होर्मुज के पास LPG टैंकर पर हमला: ईरान की समुद्री सीमा के पास एक एलपीजी (LPG) टैंकर पर हमला होने की खबर सामने आई है। इस जहाज पर कुल 28 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे।
राहत की बात यह है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार (24 जुलाई) को इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज पर मौजूद किसी भी भारतीय नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जारी बयान में कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और ईरानी प्रशासन के साथ संपर्क स्थापित किया गया।
मोजाम्बिक के झंडे वाला था जहाज
जानकारी के मुताबिक, जिस एलपीजी टैंकर पर हमला हुआ उसका नाम दिशा (Disha) है और यह मोजाम्बिक के झंडे के तहत संचालित किया जा रहा था।
जहाज फारस की खाड़ी की ओर जा रहा था, तभी होर्मुज जलडमरूमध्य के पास उस पर हमला हुआ।
भारतीय समुद्री कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने बताया कि जहाज को एक अज्ञात मिसाइल ने निशाना बनाया।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया और मिसाइल कहां से दागी गई।
भारतीय दूतावास ने क्या कहा?
तेहरान में भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा कि घटना के तुरंत बाद संबंधित ईरानी अधिकारियों से संपर्क किया गया।
दूतावास लगातार पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।
बयान में कहा गया कि जहाज पर कुल 28 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
भारतीय मिशन सभी क्रू सदस्यों के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
दूतावास ने यह भी बताया कि फिलहाल जहाज को हुए नुकसान और हमले के सटीक कारणों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, उसे साझा किया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है महत्वपूर्ण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित है और इसके जरिए दुनिया के कई देशों तक तेल, गैस और अन्य ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति की जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। इ
सलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया के व्यापार और ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
बढ़ते तनाव से प्रभावित हो रही शिपिंग
हाल के समय में इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, जुलाई की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ कमजोर युद्धविराम ज्यादा समय तक नहीं टिक सका।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर बढ़ गया और समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ने लगीं।
इसी कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाज अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
कुछ शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों के मार्ग में बदलाव भी किया है, जबकि कई कंपनियों ने सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
लगातार व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
दुनिया के अलग-अलग समुद्री क्षेत्रों में हजारों भारतीय समुद्री कर्मचारी काम करते हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसी घटनाएं न केवल उनकी सुरक्षा के लिए चुनौती बनती हैं, बल्कि उनके परिवारों की चिंता भी बढ़ा देती हैं।
इसी वजह से भारत सरकार विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है।
समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है असर
यदि समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले जारी रहते हैं तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका असर पड़ सकता है।
तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से कई देशों में ऊर्जा संकट और कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना भी बन सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि समुद्री सुरक्षा मजबूत रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
सुरक्षित समुद्री मार्ग ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुचारु रूप से चलाने में मदद करते हैं।
भारत लगातार बनाए हुए है नजर
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है।
ईरानी प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखा गया है ताकि जहाज और उस पर मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि विदेश में किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

