Friday, April 17, 2026

TCS में धर्मांतरण का बड़ा खेल उजागर, घुमाने के बहाने थी रेप की प्लानिंग

TCS में धर्मांतरण का बड़ा खेल उजागर: आपको 2020 में TATA ग्रुप के तनिष्क का वो एड तो याद ही होगा, जहां पर एक हिंदू लड़की की गोदभराई की रस्म करते हुए मुस्लिम परिवार के साथ दिखाया गया था,

जिसे लेकर देश भर में बवाल हुए और लोगों ने कहा कि सीधे तौर पर लव जिहाद को प्रमोट किया जा रहा है और ऐसा ही कुछ हुआ TCS में।

जहां पर हिंदू लड़कियों को षड्यंत्र के तहत निशाना बनाया जा रहा था।

हिंदू महिलाओं के साथ यौन शोषण

महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के दफ्तर से जुड़ा यह मामला अब अत्यंत गंभीर मोड़ ले चुका है।

हिंदू महिलाओं के साथ यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्मांतरण की कोशिशों से जुड़े इस केस में हर गुजरते दिन के साथ चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि TCS के भीतर बीते कई वर्षों से एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाया जा रहा था।

गिरोह की मास्टरमाइंड निदा खान

SIT की जांच में सामने आया है कि कंपनी की दीवारों के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था।

इस पूरे गिरोह की मास्टरमाइंड एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान बताई जा रही है, जो FIR में नाम आने के बाद से ही फरार है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि निदा खान की भूमिका केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह इस गिरोह की सबसे अहम कड़ी थी,

जो अन्य आरोपियों को न केवल प्रशासनिक सहयोग देती थी बल्कि षड्यंत्र रचने में भी सक्रिय रहती थी।

मुख्य आरोपी शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर और शफी शेख के खिलाफ यौन शोषण से लेकर लव जिहाद तक की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

इस्लाम अपनाने का दबाव

पीड़ित युवतियों ने अपने बयानों में बताया कि उन्हें जबरन इस्लामिक जीवनशैली अपनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

उन पर नमाज पढ़ने, बुर्का पहनने और हिजाब लगाने का भारी दबाव बनाया जाता था।

यदि कोई युवती इसका विरोध करने का साहस जुटाती, तो उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया जाता कि वह टूट जाए।

इस पूरे खेल में आरोपी टीम लीडर्स और निदा खान मिलकर लड़कियों को डराने-धमकाने का काम करते थे ताकि वे चुप्पी साधे रखें।

महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें

SIT को एक पूर्व कर्मचारी के जरिए कुछ ऐसी जानकारियां भी मिली हैं जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पता चला है कि आरोपी ऑफिस का समय खत्म होने के बाद भी कंपनी परिसर में ही जमे रहते थे और संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देते थे।

इतना ही नहीं, यह भी सामने आया है कि ट्रेनिंग के बहाने आसिफ अंसारी, शफी शेख और तौसीफ अत्तर महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें करते थे और उन्हें गलत तरीके से छूते थे।

कुछ मामलों में तो लड़कियों को बहला-फुसलाकर या दबाव डालकर बाहर घुमाने ले जाने और उनके साथ रेप की योजनाएं भी बनाई गई थीं।

‘सॉफ्ट टारगेट’

इस साजिश का सबसे डरावना पहलू यह था कि भारतीय परंपराओं का पालन करने वाली या साड़ी पहनने वाली लड़कियों को विशेष रूप से ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाया जाता था।

इन लड़कियों को पहले दोस्ती के बहाने घेरा जाता और फिर उन पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था।

आरोपियों के बीच होने वाली बातचीत के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल होता था, जहां वे तय करते थे कि अगली शिकार कौन होगी।

हालांकि कई सबूत मिटाने के लिए चैट डिलीट कर दी गई हैं, लेकिन फोरेंसिक टीम उन्हें रिकवर करने में लगी है।

अब तक 12 पीड़िताएं न्याय की गुहार लगा चुकी हैं और उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर यह संख्या और बढ़ सकती है।

फिलहाल पूरी कोशिश निदा खान की गिरफ्तारी और इस पूरे जहरीले नेटवर्क को जड़ से खत्म करने पर टिकी है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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