बिहार के मंदिर में भगदड़: बिहार के लखीसराय जिले में सावन के तीसरे सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने श्रद्धालुओं की भीड़ को मातम में बदल दिया।
अशोकधाम मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
इसी दौरान मंदिर जाने वाले रास्ते पर अचानक अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। देखते ही देखते भीड़ में भगदड़ मच गई, जिसमें 7 महिलाओं की मौत हो गई,
जबकि 23 से अधिक श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में 3 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।
करंट फैलने की अफवाह से मची भगदड़
जानकारी के मुताबिक, हादसा सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे अशोकधाम स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर हुआ। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने के लिए कतार में खड़े थे।
इसी दौरान पुरुषों की कतार की तरफ एक खंभा गिर गया। खंभा गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच बिजली का तार गिरने और करंट फैलने की बात तेजी से फैल गई।
अफवाह सुनते ही श्रद्धालुओं में डर का माहौल बन गया। कई लोग खुद को बचाने के लिए अचानक भागने लगे। इससे भीड़ का दबाव बढ़ गया और स्थिति कुछ ही समय में नियंत्रण से बाहर हो गई।
तार गिरने से मची अफरा-तफरी
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के अनुसार, मौके पर जो तार गिरा था, वह बिजली की लाइन नहीं थी।
वह केबल वायर था। हालांकि, तार को लेकर फैली गलत जानकारी के कारण श्रद्धालुओं में घबराहट पैदा हो गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि पुरुषों की कतार में अचानक बढ़े दबाव का असर महिलाओं की कतार पर भी पड़ा।
वहां मौजूद श्रद्धालु एक-दूसरे से टकराकर गिरने लगे। भीड़ अधिक होने के कारण कई लोग खुद को संभाल नहीं सके और हादसे की चपेट में आ गए।
7 महिलाओं की मौत, कई घायल
इस हादसे में अब तक 7 महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 23 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घायलों में 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को संभाला। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
स्थिति सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं को दोबारा व्यवस्थित तरीके से कतार में लगाया गया।
फिलहाल मंदिर परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। श्रद्धालु कतार में लगकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता
हादसे पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की
आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रशासन की टीमें घटना के कारणों और मौके की पूरी स्थिति की जांच कर रही हैं।
इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है।
दोनों ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
सावन के सोमवार को अशोकधाम मंदिर में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इस हादसे ने मंदिर और आसपास की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसी अफवाहों के कारण दोबारा किसी अप्रिय स्थिति को पैदा होने से रोकना है।

