ऐसे पढ़ें किताबें: क्या आप भी किताबों की दुकान पर जाकर ढेर सारी किताबें खरीद लाते हैं, लेकिन वे बस आपकी अलमारी की शोभा बढ़ा रही हैं? क्या आपका भी मन करता है कि काश! थोड़ा समय मिलता तो इस संडे यह नॉवेल खत्म कर देता/देती?
भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का काम, और सोशल मीडिया के ‘अनंत स्क्रॉलिंग’ के बीच “समय नहीं मिलता” आज के दौर का सबसे बड़ा सच बन चुका है। लेकिन सच कहें, तो समय कभी मिलता नहीं है, समय निकालना पड़ता है।
अगर आप भी अपनी व्यस्त दिनचर्या में से पढ़ने (Reading) के लिए वक्त चुराना चाहते हैं, तो इन 5 आसान और दिलचस्प तरीकों को आजमाकर देखिए। यकीन मानिए, किताबें आपकी सबसे अच्छी दोस्त बन जाएंगी!
‘स्क्रीन टाइम’ को कहें अलविदा, ‘बुक टाइम’ से करें दोस्ती
ऐसे पढ़ें किताबें: कैचअप लाइन: जब रील्स (Reels) के लिए समय है, तो बुक्स के लिए क्यों नहीं?
हम अक्सर कहते हैं कि हमारे पास समय नहीं है, लेकिन अपने फोन का ‘स्क्रीन टाइम’ चेक कीजिए। हमें पता भी नहीं चलता और हम दिन के 2 से 3 घंटे सोशल मीडिया पर स्क्रॉलिंग करते हुए बिता देते हैं।
क्या करें: रात को सोने से ठीक पहले या सुबह उठते ही सबसे पहले फोन उठाने की आदत बदलें।
सीक्रेट हैक: अपने बेडसाइड टेबल पर फोन की जगह एक दिलचस्प किताब रखें। सोने से पहले सिर्फ 15 मिनट इंस्टाग्राम चलाने के बजाय किताब के कुछ पन्ने पढ़ें। इससे नींद भी अच्छी आएगी और आपकी पढ़ने की आदत भी वापस लौट आएगी।
‘द 10-पेज फॉर्मूला’: पहाड़ मत तोड़िए, बस शुरुआत कीजिए
ऐसे पढ़ें किताबें: कैचअप लाइन: बूंद-बूंद से सागर भरता है, और पन्ने-पन्ने से किताब!
अक्सर लोग सोचते हैं कि जब तक उनके पास पूरा एक घंटा खाली न हो, वे पढ़ने नहीं बैठेंगे। यही सबसे बड़ी गलती है। आपको एक दिन में पूरी किताब खत्म करने का रिकॉर्ड नहीं बनाना है।
नियम बनाएं: रोज सिर्फ 10 पन्ने पढ़ने का नियम तय करें।
गणित समझिए: अगर आप रोज सिर्फ 10 पन्ने पढ़ते हैं, तो महीने में 300 पन्ने पढ़ लेंगे। यानी हर महीने एक पूरी किताब! साल भर में 12 किताबें। है ना यह कमाल का और आसान तरीका?
सफर के सूनेपन को किताबों से भरें (The Commute Companion)
कैचअप लाइन: ट्रैफिक के जाम को बनाएं ज्ञान का रास्ता!
चाहे आप दिल्ली-मुंबई की मेट्रो में सफर कर रहे हों, ऑफिस की कैब में हों, या किसी दोस्त का इंतजार कर रहे हों—यह वो समय है जिसे हम अक्सर ‘वेस्ट टाइम’ मानकर छोड़ देते हैं।
हमेशा तैयार रहें: अपने बैग में हमेशा एक ‘पॉकेट बुक’ या किंडल (Kindle) रखें।
स्मार्ट चॉइस: यदि आपको सफर में पढ़ने से सिरदर्द होता है या जगह नहीं मिलती, तो ऑडियोबुक्स (Audiobooks) का इस्तेमाल करें। गाड़ी चलाते हुए या वॉक करते हुए ईयरफोन लगाइए और अपनी पसंदीदा किताब सुनते हुए आगे बढ़िए।
‘रीडिंग कॉर्नर’: घर में बनाएं अपना एक जादुई कोना
कैचअप लाइन: जैसी वाइब, वैसी आदत!
माहौल का हमारे दिमाग पर बहुत गहरा असर पड़ता है। अगर आप बिस्तर पर लेटकर पढ़ेंगे, तो 5 मिनट में नींद आना स्वाभाविक है।
एक छोटा सा कोना सजायें: अपने घर के किसी भी हिस्से में एक आरामदायक कुर्सी या कुशन रखें। वहां अच्छी रोशनी (Reading Light) का इंतजाम करें।
रूल बुक: तय कर लें कि इस कोने में जब भी आप बैठेंगे, आपके हाथ में कोई गैजेट नहीं बल्कि सिर्फ एक किताब होगी। यह कोना आपको खुद-ब-खुद पढ़ने के लिए आकर्षित करेगा।
‘बुक क्लब’ ज्वाइन करें या एक ‘रीडिंग बडी’ ढूंढें
इंसान एक सामाजिक प्राणी है। जब हमारे साथ कोई और भी वही काम कर रहा होता है, तो हमारी दिलचस्पी दोगुनी हो जाती है।
पार्टनर ढूंढें: अपने किसी ऐसे दोस्त को ढूंढें जिसे पढ़ने का शौक हो। दोनों मिलकर एक ही किताब चुन सकते हैं और तय कर सकते हैं कि इस हफ्ते 4 चैप्टर खत्म करने हैं।
चर्चा करें: वीकेंड पर चाय की चुस्कियों के साथ उस किताब की कहानी या विचारों पर चर्चा करें। इससे पढ़ने का मजा तो बढ़ेगा ही, साथ ही आपकी दोस्ती भी गहरी होगी।
आखिरी बात: शुरुआत उस किताब से करें जो आपको पसंद हो!
जबरदस्ती किसी ऐसी भारी-भरकम या बोरिंग किताब से शुरुआत न करें जो दुनिया में बहुत मशहूर हो। शुरुआत हमेशा अपनी पसंद के विषय (क्राइम, सस्पेंस, लव स्टोरी, सेल्फ-हेल्प या कॉमिक्स) से करें।
किताबें पढ़ना कोई टास्क या काम नहीं है, यह तो खुद को दिया जाने वाला एक खूबसूरत तोहफा है। तो आज ही अपनी अलमारी से धूल हटाइए, कोई एक किताब चुनिए और बस पहला पन्ना पलट दीजिए!
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