Maharashtra FDA raid: महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है।
10 मिनट में किराना और खाने-पीने का सामान पहुंचाने वाले क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के डार्क स्टोर्स और स्टोरेज सेंटर अब खाद्य विभाग की जांच के दायरे में हैं।
इसी अभियान के तहत 13 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के कई शहरों और इलाकों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े स्टोर्स की जांच की गई।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई कमियां सामने आईं और कुल 14 फूड बिजनेस लाइसेंस सस्पेंड किए गए।
Blinkit, Zepto और Instamart के स्टोर्स की जांच
महाराष्ट्र के खाद्य विभाग ने 13 अगस्त को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए खाद्य पदार्थ बेचने वाले कारोबारियों और क्विक-कॉमर्स स्टोर्स के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान में राज्यभर में करीब 86 जगहों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान एक सेंटर को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया गया,
जबकि करीब 60 जगहों पर सुधार नोटिस जारी किए गए। हालांकि, इस कार्रवाई में किसी भी फूड लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द नहीं किया गया।
विभाग की कार्रवाई में कुल 14 फूड बिजनेस ऑपरेटर लाइसेंस सस्पेंड किए गए। इनमें Blinkit से जुड़े 5, Zepto से जुड़े 5 और Instamart से संबंधित 2 सेंटर शामिल हैं।
इसके अलावा Bhagwati Store और Swiinsta ENT Pvt Ltd से जुड़े लाइसेंस पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई।
मुंबई के कई सेंटरों में मिलीं गंभीर कमियां
जांच के दौरान मुंबई के कुछ क्विक-कॉमर्स स्टोर्स में साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के स्टोरेज को लेकर कई खामियां सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, घाटकोपर स्थित एक Blinkit सेंटर में स्टोरेज रैक साफ नहीं थे।
खाद्य और गैर-खाद्य सामान को उचित तरीके से अलग-अलग नहीं रखा गया था।
निरीक्षण के दौरान खराब और सड़ी हुई सब्जियां भी मिलीं। इसके अलावा सेंटर में कॉकरोच की मौजूदगी भी सामने आई। अधिकारियों ने स्टोर की छत और फर्श की स्थिति को भी संतोषजनक नहीं पाया।
जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों की मेडिकल जांच और पीने के पानी की गुणवत्ता से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे।
खाद्य कारोबार में साफ-सफाई और रिकॉर्ड का सही तरीके से रखरखाव बेहद जरूरी माना जाता है, इसलिए ऐसी कमियों को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया गया।
बांद्रा और अंधेरी में भी मिली गंदगी
मुंबई के बांद्रा और अंधेरी इलाके में किए गए निरीक्षण के दौरान भी कुछ सेंटरों में साफ-सफाई को लेकर शिकायत योग्य स्थितियां मिलीं।
अधिकारियों को धूल, कचरा और चूहों की बीट जैसी गंदगी दिखाई दी। इसके साथ ही कुछ जगहों पर जरूरी रिकॉर्ड भी अधूरे पाए गए।
खाद्य विभाग की जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों को सुरक्षित और स्वच्छ परिस्थितियों में रखा जा रहा है या नहीं।
क्विक-कॉमर्स कंपनियां सामान की डिलीवरी बहुत कम समय में करती हैं, लेकिन इसके पीछे इस्तेमाल होने वाले डार्क स्टोर्स और वेयरहाउस में खाद्य पदार्थों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद क्या होगा?
जिन सेंटरों के FSSAI फूड लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं, वे सस्पेंशन की अवधि के दौरान खाद्य और पेय पदार्थों की खरीद या बिक्री नहीं कर सकते।
संबंधित संस्थानों को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जरूरत होगी।
महाराष्ट्र में हुई यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए क्विक-कॉमर्स ऐप्स पर निर्भर हैं।
ऐसे में ग्राहकों तक पहुंचने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनके स्टोरेज की स्थिति भी काफी अहम हो जाती है।
FDA की इस कार्रवाई से साफ है कि ऑनलाइन डिलीवरी का मतलब यह नहीं है कि खाद्य सुरक्षा के नियमों से कोई समझौता किया जा सकता है।
ग्राहकों को भी सामान खरीदते समय पैकेजिंग, एक्सपायरी डेट और उत्पाद की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए।
वहीं कंपनियों की जिम्मेदारी है कि उनके डार्क स्टोर्स और स्टोरेज सेंटर में साफ-सफाई, तापमान, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और जरूरी रिकॉर्ड से जुड़े सभी नियमों का सही तरीके से पालन हो।

