Sonam Wangchuk Viral Video: नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के समर्थन में 26 दिनों तक भूख हड़ताल करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार रात 10:53 बजे अस्पताल से एक लंबा वीडियो संदेश जारी कर अपने आलोचकों को तीखा जवाब दिया।
अनशन समाप्त करने के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ उठ रहे सवालों और सरकार के साथ कथित ‘डील’ के आरोपों पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
वांगचुक ने कहा कि 26 दिन तक भूखे रहने के बाद उनका 11 किलो वजन कम हो चुका है, फिर भी कुछ लोग उनकी नीयत और संघर्ष पर सवाल उठा रहे हैं।
क्या मुझे अपनी ईमानदारी साबित करनी पड़ेगी?
Sonam Wangchuk Viral Video: वीडियो में सोनम वांगचुक ने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि क्या अब उन्हें यह साबित करने के लिए किसी से चरित्र प्रमाण पत्र लेना होगा कि उनका अनशन कितना पवित्र और ईमानदार था।
उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा लगातार यह पूछा जा रहा है कि उन्होंने अनशन किसके कहने पर खत्म किया, किसके हाथों तुड़वाया और आखिर कौन-सी डील हुई।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में कोई समझौता करना ही होता तो क्या वह 26 दिनों तक दिल्ली की तपती गर्मी में सड़क किनारे भूखे बैठते? उनके मुताबिक यदि किसी प्रकार का सौदा करना होता तो वह बंद कमरे में आराम से भी किया जा सकता था।
26 दिन के अनशन ने शरीर को पहुंचाया बड़ा नुकसान
Sonam Wangchuk Viral Video: सोनम वांगचुक ने बताया कि लगातार 26 दिनों तक भोजन न करने के कारण उनका शरीर बुरी तरह कमजोर हो गया है।
उन्होंने कहा कि उनका करीब 11 किलो वजन कम हो चुका है, मांसपेशियां खत्म होने लगी हैं और डॉक्टरों ने शरीर के कुछ अंगों तथा दिमाग को स्थायी नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने यह संघर्ष किसी निजी लाभ के लिए नहीं बल्कि देशभर के उन छात्रों के लिए किया जो पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हुए हैं।
लद्दाख की ठंडी जलवायु छोड़कर दिल्ली की भीषण गर्मी में बैठना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन छात्रों के भविष्य को देखते हुए उन्होंने यह रास्ता चुना।
सरकार से किसी गुप्त समझौते से किया साफ इनकार
Sonam Wangchuk Viral Video: अनशन समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार और सोनम वांगचुक के बीच कोई समझौता हुआ है। इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी प्रकार की व्यक्तिगत या राजनीतिक डील नहीं की।
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यदि किसी समझौते का उद्देश्य निजी लाभ होता तो वह इतना लंबा अनशन कभी नहीं करते। उनके अनुसार उन्होंने केवल छात्रों के हित और आंदोलन के उद्देश्य को प्राथमिकता दी।
किन आश्वासनों के बाद खत्म किया अनशन?
Sonam Wangchuk Viral Video: सोनम वांगचुक ने बताया कि उन्होंने भूख हड़ताल तब समाप्त की जब केंद्र सरकार की ओर से कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लिखित आश्वासन मिला।
इनमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज न करने, परीक्षा प्रणाली में सुधारों पर गंभीर पहल करने, पेपर लीक जैसे मामलों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने जैसे मुद्दे शामिल थे।
उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ संभावित पुलिस कार्रवाई की आशंका भी उन्हें लगातार परेशान कर रही थी।
छात्रों के हित और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला किया।
ट्रोलिंग पर फूटा गुस्सा
Sonam Wangchuk Viral Video: लगातार हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें सबसे अधिक दुख इस बात का है कि कुछ लोग बिना पूरी जानकारी के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विचार समाज के लिए चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को पहले यह समझना चाहिए कि उस समय की परिस्थितियां क्या थीं और किस मानसिक तथा शारीरिक स्थिति में उन्होंने फैसला लिया। किसी के त्याग और संघर्ष पर बिना तथ्य के सवाल उठाना उचित नहीं है।
पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भी की आलोचकों से अपील
Sonam Wangchuk Viral Video: सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की आलोचना करने से पहले यह देखना चाहिए कि उसने समाज और छात्रों के लिए कितना बड़ा त्याग किया है।
उन्होंने बताया कि लगातार 26 दिन के अनशन के कारण सोनम वांगचुक का वजन 11 किलो कम हो चुका है और उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उनके अनुसार ऐसे समय में राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय मानवीय संवेदनाएं दिखाना अधिक जरूरी है।
जंतर-मंतर से अस्पताल तक का पूरा घटनाक्रम
Sonam Wangchuk Viral Video: सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे थे। सेहत लगातार नाज़ुक होती देख चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत और आवश्यक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने 23-24 जुलाई 2026 की आधी रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया।
इसके बाद सोशल मीडिया पर उठे सवालों का जवाब देने के लिए उन्होंने अस्पताल से विस्तृत वीडियो संदेश जारी किया। सोनम वांगचुक का यह वीडियो केवल ट्रोलिंग का जवाब नहीं बल्कि उनके संघर्ष और मानसिक पीड़ा की अभिव्यक्ति भी है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ या व्यक्तिगत सौदे के लिए नहीं था, बल्कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर था।
अब यह मुद्दा केवल उनके अनशन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देश में सार्वजनिक आंदोलनों, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और जनविश्वास पर भी नई बहस छेड़ चुका है।
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