Monday, July 20, 2026

मिडिल ईस्ट में बढ़ा संकट, अमेरिका-ईरान आमने-सामने

मिडिल ईस्ट में बढ़ा संकट: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में चिंता का माहौल है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि राष्ट्रपति के आदेश पर शनिवार शाम ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए गए।

अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना और ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जो इस इलाके में खतरा पैदा कर रही हैं।

जॉर्डन में हमले के बाद बढ़ा तनाव

अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के जवाब में की गई है। 17 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ था।

इस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक अभी भी लापता है। सुरक्षा कारणों से सेना ने मारे गए सैनिकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की है।

अधिकारियों का कहना है कि पहले उनके परिवारों को सूचना दी जाएगी, उसके बाद ही नाम जारी किए जाएंगे।

घायल सैनिकों की हालत में सुधार

हमले में चार अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। अमेरिकी सेना ने बताया कि सभी घायल सैनिक अब अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं।

वहीं, मामूली रूप से घायल अन्य सैनिक इलाज के बाद फिर से अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं। मौजूदा संघर्ष के दौरान अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 430 से अधिक सैनिक घायल हुए हैं।

ईरान के कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेना ने बताया कि इस बार के हवाई हमलों में ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इनमें निगरानी केंद्र, सैन्य सामान रखने वाले गोदाम, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य सुविधाएं शामिल हैं।

अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना और भविष्य में होने वाले हमलों को रोकना है।

ईरान ने दी अमेरिका को चेतावनी

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमले जारी रहे तो अमेरिका को ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर वाले किसी भी समझौते की अब कोई वैधता नहीं बची है।

लगातार सातवीं रात जारी रही कार्रवाई

अमेरिकी सेना के मुताबिक यह लगातार सातवीं रात है जब ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए गए हैं।

लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता जा रहा है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

ईरान का जवाबी हमला

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कुवैत, इराक, बहरीन, जॉर्डन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।

इन हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान कुवैत में हुआ, जहां एक समुद्री जल शोधन संयंत्र और एक तेल सुविधा को नुकसान पहुंचा है। हालांकि किसी बड़े मानवीय नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दुनिया की बढ़ी चिंता

लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।

अगर यहां हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर तेल की सप्लाई, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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