Dhiraj Seth: केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के नए थल सेनाध्यक्ष (Chief of Army Staff) के नाम का ऐलान कर दिया है।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह 30 जून 2026 की दोपहर से पदभार संभालेंगे।
मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी उसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
कौन हैं धीरज सेठ?
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। उनके पास करीब 40 वर्षों का सैन्य अनुभव है।
वह वर्तमान में भारतीय सेना के वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (VCOAS) के पद पर कार्यरत हैं और 1 अप्रैल 2026 को उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी।
उनका सैन्य करियर ऑपरेशनल, रणनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से भरा रहा है।
उन्होंने रेगिस्तानी इलाकों से लेकर जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं।
कहां के रहने वाले हैं?
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के जन्मस्थान या गृह राज्य की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
इसलिए इस बारे में कोई दावा करना उचित नहीं होगा। हालांकि, यह जरूर पता है कि उनका परिवार लंबे समय से सेना से जुड़ा रहा है।
उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद पर रह चुके हैं और 1997 में सेवानिवृत्त हुए थे।
कहां से की पढ़ाई?
धीरज सेठ ने देश की प्रतिष्ठित सैन्य अकादमी नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खड़कवासला से पढ़ाई की है।
इसके बाद उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA), देहरादून से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया।
दिसंबर 1986 में उन्हें भारतीय सेना की आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला और उन्होंने सैन्य सेवा शुरू की।
उन्होंने आगे की पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा प्राप्त की, जिनमें डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC), वेलिंगटन, आर्मी वॉर कॉलेज, महू और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली शामिल हैं।
उन्होंने फ्रांस के सैन्य संस्थान Collège interarmées de Défense में भी प्रशिक्षण लिया और अमेरिका के Naval Postgraduate School में इंटरनेशनल डिफेंस एक्विजिशन मैनेजमेंट कोर्स भी किया।
सेना में किन-किन पदों पर रहे?
अपने लगभग चार दशक लंबे करियर में धीरज सेठ ने सेना की कई महत्वपूर्ण कमान संभाली हैं।
उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में आर्मर्ड रेजिमेंट की कमान संभाली, पश्चिमी मोर्चे पर आर्मर्ड ब्रिगेड का नेतृत्व किया और जम्मू-कश्मीर में काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स की कमान भी संभाली।
इसके अलावा वह भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन 21 कोर (सुदर्शन चक्र कोर) के कमांडर भी रहे हैं।
बाद में उन्होंने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग की जिम्मेदारी निभाई।
इसके बाद वह दक्षिण-पश्चिमी कमान (South Western Command) और फिर दक्षिणी कमान (Southern Command) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने।
कौन-कौन से सम्मान मिले?
भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान दिए जा चुके हैं।
उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया गया है।
इसके अलावा उन्हें सेना प्रमुख और विभिन्न सैन्य कमांडरों से कई प्रशस्ति पत्र भी मिल चुके हैं।
क्यों अहम मानी जा रही है यह नियुक्ति?
धीरज सेठ ऐसे समय में भारतीय सेना की कमान संभालने जा रहे हैं, जब सेना आधुनिक तकनीक, नई युद्ध रणनीतियों और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उन्होंने अपने लंबे करियर में सेना की युद्ध क्षमता बढ़ाने और उसके आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा।

