने लोगों से अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अपनी आस्था और संस्कृति को मजबूत बनाए रखना हर समाज की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनकी परंपराएं देश की पहचान को मजबूत बनाती हैं।

धर्म परिवर्तन पर भी दिया बड़ा संदेश

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में धर्म परिवर्तन के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है,

लेकिन किसी को भी लालच, दबाव या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि देश में सभी धर्मों और परंपराओं का सम्मान होना चाहिए, लेकिन जबरन धर्मांतरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

‘एकता में विविधता’ का सबसे बड़ा उदाहरण है जनजातीय समाज

अमित शाह ने कहा कि भारत का जनजातीय समाज ‘एकता में विविधता और विविधता में एकता’ का सबसे बड़ा उदाहरण है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले आदिवासी समुदायों की भाषाएं, रहन-सहन और परंपराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन सभी भारतीय संस्कृति और संविधान की भावना से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है।

सरकार का उद्देश्य सिर्फ विकास नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article