सईदा बेगम का “खवातीन” जिहादी नेटवर्क: आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस और काउंटर-इंटेलिजेंस ने एक संगठित कट्टरपंथी नेटवर्क का खुलासा किया है।
इस मामले में अब तक आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार और राजस्थान में कार्रवाई कर 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
इस गिरोह का नाम ‘अल मलिक इस्लामिक यूथ’ बताया जा रहा है, जिसके तार अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों आई.एस.आई.एस. (ISIS) और अल-कायदा (Al-Qaeda) से जुड़े होने की आशंका है।
मजहबियों को किया गया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश, मिर्जा सोहेल बेग, अल-हकीम शुकूर, मोहम्मद हुजैफा, निंजा, हेमरॉक्सी, अबू मुहरिब, अबू बलुशी और सईदा बेगम शामिल हैं।
यह नेटवर्क युवाओं को जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लेता था।
करीब 40 इंस्टाग्राम अकाउंट और गुप्त मैसेजिंग ऐप्स के जरिए ओसामा बिन लादेन,
जाकिर नाइक, इसरार अहमद शेख और अनवर अल-अवलाकी के वीडियो शेयर किए जाते थे ताकि युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित किया जा सके।
सईदा बेगम के पाकिस्तान से तार
जांच में ‘खवातीन’ नाम की एक महिला के ग्रुर्प का भी पता चला है, जिसकी हेड हैदराबाद की सईदा बेगम थी। यह ग्रुर्प विशेष रूप से महिलाओं को जोड़ने और नेटवर्क के बढ़ाने का काम करती थी।
सईदा बेगम के पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के संदिग्धों से संपर्क में होने की बात भी सामने आई है।
गिरोह युवाओं को ‘हिजरत’ के नाम पर विदेश भेजने का लालच देता था, जहाँ उन्हें हथियार चलाने और आई.ई.डी. (IED) जैसे विस्फोटक बनाने का प्रशिक्षण दिया जाना था।
भारत में खिलाफत स्थापित करना
इसके अलावा, यह नेटवर्क साइबर हमलों और सरकारी वेबसाइटों को हैक करने की योजना भी बना रहा था। इनका मुख्य उद्देश्य भारत में ‘खिलाफत’ स्थापित करना था।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क की विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया व यूएई में बैठे हैंडलर्स की पहचान करने में जुटी हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देशभर में जांच जारी है और आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है ताकि इस पूरे तंत्र को पूरी तरह खत्म किया जा सकें।

