Saturday, June 27, 2026

Oral Cancer: सिर्फ एक छाला नहीं, हो सकता है कैंसर का अलार्म! जानें कैसे?

Oral Cancer: तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, सिगरेट और बीड़ी का सेवन सिर्फ फेफड़ों और दिल को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि यह मुंह के कैंसर (ओरल कैंसर) का खतरा भी बढ़ा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मुंह में होने वाले कुछ बदलाव ऐसे होते हैं, जिन्हें लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लक्षण कई बार ओरल कैंसर की शुरुआती चेतावनी साबित हो सकते हैं।

इसलिए अगर मुंह में कोई परेशानी लंबे समय तक बनी रहे, तो समय रहते डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए।

क्यों बढ़ रहे हैं ओरल कैंसर के मामले?

विशेषज्ञों के अनुसार, देश में ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह तंबाकू चबाना, गुटखा खाना, धूम्रपान करना, वेपिंग और शराब का अधिक सेवन है।

इसके साथ ही मुंह की ठीक तरह से सफाई न करना भी इस बीमारी का खतरा बढ़ा सकता है।

कई लोग मुंह के छालों या मसूड़ों से खून आने जैसी समस्याओं को मामूली समझकर इलाज नहीं कराते, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

अगर मुंह का कोई छाला दो सप्ताह से ज्यादा समय तक ठीक नहीं हो रहा है, मुंह के अंदर सफेद या लाल रंग के धब्बे दिखाई दे रहे हैं,

चबाने या निगलने में दर्द हो रहा है, मुंह के अंदर गांठ या सूजन महसूस हो रही है या दांत बिना किसी कारण ढीले पड़ने लगे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

इसके अलावा अगर बोलने में परेशानी हो रही हो, लगातार मुंह से बदबू आती हो या जीभ और मुंह के किसी हिस्से में सुन्नपन

महसूस हो रहा हो, तो भी इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये सभी लक्षण ओरल कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं।

क्या हर मुंह का छाला कैंसर होता है?

नहीं, हर छाला कैंसर का संकेत नहीं होता। सामान्य छाले आमतौर पर तीन से चार दिनों में या एक सप्ताह के अंदर ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर छाला लगातार बढ़ रहा हो,

उसमें दर्द हो, बार-बार खून निकल रहा हो या खाने-पीने और बोलने में दिक्कत हो रही हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

खासकर अगर छाले के साथ सफेद या लाल धब्बे भी दिखाई दें, तो बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए।

युवाओं में भी बढ़ रहा है खतरा

पहले ओरल कैंसर ज्यादातर 50 साल से अधिक उम्र के लोगों में देखा जाता था, लेकिन अब 25 से 45 साल के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

डॉक्टरों का मानना है कि कम उम्र में तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, वेपिंग और शराब का बढ़ता इस्तेमाल इसकी बड़ी वजह है।

इसलिए युवाओं को भी मुंह में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

समय पर जांच से बच सकती है जान

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ओरल कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए, तो इसका इलाज काफी हद तक सफल हो सकता है।

शुरुआती स्टेज में इलाज कराने वाले मरीजों के ठीक होने की संभावना 80 से 90 प्रतिशत तक मानी जाती है।

इसलिए अगर मुंह में लंबे समय तक छाले, धब्बे, सूजन या कोई दूसरी असामान्य समस्या बनी रहे, तो बिना देरी किए डॉक्टर या दंत विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सही फैसला होगा।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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