Tuesday, June 30, 2026

पाकिस्तान ने 125 साल पुराने गुरुद्वारा को गिराया, सिख समुदाय में आक्रोश

पाकिस्तान एक बार फिर अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में है।

पंजाब प्रांत में स्थित करीब 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री सिंह सभा को ढहाए जाने का मामला सामने आया है।

इस घटना के बाद सिख समुदाय में गहरा आक्रोश है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में गुरुद्वारे का ढांचा मलबे में तब्दील दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि यह गुरुद्वारा लंबे समय तक क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान का हिस्सा रहा है और इसे पाकिस्तान की महत्वपूर्ण विरासतों में भी गिना जाता था।

घटना के सामने आने के बाद पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।

सिख संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक इमारत को गिराने का मामला नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने की घटना है।

सांस्कृतिक विरासत बचाने के दावों पर उठे सवाल

बीते कुछ वर्षों में पाकिस्तान सरकार ने कई मौकों पर दावा किया था कि वह देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए काम कर रही है।

कुछ स्थानों पर पुराने हिंदू और सिख स्थलों से जुड़े नामों को बहाल करने की पहल भी की गई थी।

इन कदमों को पाकिस्तान की सकारात्मक छवि बनाने की कोशिश के तौर पर पेश किया गया।

हालांकि, गुरुद्वारा श्री सिंह सभा को गिराए जाने की घटना के बाद इन दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।

आलोचकों का कहना है कि अगर ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को ही सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, तो विरासत संरक्षण के दावों का कोई खास महत्व नहीं रह जाता।

उनका मानना है कि केवल घोषणाएं करने से सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा नहीं होती, बल्कि उनके संरक्षण के लिए ठोस कार्रवाई भी जरूरी है।

विरोध के बाद प्रशासन ने उठाया कदम

गुरुद्वारे को गिराने की खबर सामने आते ही पाकिस्तान समेत कई देशों में रहने वाले सिख समुदाय ने इसका विरोध शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखने को मिली।

पाकिस्तान में स्थानीय सिख प्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विरोध बढ़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने संबंधित परिसर को फिलहाल सील कर दिया है।

अधिकारियों ने वहां किसी भी तरह के निर्माण कार्य या आगे की तोड़फोड़ पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया है।

हालांकि, सिख संगठनों का कहना है कि सिर्फ परिसर को सील कर देना पर्याप्त नहीं है।

वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पहले भी क्षतिग्रस्त हुआ था गुरुद्वारा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब गुरुद्वारा श्री सिंह सभा को नुकसान पहुंचा हो।

बताया जाता है कि करीब चार साल पहले भी इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे के गुंबद को कथित तौर पर भूमाफियाओं ने क्षतिग्रस्त कर दिया था।

उस समय घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसने काफी चर्चा बटोरी थी।

सिख समुदाय का आरोप है कि उस दौरान पुलिस और संबंधित विभागों को शिकायत दी गई थी, लेकिन मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के उचित इंतजाम किए गए होते, तो आज यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा इस स्थिति में नहीं पहुंचता।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

सिख संगठनों का आरोप है कि ऐतिहासिक गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए जिम्मेदार संस्थाओं ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई।

उनका कहना है कि यदि विरासत स्थलों की नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जाती, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।

सिख समुदाय अब मांग कर रहा है कि गुरुद्वारा श्री सिंह सभा को हुए नुकसान की भरपाई की जाए, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article