Sunday, July 12, 2026

नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही दतिया में बवाल, अब बदले नरोत्तम मिश्रा के सुर, दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की तैयारी

नरोत्तम मिश्रा

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इस निर्णय के बाद मिश्रा समर्थकों का आक्रोश सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन के रूप में दिखाई दिया।

पार्टी के फैसले से नाराज समर्थकों ने दतिया में पथराव, तोड़फोड़ और सड़क जाम किया। हालात इतने बिगड़े कि पुलिसकर्मी घायल हुए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब पंद्रह किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसके बाद राजनीतिक सरगर्मी अचानक तेज हो गई।

निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलें हुईं तेज

टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने भी उन्हें मशाल चुनाव चिह्न पर लड़ने का प्रस्ताव दिया और प्रचार के लिए उद्धव ठाकरे के दतिया आने की बात कही।

लगातार दो दिनों तक नरोत्तम मिश्रा के अगले कदम को लेकर असमंजस बना रहा। समर्थकों की नाराजगी, सामूहिक इस्तीफों की घोषणाओं और विपक्षी दलों के प्रस्तावों के बीच भाजपा नेतृत्व ने सक्रियता बढ़ाई और नाराज पूर्व मंत्री को मनाने के प्रयास शुरू किए।

मुख्यमंत्री और संगठन नेताओं से हुई बैठक

नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव, मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल से मुलाकात की। बैठक में दतिया उपचुनाव, समर्थकों के प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और पार्टी की चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा के तेवर पहले की तुलना में नरम दिखाई दिए। उन्होंने संगठन को सर्वोपरि बताते हुए स्पष्ट किया कि वह पार्टी के निर्णय के साथ हैं और भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।

नरोत्तम मिश्रा ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दतिया में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने पर बातचीत हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि धीरे धीरे परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी और समर्थकों से धैर्य, संयम तथा शांति बनाए रखने की अपील भी की।

आशुतोष तिवारी के नामांकन में होंगे शामिल

पूर्व गृह मंत्री ने घोषणा की कि वह दतिया पहुंचकर भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन में मौजूद रहेंगे। उनके इस बयान को टिकट विवाद के बाद पार्टी नेतृत्व और नरोत्तम खेमे के बीच बनी दूरी समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना गया।

नरोत्तम मिश्रा का यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टिकट की घोषणा के बाद उनके समर्थक लगातार उम्मीदवार बदलने की मांग कर रहे थे। अब उनके स्वयं नामांकन में शामिल होने की घोषणा से भाजपा ने स्थानीय स्तर पर विद्रोह शांत करने की कोशिश तेज कर दी है।

पहली उड़ान से दिल्ली रवाना हुए नरोत्तम

प्रदेश नेतृत्व से मुलाकात के अगले दिन रविवार सुबह नरोत्तम मिश्रा पहली उड़ान से दिल्ली रवाना हो गए। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर सकते हैं और दतिया घटनाक्रम पर विस्तृत बातचीत हो सकती है।

दिल्ली बैठक में टिकट कटने, समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं के इस्तीफों और नरोत्तम मिश्रा की संगठन में आगामी भूमिका पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है। उनके बदले हुए रुख को केंद्रीय नेतृत्व से संभावित संवाद और राजनीतिक समाधान से जोड़कर देखा जा रहा है।

सम्मानजनक जिम्मेदारी मिलने की चर्चा

बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा द्वारा अच्छी चर्चा होने और धीरे धीरे सब ठीक होने जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने नई अटकलों को जन्म दिया है। माना जा रहा है कि सरकार अथवा संगठन में उन्हें किसी सम्मानजनक जिम्मेदारी के साथ समायोजित करने का भरोसा मिला है।

हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले ही उम्मीदवार बदलने की संभावना को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भाजपा में घोषित उम्मीदवार को इस प्रकार बदलने की परंपरा नहीं है और आशुतोष तिवारी ही पार्टी प्रत्याशी बने रहेंगे।

कार्यकर्ताओं के इस्तीफे स्वीकार नहीं करेगी भाजपा

मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। कुछ कार्यकर्ताओं ने भावनाओं में आकर इस्तीफे देने की घोषणा की है, लेकिन उनके पास कोई इस्तीफा नहीं पहुंचा और कोई इस्तीफा स्वीकार भी नहीं किया जाएगा।

खंडेलवाल ने नरोत्तम मिश्रा को भाजपा का वरिष्ठ और अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि पार्टी उनके मार्गदर्शन में दतिया उपचुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर मैदान में उतरेंगे और भाजपा उम्मीदवार को बड़े अंतर से जीत दिलाएंगे।

भाजपा ने संगठन को बताया सर्वोपरि

मध्य प्रदेश भाजपा ने बैठक के बाद आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि चुनावी तैयारियों और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में यह दोहराया गया कि संगठन सर्वोपरि है और भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी के निर्णय के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

पार्टी ने कहा कि कुछ कार्यकर्ताओं ने भावनात्मक आवेश में इस्तीफे दिए हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मतभेद भुलाकर आशुतोष तिवारी की जीत के लिए काम करने और दतिया में संगठन की ताकत प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया।

कांग्रेस ने भाजपा के अंदरूनी संघर्ष पर साधा निशाना

दतिया में भाजपा उम्मीदवार घोषित होने के बाद हुए घटनाक्रम पर कांग्रेस ने तीखा हमला किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि भाजपा उपचुनाव हारने जा रही है और दतिया की जनता सत्ता पक्ष की राजनीतिक साजिश का जवाब देगी।

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या करने के लिए न्यायालय का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को विधानसभा से हटाने के पीछे राजनीतिक षड्यंत्र था और मतदाता उपचुनाव में इस घटनाक्रम का जवाब देंगे।

प्रशासनिक अधिकारियों को हटाने की मांग

नरोत्तम मिश्रा समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन को लेकर जीतू पटवारी ने जिला प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कानून व्यवस्था संभालने में असफल रहे हैं, उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में अब भाजपा बनाम भाजपा की लड़ाई स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने की लोकतांत्रिक स्वतंत्रता उपलब्ध नहीं है।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार भाजपा के भीतर असंतोष अब बंद कमरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन के रूप में सामने आ चुका है। विपक्ष इस घटनाक्रम को पार्टी नेतृत्व की विफलता और टिकट वितरण के खिलाफ गहरे असंतोष का परिणाम बता रहा है।

राजेंद्र भारती की अयोग्यता से खाली हुई सीट

दतिया विधानसभा सीट पर वर्ष 2023 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। बाद में धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में दोषसिद्धि होने के कारण राजेंद्र भारती को विधानसभा सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।

राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई और निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित किया। भाजपा ने आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया है, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है।

30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को नतीजे

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को कराया जाएगा, जबकि मतगणना के बाद परिणाम 3 अगस्त को घोषित होंगे। भाजपा अपने संगठनात्मक संकट को नियंत्रित करने में जुटी है, वहीं कांग्रेस टिकट विवाद और हिंसक प्रदर्शन को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रही है।

नरोत्तम मिश्रा के बदले हुए तेवर और आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होने की घोषणा से भाजपा को तत्काल राहत मिली है। अब सबकी नजर उनकी दिल्ली यात्रा, केंद्रीय नेतृत्व से संभावित मुलाकात और पार्टी में उनकी अगली जिम्मेदारी पर टिकी है।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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