Sunday, September 20, 2026

कर्नाटक में बेरोजगार युवाओं का बगावत, सिद्धारमैया सरकार पर टूट पड़ा गुस्सा

कर्नाटक

धारवाड़ की सड़कों पर गूंजा विरोध

कर्नाटक के धारवाड़ में गुरुवार (25 सितंबर 2025) को हजारों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि लंबे समय से अटकी सरकारी भर्तियाँ तुरंत शुरू की जाएं। साथ ही पुलिस कॉन्सटेबल पदों की भर्ती के लिए आयु सीमा बढ़ाने की मांग भी की गई।

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अखिल कर्नाटक छात्र संघ के बैनर तले प्रदर्शन

इस बड़े आंदोलन का नेतृत्व अखिल कर्नाटक छात्र संघ ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रिक्त पदों पर नियुक्तियाँ न होने से बेरोजगारी बढ़ रही है और युवा निराशा में धकेले जा रहे हैं। यह प्रदर्शन धारवाड़ में हुआ, जिसे प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र माना जाता है। प्रदेशभर से छात्र यहाँ तैयारी के लिए आते हैं, और वही अब सरकार से असंतुष्ट दिखाई दिए।

कांग्रेस सरकार की भर्तियों पर रोक

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अक्टूबर 2024 में अनुसूचित जाति को आंतरिक आरक्षण देने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके चलते सरकारी भर्तियों पर रोक लगा दी गई थी। अगस्त 2025 में गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी, जिसे मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की कैबिनेट ने मंजूरी भी दे दी।

नया आरक्षण मैट्रिक्स और असंतोष

कैबिनेट की मंजूरी के बाद नया आरक्षण मैट्रिक्स तय हुआ, जिसमें अनुसूचित जातियों के लिए 17 प्रतिशत आरक्षण को पुनर्गठित किया गया। इसमें दलित दक्षिणपंथी (होलेया) और दलित वामपंथी (मडिगा) समुदाय को 6 प्रतिशत, जबकि लम्बानी, कोरमा, कोराचा, भोविस सहित 59 सूक्ष्म समुदायों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसके बावजूद भर्तियाँ शुरू नहीं हुईं।

अधूरा वादा और युवाओं का गुस्सा

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा था कि आंतरिक आरक्षण लागू होते ही सरकारी भर्तियाँ शुरू होंगी। रिपोर्ट को मंजूरी मिले एक महीना बीत चुका है, लेकिन नियुक्तियों की प्रक्रिया अब तक आगे नहीं बढ़ी। इस अधूरे वादे से नाराज अभ्यर्थियों का गुस्सा आखिरकार धारवाड़ की सड़कों पर फूट पड़ा।

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