Narendra Modi Independence Day: हर साल 15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं, तो देश की नजरें सिर्फ उनके भाषण पर नहीं होतीं।
उनके पहनावे, खासकर पगड़ी और साफे पर भी लोगों की खास दिलचस्पी रहती है।
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर साल एक अलग अंदाज की पगड़ी पहनी। कभी बांधनी के रंग नजर आए, कभी राजस्थान का लहरिया अंदाज दिखा, तो कभी पगड़ी में तिरंगे की झलक दिखाई दी।
उनके साफे में देश के अलग-अलग हिस्सों की पारंपरिक कपड़ा कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
खास बात यह रही कि इन वर्षों में पगड़ी का रंग, डिजाइन और स्टाइल लगातार बदलता रहा, लेकिन भारतीय पारंपरिक पहनावे से उनका जुड़ाव कायम रहा।
यही वजह है कि अब हर स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की पगड़ी भी चर्चा का विषय बन जाती है।
2026: लाल बांधनी में दिखा राजस्थानी रंग
2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पीएम मोदी लाल रंग की बांधनी पगड़ी में नजर आए।
पगड़ी में पीले, हरे और सफेद रंग के छोटे-छोटे पैटर्न दिखाई दिए, जबकि इसका लंबा सिरा पीछे की ओर रखा गया था।
उन्होंने सफेद कुर्ता-पायजामा और ब्राउन जैकेट के साथ यह साफा पहना।
जैकेट पर केसरिया, सफेद और हरे रंग के पॉकेट स्क्वायर ने पूरे लुक में तिरंगे का टच जोड़ दिया।

2025: केसरिया रंग में सजा साफा
2025 में पीएम मोदी का लुक मुख्य रूप से केसरिया रंग पर केंद्रित रहा।
उन्होंने केसरिया साफे के साथ सफेद कुर्ता-चूड़ीदार और केसरिया बंदगला जैकेट पहनी। इसके साथ तिरंगे रंग का स्टोल भी उनके पहनावे का हिस्सा रहा।

2024: लहरिया के रंगों में राजस्थान की झलक
2024 में प्रधानमंत्री की पगड़ी पर राजस्थान की मशहूर लहरिया कला दिखाई दी। नारंगी, हरे और पीले रंग की लहरदार धारियों से सजी यह पगड़ी खास आकर्षण का केंद्र बनी।
लहरिया राजस्थान की पारंपरिक टाई-डाई कला है, जिसमें कपड़े पर लहर जैसी धारियां तैयार की जाती हैं।

2023: बांधनी के कई रंग
2023 में पीएम मोदी ने फिर राजस्थानी बांधनी शैली को चुना। उनकी पगड़ी में पीले, हरे और लाल रंग प्रमुख थे। इस रंगीन साफे के साथ उन्होंने ऑफ-व्हाइट कुर्ता-चूड़ीदार और काले रंग की वी-नेक जैकेट पहनी।

2022: पगड़ी में दिखा तिरंगे का रंग
2022 की पगड़ी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके को सीधे तिरंगे से जोड़ दिया। सफेद आधार वाली पगड़ी पर केसरिया और हरे रंग की धारियां थीं।
सफेद कुर्ता-चूड़ीदार और हल्की नीली नेहरू जैकेट के साथ यह पूरा लुक काफी अलग नजर आया। उस समय देश में चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की वजह से भी इस पहनावे को खास तौर पर देखा गया।

2021: केसरिया साफे पर लाल डिजाइन
2021 में प्रधानमंत्री के सिर पर केसरिया रंग की पगड़ी थी, जिस पर लाल रंग के पारंपरिक डिजाइन बने हुए थे। सफेद कुर्ते के साथ उन्होंने गहरे नीले रंग की जैकेट और केसरिया बॉर्डर वाला सफेद स्कार्फ पहना।

2020: लंबा सिरा बना पहचान
कोरोना महामारी के दौर में 2020 के स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने केसरिया और क्रीम रंग की पगड़ी पहनी। इस साफे की सबसे खास बात इसका लंबा सिरा था, जो उनके पूरे लुक को अलग पहचान दे रहा था।

2019: रंग-बिरंगे लहरिया साफे का अंदाज
2019 में प्रधानमंत्री ने बहुरंगी राजस्थानी लहरिया साफा पहना। अलग-अलग रंगों से सजा यह साफा एक बार फिर भारतीय पारंपरिक कपड़ा कला को सामने लाता नजर आया।

2018: केसरिया पगड़ी में खास डिजाइन
2018 में पीएम मोदी ने चमकदार केसरिया रंग की पगड़ी पहनी, जिस पर लाल रंग के डिजाइन दिखाई दिए। इस पगड़ी का लंबा सिरा भी खास चर्चा में रहा।

2017: पीले रंग की पगड़ी
2017 में प्रधानमंत्री का साफा पीले रंग का था। इस पर लाल और सुनहरे रंग के पारंपरिक डिजाइन के साथ ज्योमेट्रिक पैटर्न भी नजर आए। रंग और डिजाइन का यह संयोजन उनके स्वतंत्रता दिवस लुक को खास बना रहा।

2016: गुलाबी-पीली बांधेज का संगम
2016 में पीएम मोदी ने गुलाबी और पीले रंग की बांधेज पगड़ी पहनी। पगड़ी पर टाई-डाई तकनीक से बने पारंपरिक पैटर्न थे और इसका सिरा भी काफी लंबा था।

2015: पीली पगड़ी और लंबा सिरा
2015 में प्रधानमंत्री ने मुख्य रूप से पीले रंग का साफा पहना था। इसमें कई रंगों की क्रॉस लाइनें बनी हुई थीं और इसका लंबा सिरा पीछे की ओर नजर आया।
यह वही दौर था जब उनके स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया’ जैसे अभियानों और पहलों का भी खास जिक्र हुआ।

2014: लाल बांधेज से शुरू हुआ सफर
2014 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया।
उस ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने चमकदार लाल रंग की जोधपुरी बांधेज पगड़ी पहनी थी।
इस पगड़ी के साथ नजर आने वाला लंबा हरा सिरा उनके सफेद कुर्ते के साथ बेहद अलग दिखाई दे रहा था।
यही वह लुक था, जिसने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री की पगड़ी को उनके सार्वजनिक पहनावे का एक खास हिस्सा बना दिया।

हर साल नया रंग, लेकिन परंपरा वही
2014 से 2026 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के साफों पर नजर डालें तो एक चीज लगातार दिखाई देती है—हर साल नया रंग, नया पैटर्न और नया अंदाज।
कभी राजस्थान की बांधनी, कभी लहरिया, कभी तिरंगे के रंग और कभी चमकदार केसरिया साफा।
इन पगड़ियों के जरिए भारतीय पारंपरिक पहनावे की अलग-अलग शैलियां लाल किले के मंच तक पहुंचती रही हैं।
यही वजह है कि अब 15 अगस्त का इंतजार सिर्फ प्रधानमंत्री के भाषण के लिए नहीं होता, बल्कि इस सवाल के लिए भी होता है कि इस बार लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी किस रंग और किस अंदाज की पगड़ी में नजर आएंगे।

