PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
एक तरफ भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेशेल्स अपनी आजादी की स्वर्ण जयंती मना रहा है।
इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करने के साथ-साथ दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देगी।
‘विजन महासागर’ और ग्लोबल साउथ को मिलेगी नई मजबूती
सेशेल्स रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस यात्रा को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की।
उन्होंने लिखा कि सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है और ‘विजन महासागर’ (Vision MAHASAGAR) तथा ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने में एक अहम साझेदार भी है।
प्रधानमंत्री ने सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ मुलाकात को लेकर भी उत्साह व्यक्त किया और भरोसा जताया कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देगी।
50 साल पुराने रिश्तों को मिलेगा नया आयाम
PM Modi Seychelles Visit: भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत वर्ष 1976 में हुई थी। उसी साल सेशेल्स को ब्रिटेन से स्वतंत्रता भी मिली थी।
पिछले पांच दशकों में दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, व्यापार, शिक्षा, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी विकसित हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी भारत आए थे। उस दौरान दोनों देशों ने सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर सहमति बनाई थी।
समुद्री सुरक्षा से ब्लू इकोनॉमी तक कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
इसमें समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ब्लू इकोनॉमी, हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता और साझा विकास प्रमुख एजेंडा रहेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों नेता विचार-विमर्श करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर में बढ़ती रणनीतिक गतिविधियों के बीच भारत अपने विश्वसनीय समुद्री साझेदारों के साथ सहयोग को और मजबूत करना चाहता है और सेशेल्स इस रणनीति का अहम केंद्र है।
सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय PM बनेंगे मोदी
इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे।
इसे दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों और संसदीय सहयोग का ऐतिहासिक प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स की संसद को संबोधित करना उनके लिए सम्मान की बात होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को आगे बढ़ाने में यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
भारतीय समुदाय से भी करेंगे मुलाकात
PM Modi Seychelles Visit: अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। करीब 1.35 लाख की आबादी वाले इस द्वीपीय देश में लगभग 12 हजार भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में भारतीय समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह मुलाकात दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए ख़ास मानी जा रही है।
2015 के बाद दूसरी यात्रा, रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी का यह पिछले 11 वर्षों में दूसरा सेशेल्स दौरा है। इससे पहले उन्होंने 2015 में यहां की यात्रा की थी, जब भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की थीं।
उसी दौरान भारत ने सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए डोर्नियर विमान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इसके साथ ही भारत की सहायता से तटीय निगरानी रडार नेटवर्क को भी मजबूत किया गया था, जिससे समुद्री गतिविधियों पर प्रभावी नजर रखी जा सके।
इस बार भी दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
भारतीय नौसेना की मौजूदगी बढ़ाएगी साझेदारी का संदेश
PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे।
इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग, आपसी विश्वास और हिंद महासागर में साझा सुरक्षा प्रतिबद्धता का मजबूत संदेश माना जा रहा है।
भारत लंबे समय से अपनी ‘पड़ोसी पहले’ नीति और समुद्री सहयोग की रणनीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ संबंध मजबूत कर रहा है और सेशेल्स इस नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है।
194 साल के विशाल कछुए ‘जोनाथन’ से भी होगी खास मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का एक दिलचस्प पहलू दुनिया के सबसे अधिक उम्र वाले जीवित स्थलीय जीव ‘जोनाथन’ से उनकी संभावित मुलाकात भी है।
एल्डाब्रा जायंट कछुए की प्रजाति से जुड़ा जोनाथन करीब 194 वर्ष का बताया जाता है और फिलहाल सेशेल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में रहता है। यह मुलाकात भी इस दौरे की खास चर्चाओं में शामिल रहने की संभावना है।
भारत-सेशेल्स संबंधों में नया अध्याय लिख सकती है यह यात्रा
PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा केवल एक औपचारिक राजकीय दौरा नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की दीर्घकालिक रणनीति, समुद्री सुरक्षा, लोकतांत्रिक साझेदारी और विकास सहयोग को नई रफ्तार देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
50 साल पुराने रिश्तों के इस पड़ाव पर दोनों देशों के बीच होने वाले समझौते और वार्ताएं आने वाले वर्षों में भारत-सेशेल्स संबंधों को और अधिक मजबूत आधार प्रदान कर सकती हैं।
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