विशाल बना इरशाद: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को चौंका दिया है। आरोप है कि इरशाद खान नाम के युवक ने अपनी पहचान छिपाकर खुद को “विशाल” बताकर पहले हरदोई की रहने वाली एक हिंदू युवती से शादी की।
शादी के बाद जब उसकी असली पहचान सामने आई तो महिला का आरोप है कि उसके साथ मारपीट, बंधक बनाकर रखने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और धार्मिक आस्था से जुड़े अधिकारों को छीनने जैसी गंभीर घटनाएं हुईं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती
विशाल बना इरशाद: पीड़िता के अनुसार वर्ष 2017 में सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी मुलाकात एक युवक से हुई जिसने अपना नाम विशाल बताया था। बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई।
युवक ने खुद को हिंदू बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे युवती ने स्वीकार कर लिया। वर्ष 2018 में वह अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध घर छोड़कर उसके साथ चली गई।
महिला का कहना है कि कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज जमा करते समय उसे पता चला कि विशाल का असली नाम इरशाद खान है और वह आगरा का रहने वाला है। परिवार से संबंध टूट जाने और परिस्थितियों के कारण उसने उसी समय शादी कर ली।
धर्म परिवर्तन का दबाव और मारपीट के आरोप
विशाल बना इरशाद: महिला ने पुलिस को बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही इरशाद का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। आरोप है कि उसे पूजा-पाठ करने से रोका जाने लगा और धार्मिक गतिविधियों पर आपत्ति जताई जाती थी।
महिला का कहना है कि उस पर धर्म परिवर्तन करने का लगातार दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसे जबरन मांस खाने के लिए मजबूर किया गया। जब उसने इन बातों का विरोध किया तो उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई।
बेटे के नाम और खतना को लेकर भी हुआ विवाद
विशाल बना इरशाद: शादी के बाद दोनों का एक बेटा हुआ। महिला का आरोप है कि वह बच्चे का नाम “आदि” रखना चाहती थी, लेकिन इरशाद ने उसकी इच्छा के विरुद्ध बच्चे का नाम “आरिस” रख दिया। इसके बाद जब बच्चा करीब ढाई वर्ष का हुआ तो उसका खतना कराने की तैयारी की गई।
महिला का कहना है कि उसने इसका विरोध किया तो उसे बच्चे के साथ कमरे में बंद कर दिया गया और कई दिनों तक प्रताड़ित किया गया। इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
दूसरी हिंदू युवती से भी शादी करने का आरोप
विशाल बना इरशाद: जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। पहली पीड़िता का आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले इरशाद ने एक दूसरी हिंदू युवती से भी अपनी पहचान छिपाकर शादी कर ली।
शुरुआत में उसे अपनी बहन बताकर उसी फ्लैट में रखा गया, लेकिन बाद में दूसरी महिला को भी पूरे मामले की जानकारी मिली।
दूसरी महिला, जो मूल रूप से उन्नाव की रहने वाली है, ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात किदवईनगर स्थित एक कंपनी में इंटरव्यू के दौरान विशाल नाम से हुई थी।
दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में शादी कर ली। उसका कहना है कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि विशाल का असली नाम इरशाद है और वह पहले से शादीशुदा भी है। वर्तमान में दूसरी महिला छह माह से अधिक की गर्भवती बताई जा रही है।
बजरंग दल को गुप्त सूचना, फिर पुलिस ने मारा छापा
विशाल बना इरशाद: पहली पीड़िता ने किसी तरह गुप्त रूप से एक हिंदू संगठन से संपर्क किया। सूचना मिलने के बाद बजरंग दल ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने कानपुर के पनकी स्थित फ्लैट पर छापा मारा।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो एक कमरे में पहली महिला अपने बच्चे के साथ मिली, जबकि दूसरे कमरे में दूसरी महिला और आरोपी मौजूद थे। पुलिस ने दोनों महिलाओं और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और थाने ले जाकर उनके बयान दर्ज किए।
आरोपी के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
विशाल बना इरशाद: दोनों महिलाओं की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इरशाद खान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
इसमें उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, बंधक बनाने, मारपीट, धमकी देने और अन्य संबंधित धाराएं शामिल हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
दोनों महिलाओं के बयान बने अहम आधार
विशाल बना इरशाद: पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं के विस्तृत बयान दर्ज किए गए हैं और उपलब्ध दस्तावेजों, विवाह संबंधी रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अपनी पहचान किस तरह छिपाई और क्या इसी तरह के अन्य मामले भी उससे जुड़े हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। फिलहाल आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है।
कानपुर का यह मामला पहचान छिपाकर विवाह करने, कथित धर्म परिवर्तन के दबाव, घरेलू हिंसा और बंधक बनाए जाने जैसे गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है।
पुलिस ने दोनों महिलाओं को सुरक्षित निकालकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पूरे मामले की जांच जारी है। मामले में लगाए गए सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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