Human Organ Trafficking: भोपाल में मानव अंगों की तस्करी के जरिए 1.20 करोड़ रुपये कमाने के लालच में 17 वर्षीय किशोर की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
छोटे तालाब के धोबीघाट के पास मिले किशोर के शव की जांच के बाद तलैया और श्यामला हिल्स पुलिस ने मामले का खुलासा किया है।
पुलिस ने इस मामले में 20 वर्षीय जोहेब खान और 18 वर्षीय आमिर कुरैशी को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन विधि-विरुद्ध बालकों को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वारदात के पीछे केवल पैसों का लालच था या किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका भी है।
परिवार की मदद करता था रेहान
मृतक की पहचान 17 वर्षीय रेहान के रूप में हुई है। वह इकबाल मैदान और मोती मस्जिद के आसपास पेन और चाबी के छल्ले बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर करने में मदद करता था।
उसकी मां सफाईकर्मी का काम करती हैं। 10 अगस्त को छोटे तालाब के धोबीघाट के पास एक किशोर का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी।
शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई और गुमशुदगी से जुड़े मामलों की जांच शुरू की।
15 अगस्त को रेहान की मां ने उसके हाथ पर बने टैटू के आधार पर शव की पहचान की। पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और उसके आने-जाने की जानकारी जुटानी शुरू की।
खुद को डॉक्टर बताता था जोहेब
पुलिस की जांच में सामने आया कि करीब एक महीने पहले रेहान की पहचान जोहेब खान से हुई थी। पुलिस के अनुसार, जोहेब खुद को डॉक्टर बताता था और उसी तरह का पहनावा व व्यवहार करता था।
उसने मोबाइल पर एक वीडियो दिखाकर मानव अंगों की तस्करी से जुड़ी योजना के बारे में बताया था। जोहेब ने दावा किया था कि इस काम से करीब 1.20 करोड़ रुपये कमाए जा सकते हैं।
पुलिस के मुताबिक, इसी लालच में जोहेब ने तीन नाबालिगों को अपने साथ जोड़ा और ऐसे लड़के की तलाश शुरू की, जिसकी उम्र करीब 15 से 16 साल हो। इसी दौरान उनकी नजर रेहान पर पड़ी।
100 रुपये देने का लालच देकर साथ ले गए
6 अगस्त को दो नाबालिग इकबाल मैदान पहुंचे, जहां रेहान पेन और चाबी के छल्ले बेच रहा था।
उन्होंने रेहान को बताया कि खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से उनका विवाद हो गया है और उन्हें मदद की जरूरत है। इसके साथ ही उसे 100 रुपये देने का लालच भी दिया गया।
रेहान उनकी बातों पर भरोसा कर उनके साथ चल पड़ा। रास्ते में आमिर कुरैशी और एक अन्य नाबालिग भी उनके साथ शामिल हो गए। इसके बाद सभी गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की ओर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, इस दौरान जोहेब मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों के संपर्क में था और उन्हें निर्देश दे रहा था।
धोबीघाट पर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के अनुसार, छोटे तालाब के धोबीघाट पहुंचने के बाद आरोपियों ने रेहान की हत्या कर दी। इसके बाद उसके शरीर के एक प्राइवेट पार्ट को अलग कर बेचने की कोशिश की गई।
आरोपियों को उम्मीद थी कि इससे उन्हें बड़ी रकम मिल सकती है, लेकिन जिस डील के लिए यह सब किया गया था, वह पूरी नहीं हो सकी।
डील नहीं होने के बाद आरोपियों ने उस हिस्से को तालाब में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और मृतक की पहचान के प्रयास किए।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की।
जांच में मिले सुरागों के आधार पर जोहेब खान, आमिर कुरैशी और तीन नाबालिगों की भूमिका सामने आई।
पुलिस ने जोहेब और आमिर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
लिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने मानव अंगों की तस्करी की यह कहानी खुद बनाई थी या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति ने इसके लिए तैयार किया था।
नेटवर्क की हो रही जांच
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि 1.20 करोड़ रुपये की रकम का दावा कहां से आया और क्या आरोपियों का किसी ऐसे व्यक्ति से संपर्क था,
जो मानव अंगों की तस्करी के बारे में जानकारी रखता हो। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।जाएगी।

