Thursday, June 25, 2026

इंटरनेट यूजर हुए 109 करोड़, हर माह 26.7 जीबी डेटा खर्च कर रहे भारतीय

इंटरनेट यूजर 109 करोड़

देश में डिजिटल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मोबाइल इंटरनेट के उपयोग में तेज बढ़ोतरी के बीच भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 109 करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं हर मोबाइल ब्रॉडबैंड उपभोक्ता औसतन हर महीने 26.70 जीबी डेटा इस्तेमाल कर रहा है।

मोबाइल ब्रॉडबैंड ग्राहकों में तेज बढ़ोतरी

डिजिटल संचार क्षेत्र में भारत ने पिछले दस वर्षों में बड़ा बदलाव देखा है। मोबाइल ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 2014 में 6.10 करोड़ थी, जो बढ़कर 2025 में 94.43 करोड़ तक पहुंच गई। इसी अवधि में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 25.15 करोड़ से बढ़कर 109 करोड़ हो गई।

इंटरनेट उपयोग में आई इस तेजी का असर डेटा खपत पर भी साफ दिख रहा है। 2014 में मोबाइल ब्रॉडबैंड उपभोक्ता हर महीने औसतन 0.26 जीबी डेटा खर्च करते थे, जबकि 2024 25 में यह खपत बढ़कर 26.70 जीबी प्रति माह हो गई है।

टेली घनत्व और इंटरनेट पहुंच में वृद्धि

दूरसंचार क्षेत्र के आंकड़ों के अनुसार देश में टेली घनत्व भी बढ़ा है। मार्च 2014 में टेली घनत्व 75.18 प्रतिशत था, जो दिसंबर 2024 तक बढ़कर 77.88 प्रतिशत हो गया। इंटरनेट घनत्व में भी बड़ा सुधार दर्ज किया गया है।

मार्च 2014 में इंटरनेट घनत्व 25.70 प्रतिशत था। दिसंबर 2024 में यह बढ़कर 68.22 प्रतिशत हो गया। इसी तरह ब्रॉडबैंड पहुंच भी तेजी से फैली है। 2014 में ब्रॉडबैंड पहुंच 5.18 प्रतिशत थी, जो 2025 में 55.18 प्रतिशत तक पहुंच गई।

लीन माह में जुड़ा 2.44 करोड़ नए टेलीफोन उपभोक्ता

ताजा आंकड़ों के मुताबिक लीन माह में देश में 2.44 करोड़ नए टेलीफोन उपभोक्ता जुड़े। इससे साफ है कि मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की पहुंच ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। डिजिटल सेवाओं की मांग अब सामान्य जीवन का जरूरी हिस्सा बन चुकी है।

दीपावयर वन योजना पर पांच हजार करोड़ खर्च

डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के लिए दीपावयर वन योजना के तहत बड़ा निवेश किया जा रहा है। इसके लिए 5.09 लाख करोड़ रुपये की लागत से कुल 390 गांवों को जोड़ने की तैयारी है। योजना के तहत 6.56 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर लाइन बिछाई जानी है।

संचार राजस्व और निवेश में बड़ा उछाल

दूरसंचार क्षेत्र में निवेश और राजस्व दोनों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। सकल राजस्व 2013 14 में 1,05,118 करोड़ रुपये था, जो 2024 25 में बढ़कर 3,61,716 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि क्षेत्र की मजबूत कारोबारी क्षमता को दिखाती है।

पूंजीगत निवेश में भी बड़ा विस्तार हुआ है। 2013 14 में पूंजीगत निवेश 3,01,400 करोड़ रुपये था, जो 2024 25 में बढ़कर 8,78,815 करोड़ रुपये पहुंच गया। वायरलेस निवेश भी 71,645 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,13,835 करोड़ रुपये हो गया।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और स्पेक्ट्रम आवंटन

दूरसंचार क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ा है। सितंबर 2024 तक एफडीआई 2.45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके साथ ही 2024 में स्पेक्ट्रम आवंटन से सरकार को 11,340 करोड़ रुपये की आय हुई।

सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र के विस्तार के लिए स्पेक्ट्रम नीति और नेटवर्क ढांचे पर भी जोर दिया है। दिसंबर 2024 तक 128.23 लाख बेस स्टेशन कार्यरत थे। स्पेक्ट्रम आवंटन 126.57 करोड़ रुपये मूल्य के संसाधनों से जुड़ा बताया गया है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Mudit
Mudit
लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article