Friday, July 10, 2026

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: लगातार 30 मिनट बैठना बढ़ा रहा है कैंसर का खतरा!

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में घंटों तक एक ही जगह बैठे रहना आम बात हो गई है।

ऑफिस में कंप्यूटर के सामने लगातार काम करना, वर्क फ्रॉम होम, टीवी देखना या मोबाइल पर लंबे समय तक स्क्रॉल करना अब रोजमर्रा की आदत बन चुका है।

अब तक माना जाता था कि लंबे समय तक बैठे रहने से मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ता है, लेकिन अब एक नई रिसर्च ने एक और गंभीर पहलू सामने रखा है।

अध्ययन के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति बिना उठे लगातार 30 मिनट या उससे अधिक समय तक बैठा रहता है, तो इससे कैंसर से मौत का जोखिम भी बढ़ सकता है।

हालांकि शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन केवल संभावित संबंध की ओर संकेत करता है। इससे किसी प्रत्यक्ष कारण और परिणाम की पुष्टि नहीं होती।

12 साल तक चली रिसर्च

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: यह महत्वपूर्ण अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया और इसे प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल PLOS Medicine में प्रकाशित किया गया।

रिसर्च के लिए यूके बायोबैंक से जुड़े 91,000 से अधिक लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का गहन अध्ययन और विश्लेषण किया गया।

इस अध्ययन की सबसे खास बात यह रही कि प्रतिभागियों से केवल उनकी दिनचर्या के बारे में सवाल नहीं पूछे गए।

उन्हें एक सप्ताह तक कलाई पर पहनने वाले एक्टिविटी ट्रैकर दिए गए, जिनसे उनकी वास्तविक शारीरिक गतिविधियों और लगातार बैठे रहने के समय का सटीक रिकॉर्ड लिया गया।

इसके बाद लगभग 12 वर्षों तक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी गई, जिससे शोध के निष्कर्ष अधिक विश्वसनीय बन सके।

किन लोगों में ज्यादा देखा गया कैंसर से मौत का खतरा?

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: रिसर्च में पाया गया कि जो लोग दिनभर में बार-बार 30 मिनट या उससे अधिक समय तक लगातार बैठे रहते थे, उनमें कैंसर से मौत का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक पाया गया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, लगातार बैठे रहने के हर अतिरिक्त एक घंटे के साथ कैंसर से मौत का खतरा लगभग 9 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

दिलचस्प बात यह रही कि पूरे दिन कुल कितने घंटे बैठे रहे, उससे अधिक महत्वपूर्ण यह था कि व्यक्ति कितनी देर तक बिना किसी ब्रेक के लगातार बैठा रहा।

यानी यदि आप हर आधे घंटे में कुछ मिनट के लिए भी उठकर चलते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

बीच-बीच में उठना क्यों है जरूरी?

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: रिसर्च ने एक सकारात्मक संदेश भी दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को बदला जाए और बीच-बीच में हल्की गतिविधियां की जाएं, तो जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अध्ययन के अनुसार, लगातार बैठे रहने के एक घंटे की जगह हल्की शारीरिक गतिविधि करने से कैंसर से मौत का जोखिम लगभग 12% तक कम हो सकता है।

यदि व्यक्ति करीब 30 मिनट तक तेज चाल से वॉक करता है, तो जोखिम में लगभग 8% की कमी देखी गई।

वहीं सिर्फ 5 मिनट की तेज एक्सरसाइज भी कैंसर से मौत के खतरे को लगभग 22% तक कम करने से जुड़ी पाई गई।

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भारी-भरकम व्यायाम करना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। रोजमर्रा की साधारण गतिविधियां, जैसे थोड़ी देर टहलना, सीढ़ियां चढ़ना या बीच-बीच में उठकर चलना भी शरीर को सक्रिय रखने और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में अहम योगदान देती हैं।

विशेषज्ञों ने क्या दी सलाह?

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: इस अध्ययन का नेतृत्व यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में पब्लिक हेल्थ के सीनियर लेक्चरर डॉ. फ्रेडरिक हो ने किया।

उनका कहना है कि लोग केवल रोजाना व्यायाम करने पर ही ध्यान न दें, बल्कि लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को भी बदलें।

यदि किसी के पास जिम जाने का समय नहीं है, तब भी हर 30 मिनट में कुछ मिनट के लिए उठकर टहलना, पानी पीने जाना, सीढ़ियां चढ़ना या हल्का स्ट्रेच करना शरीर के लिए लाभदायक हो सकता है।

शरीर पर लगातार बैठने का असर

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार लंबे समय तक बैठे रहने की आदत शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

इससे मांसपेशियों की सक्रियता कम हो जाती है, ऊर्जा का उपयोग घटने लगता है और शरीर की कई महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है।

लगातार बैठने की वजह से ब्लड शुगर का संतुलन बिगड़ सकता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने का खतरा रहता है और शरीर में सूजन (Inflammation) की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

इसके आलावा, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है, लंबे समय में कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

इसी वजह से स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार बैठे रहने से बचने और समय-समय पर शरीर को सक्रिय बनाए रखने की सलाह देते हैं।

रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाएं ये आसान आदतें

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: यदि आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने वाला है, तो कुछ छोटी-छोटी आदतें आपकी सेहत के लिए बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

हर 30 मिनट बाद 2 से 5 मिनट तक जरूर टहलें, फोन पर टहलते हुए बात कर सकते हैं और लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें।

ऑफिस में पानी पीने के लिए स्वयं उठकर जाएं और सहकर्मियों से बातचीत के लिए भी उनकी डेस्क तक पैदल पहुंचने की आदत अपनाएं।

दिन में कम से कम 30 मिनट की वॉक को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और काम के दौरान हल्की स्ट्रेचिंग करते रहें।

क्या यह रिसर्च पूरी तरह साबित करती है कि बैठना ही कैंसर का कारण है?

ऑफिस की कुर्सी बनी ‘साइलेंट किलर’: इस अध्ययन के शोधकर्ताओं ने साफ कहा है कि यह रिसर्च केवल एक संबंध (Association) दिखाती है। इसका मतलब यह नहीं है कि लंबे समय तक बैठना सीधे कैंसर से मौत का कारण बनता है।

हालांकि, अध्ययन यह जरूर संकेत देता है कि निष्क्रिय जीवनशैली गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी हो सकती है। इसलिए सक्रिय जीवनशैली अपनाना और लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।

आज की व्यस्त और तकनीक आधारित जीवनशैली में लंबे समय तक बैठना लगभग हर व्यक्ति की मजबूरी बन चुका है।

लेकिन यह नई रिसर्च बताती है कि केवल रोजाना एक्सरसाइज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दिनभर के दौरान बार-बार शरीर को सक्रिय रखना भी उतना ही जरूरी है।

यदि आप हर आधे घंटे में कुछ मिनट के लिए उठकर चलते हैं, हल्की स्ट्रेचिंग करते हैं या थोड़ी देर टहल लेते हैं, तो यह छोटी-सी आदत भविष्य में कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती है।

यह भी पढ़ें: Health: सफर में टॉयलेट की टेंशन होगी खत्म, अपनाएं ये 5 आसान टिप्स

Disclaimer: यह लेख प्रकाशित रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई एक्सरसाइज या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article