Himanshi Khurana: ‘बिग बॉस 13’ से चर्चा में आईं पंजाबी एक्ट्रेस और सिंगर हिमांशी खुराना एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं।
पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने अपने पुराने रिश्ते, धार्मिक मान्यताओं और उस दौर में चले मानसिक संघर्ष को लेकर कई बातें साझा की हैं।
उन्होंने बातचीत के दौरान अपने पूर्व साथी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को आसिम रियाज के साथ उनके पुराने रिश्ते से जोड़कर देखा जा रहा है।
हिमांशी और आसिम ने दिसंबर 2023 में लगभग चार साल के रिश्ते के बाद अलग होने की घोषणा की थी और उस समय दोनों ने अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं को ब्रेकअप की वजह बताया था।
धर्म बदलने तक पहुंच गई थी बात
पॉडकास्ट में पारस छाबड़ा ने हिमांशी से उनके धर्म परिवर्तन से जुड़ी चर्चाओं के बारे में सवाल किया। इस पर हिमांशी ने बताया कि उनके पुराने रिश्ते में एक समय ऐसा भी आया था जब दूसरे धर्म को अपनाने का विषय गंभीरता से उनके सामने था।
हिमांशी के मुताबिक, उनके तत्कालीन पार्टनर उन्हें अपने धर्म की अच्छी बातें बताते थे और चाहते थे कि वह उन मान्यताओं को समझें तथा स्वीकार करें।
हालांकि, हिमांशी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पार्टनर ने उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया था और आखिरकार यह सवाल उनके लिए अपनी आस्था और व्यक्तिगत पहचान का बन गया था।
हिमांशी के मुताबिक, जैसे-जैसे यह चर्चा आगे बढ़ी, उन्हें महसूस होने लगा कि यदि उन्होंने धर्म बदलने का फैसला किया तो शायद उन्हें बचपन से चली आ रही अपनी धार्मिक परंपराओं और पूजा-पाठ के तरीकों से दूरी बनानी पड़ेगी। इसी विचार ने उनके अंदर गहरा द्वंद्व पैदा कर दिया।
पूजा-पाठ को लेकर उठे सवाल
हिमांशी ने बातचीत में संकेत दिया कि रिश्ते के दौरान उनसे कहा गया था कि आगे कुछ धार्मिक गतिविधियां उसी तरह जारी नहीं रह पाएंगी। इसी बात ने उन्हें भीतर तक परेशान किया।
उनके लिए मामला केवल किसी एक पूजा-पद्धति को अपनाने या छोड़ने का नहीं था, बल्कि यह सवाल था कि क्या किसी रिश्ते को बनाए रखने के लिए वह अपनी वर्षों पुरानी धार्मिक पहचान को पीछे छोड़ सकती हैं।
हिमांशी ने अपनी बात समझाते हुए कहा कि यदि वह किसी दूसरे धर्म की प्रार्थना भी पढ़ें तो कोई यह कैसे तय कर सकता है कि उनके मन में उनकी पुरानी आस्था या ‘ओम नमः शिवाय’ जैसे शब्द नहीं चल रहे होंगे।
उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि किसी दूसरे धार्मिक स्थल पर सिर झुकाते समय भी उनके मुंह से स्वाभाविक रूप से ‘वाहेगुरु’ निकल सकता है, क्योंकि ये मान्यताएं उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन चुकी थीं।
‘मुझे लगा मैं अपने भगवान को धोखा दे रही हूं’
धर्म और पहचान को लेकर चल रहे इसी संघर्ष के बीच हिमांशी को महसूस होने लगा कि अपनी पुरानी आस्था को छोड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।
उन्होंने पॉडकास्ट में कहा कि एक समय उन्हें ऐसा लगने लगा था जैसे वह अपने भगवान और अपनी आस्था के साथ विश्वासघात कर रही हों। इसी भावना ने उन्हें अपने फैसले पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया।
हिमांशी के मुताबिक, इस पूरे दौर में उनके मन में लगातार कई सवाल उठ रहे थे। उन्होंने यहां तक सोचना शुरू कर दिया था कि अगर उनकी धार्मिक पहचान पूरी तरह बदल जाती है तो जीवन के अंतिम संस्कार तक की परंपराएं कैसे बदल जाएंगी, उन्हें दफनाया जाएगा या उनका अंतिम संस्कार उनकी पुरानी परंपरा के अनुसार होगा। हिमांशी ने इसे अपने लिए एक अहम ‘टर्निंग पॉइंट’ बताया।
चारधाम और मंदिरों के दर्शन करने की जताई थी इच्छा
Himanshi Khurana relationship: हिमांशी ने बताया कि जब उन्हें लगा कि भविष्य में शायद वह अपनी मौजूदा धार्मिक परंपराओं को उसी तरह नहीं निभा पाएंगी, तो उन्होंने एक इच्छा जताई थी।
वह किसी बड़े फैसले से पहले चारधाम और अपने लिए महत्वपूर्ण मंदिरों व तीर्थस्थलों के दर्शन करना चाहती थीं। उनके मुताबिक, उस समय उनके मन में भावना कुछ ऐसी थी जैसे वह अपनी पुरानी आस्था और धार्मिक जीवन को अलविदा कहने जा रही हों।
यही वह दौर था जब हिमांशी ने खुद से यह सवाल पूछना शुरू किया कि आखिर उनकी असली पहचान क्या है और क्या प्यार के लिए उस पहचान को पूरी तरह बदला जा सकता है। इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए उन्होंने अध्यात्म और तीर्थयात्राओं की ओर रुख किया।
किन्नौर कैलाश यात्रा में मिली सोच को नई दिशा
himanshi khurana instagram story: हिमांशी ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा का जिक्र करते हुए किन्नौर कैलाश ट्रेक के अनुभव को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद वह इस यात्रा पर गईं और वहीं उन्हें अपने मन में चल रहे कई सवालों को लेकर स्पष्टता मिलने लगी। इस दौरान वह काफी भावुक भी हो गई थीं।
दिलचस्प बात यह है कि हिमांशी ने अपने पूर्व साथी के बारे में केवल नकारात्मक बातें नहीं कहीं। उन्होंने यह भी बताया कि जिस समय वह किन्नौर कैलाश यात्रा पर गईं, उस समय उनके पार्टनर ने उनके इस फैसले का समर्थन किया था और यात्रा के लिए उन्हें प्रोत्साहित भी किया था।
इसलिए हिमांशी ने पूरे मामले को किसी एक व्यक्ति को गलत साबित करने के बजाय अपनी आस्था, पसंद और व्यक्तिगत सीमाओं से जुड़ा फैसला बताया।
मानसिक रूप से बेहद मुश्किल था वह दौर
himanshi khurana bf: पॉडकास्ट में हिमांशी ने स्वीकार किया कि रिश्ते, स्वास्थ्य और निजी जिंदगी से जुड़े कई मुद्दे एक ही समय पर चल रहे थे। धर्म और पहचान को लेकर उठे सवालों ने भी मानसिक दबाव को बढ़ाया।
उन्होंने उस दौर का जिक्र करते हुए बताया कि एक समय उन्हें ऐसा महसूस होने लगा था जैसे वह अपने पुराने जीवन और पहचान को अलविदा कह रही हों। यही वजह थी कि उन्होंने अपने फैसलों पर गंभीरता से विचार करना शुरू किया।
हिमांशी ने बातचीत में अपने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संघर्षों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि ‘बिग बॉस’ के बाद के वर्षों में उन्हें एंग्जायटी और पैनिक अटैक जैसी समस्याओं से भी गुजरना पड़ा और बाद में उन्होंने खुद को समय देने के लिए काम से कुछ समय का ब्रेक लिया।
अध्यात्म को उन्होंने अपनी जिंदगी में दोबारा संतुलन बनाने के महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक बताया।
‘बिग बॉस 13’ में शुरू हुई थी आसिम और हिमांशी की कहानी
himanshi khurana movies: हिमांशी खुराना और आसिम रियाज की मुलाकात सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस 13’ में हुई थी।
हिमांशी शो में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर पहुंची थीं। शो के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया।
‘बिग बॉस’ के बाद भी दोनों कई वर्षों तक साथ रहे और एक साथ कई म्यूजिक वीडियो में भी नजर आए। करीब चार साल तक साथ रहने के बाद दिसंबर 2023 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया।
हिमांशी ने उस वक्त सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि दोनों की धार्मिक मान्यताएं अलग होने के कारण वे अपनी राहें अलग कर रहे हैं।
इसके बाद आसिम रियाज ने भी कहा था कि दोनों ने अपनी-अपनी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया है।
पॉडकास्ट में आसिम का नाम सीधे नहीं लिया
himanshi khurana news: हिमांशी के हालिया बयान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि उन्होंने धर्म परिवर्तन और धार्मिक मतभेदों वाले हिस्से में आसिम रियाज का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।
हालांकि, उनके और आसिम के पुराने रिश्ते तथा 2023 में सार्वजनिक रूप से बताई गई ब्रेकअप की वजह के कारण मीडिया रिपोर्ट्स उनके इन बयानों को उसी रिश्ते से जोड़ रही हैं।
इसलिए इन बातों को हिमांशी के व्यक्तिगत अनुभव और उनके बयान के रूप में देखना जरूरी है, न कि स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में।
ब्रेकअप के वर्षों बाद सामने आई रिश्ते की नई परत
Himanshi Khurana: दिसंबर 2023 में जब आसिम और हिमांशी अलग हुए थे, तब दोनों ने बेहद संक्षिप्त तरीके से धार्मिक मतभेदों का जिक्र करते हुए रिश्ते को खत्म करने की जानकारी दी थी।
अब पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने पहली बार विस्तार से बताया है कि उन धार्मिक मतभेदों ने उनके अंदर किस तरह पहचान, पूजा-पद्धति, अध्यात्म और भविष्य को लेकर सवाल खड़े किए थे।
हिमांशी की बातों से यह सामने आता है कि उनके लिए ब्रेकअप केवल एक प्रेम संबंध खत्म होने तक सीमित नहीं था। उनके मुताबिक, यह वह दौर भी था जिसने उन्हें अपनी आस्था और पहचान को नए सिरे से समझने के लिए मजबूर किया।
तीर्थयात्राओं और आत्ममंथन के बाद उन्होंने उस रास्ते को चुना जिसमें वह अपनी धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत पहचान के साथ सहज महसूस कर सकें।
यह भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस 2026: लाल किले से पहली बार गूंजा वंदे मातरम, पीएम मोदी ने फहराया तिरंगा

