गोपाल शर्मा केस: ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में 15 वर्षीय गोपाल शर्मा की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बनवारी बाँस गाँव निवासी गोपाल शर्मा 21 मई 2026 को अचानक लापता हो गया था।
परिवार के अनुसार वह दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहाँ तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला।
अगले दिन 22 मई को गोपाल के पिता रवि भूषण उर्फ बंटी ने जेवर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
शिकायत में उन्होंने पुलिस से बेटे की जल्द तलाश करने की गुहार लगाई थी।
इसके बाद पुलिस ने जाँच शुरू की और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान चलाया।
खाली मकान से मिला शव, इलाके में फैला तनाव
23 मई को गोपाल शर्मा का शव गाँव से लगभग चार किलोमीटर दूर रोही गाँव के एक खाली मकान से बरामद हुआ।
शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जुट गए और परिवार ने हत्या की आशंका जताई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शव के पास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।
इसके बाद पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। वहीं, परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
परिवार ने लगाए वीभत्सता के आरोप
गोपाल शर्मा के पिता बंटी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके बेटे के साथ अमानवीय अत्याचार किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चे के शरीर को बुरी तरह क्षत-विक्षत किया गया था।
परिवार ने कहा कि शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे देखना तक मुश्किल था।
गोपाल की माँ सरोज शर्मा ने कहा कि बेटे की हालत देखकर वह पूरी तरह टूट गईं। वहीं दादी ने आरोप लगाया कि बच्चे के मुँह में कुछ ठूँस दिया गया था और आँखें बाहर निकली हुई थीं।
पिता ने यह भी कहा कि अगर केवल गोली मार दी जाती तो उन्हें इतना दुख नहीं होता, लेकिन जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं, उसने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।
परिवार का दावा है कि उन्होंने खुद बेटे का शव खोजा था और पुलिस बाद में मौके पर पहुँची।
उन्होंने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर की माँग की है।
पुलिस ने वायरल दावों को बताया अफवाह
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रहे कई दावों को अफवाह बताया है।
मामले की जाँच कर रहे DCP प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उसकी वीडियोग्राफी में ऐसी वीभत्सता की पुष्टि नहीं हुई है, जैसी बातें सोशल मीडिया पर कही जा रही हैं।
पुलिस के अनुसार शव कई घंटों तक बंद कमरे में पड़ा रहा था और गर्मी के कारण शरीर तेजी से डीकंपोज होने लगा था।
इसी वजह से तस्वीरें भयावह दिखाई दे रही थीं। पुलिस ने यह भी साफ किया कि रेप या अंग काटे जाने जैसी बातों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सड़कों पर उतरे संगठन, गिरफ्तारी की माँग तेज
इस घटना के बाद Uttar Pradesh में कई ब्राह्मण संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपितों को गिरफ्तार करे और मामले की निष्पक्ष जाँच कराए।
इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा न करने की अपील कर रहा है।
फिलहाल यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और परिवार न्याय की माँग पर अड़ा हुआ है।

