रांची में अवैध शराब फैक्ट्री: झारखंड की राजधानी रांची में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस और उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बॉटलिंग प्लांट का भंडाफोड़ किया है।
ओरमांझी थाना क्षेत्र में संचालित इस प्लांट पर की गई संयुक्त छापेमारी के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार
विधान परिषद के पूर्व सदस्य (MLC) रहे सुबोध कुमार राय समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब, पैकेजिंग सामग्री और शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला उपकरण भी बरामद किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपितों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुधवार शाम न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
303 पेटी शराब बरामद
छापेमारी के दौरान टीम ने प्लांट से कुल 303 पेटी अवैध शराब जब्त की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराब को विभिन्न राज्यों के नामी ब्रांडों के लेबल लगाकर बाजार में उतारने की तैयारी चल रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरीके से ग्राहकों को असली ब्रांड के नाम पर नकली शराब बेचने की साजिश रची जा रही थी।
पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में खाली बोतलें, ढक्कन, लेबल, पैकिंग सामग्री और शराब तैयार करने से जुड़े अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं।
इन सामानों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
दूसरे राज्यों के ब्रांड का हो रहा था इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बरामद शराब की बोतलों पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बिकने वाले ब्रांडों के लेबल लगाए जा रहे थे।
इसके बाद इन्हें अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करने की योजना थी। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और इसके तार कई राज्यों तक जुड़े होने की आशंका है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
शराब की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जाती थी।
कई लोकप्रिय ब्रांड के नाम पर नकली शराब
छापेमारी में विभिन्न ब्रांडों के नाम पर पैक की गई शराब बरामद हुई। जब्त किए गए स्टॉक में 70 पेटी किंगफिशर स्ट्रॉन्ग प्रीमियम बीयर शामिल है, जिसमें प्रत्येक पेटी में 24 कैन रखे गए थे।
इसके अलावा आफ्टर डार्क ब्लू ब्रांड के नाम पर 218 पेटी शराब मिली, जिनमें हर पेटी में 48 बोतलें थीं।
वहीं 8 पीएम ब्रांड के नाम पर 7 पेटी शराब और रॉयल्सन गोल्ड व्हिस्की की 8 पेटी भी जब्त की गई।
पुलिस यह जांच कर रही है कि इन उत्पादों में असली शराब थी या पूरी तरह नकली तैयार की गई थी।
गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी
पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपितों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जाएगी।
यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री का संचालन कब से हो रहा था और अब तक कितनी मात्रा में अवैध शराब बाजार में भेजी जा चुकी है।
साथ ही वित्तीय लेनदेन, कच्चे माल की खरीद और वितरण नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी संपर्क किया जाएगा।
अवैध शराब कारोबार पर सख्ती
झारखंड में पिछले कुछ समय से अवैध शराब के कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस और उत्पाद विभाग का कहना है कि नकली शराब न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाती है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती है।

